EVM खराबी से राजस्थान के 4 निकायों में अध्यक्ष चुनाव रुके, जयपुर में 16 सितंबर को फिर वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम जयपुर, नगर निगम जोधपुर, नगर निगम कोटा और नगरपालिका सुकेत में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के चुनाव फिलहाल टाल दिए हैं। इन चारों निकायों में कुछ वार्डों के परिणाम EVM खराबी के कारण घोषित नहीं हो पाए।

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने चार निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित कर दिए हैं। यह फैसला नगर निगम जयपुर, जोधपुर, कोटा और नगरपालिका सुकेत में कुछ बूथों के परिणाम EVM में तकनीकी खराबी के कारण जारी नहीं होने के बाद लिया गया है।
Rajasthan Nikay Election में इन निकायों के पूरे परिणाम घोषित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में निर्धारित तारीखों पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव कराना संभव नहीं माना गया। आयोग अब प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान कराएगा। जयपुर में 16 सितंबर को चार वार्डों के पांच बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक फ्रेश पोल होगा।
4 निकायों में चुनाव स्थगित
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम जयपुर, नगर निगम जोधपुर, नगर निगम कोटा और नगरपालिका सुकेत में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के चुनाव फिलहाल टाल दिए हैं। इन चारों निकायों में कुछ वार्डों के परिणाम EVM खराबी के कारण घोषित नहीं हो पाए।
आयोग ने नगरीय निकाय आम चुनाव, अगस्त-सितंबर 2026 का कार्यक्रम 19 अगस्त को जारी किया था। उसी कार्यक्रम के अनुसार मतगणना और फिर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों की चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़नी थी।
लेकिन चार निकायों में परिणाम अधूरे रह गए। जब किसी निकाय के सभी वार्डों का परिणाम घोषित नहीं होता, तब बोर्ड गठन और अध्यक्ष पद की गणना पर असर पड़ता है। इसी कारण आयोग ने आगामी आदेश तक चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया।
इन बूथों पर होगा पुनर्मतदान
मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी की शिकायतों के बाद आयोग ने संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों से रिपोर्ट ली। रिपोर्टों की जांच के बाद आयोग ने कुछ बूथों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला किया।
नगर निगम जोधपुर के वार्ड संख्या 50 के बूथ संख्या 338 पर पुनर्मतदान होगा। नगर निगम कोटा में वार्ड संख्या 87 के बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 के बूथ संख्या 448 और वार्ड संख्या 11 के बूथ संख्या 576 पर फिर से वोट डाले जाएंगे।
नगरपालिका सुकेत के वार्ड संख्या 04 के बूथ संख्या 05 पर भी पुनर्मतदान कराया जाएगा। इन जगहों पर तकनीकी खराबी से प्रभावित मतों की संख्या निकटतम प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के वोट अंतर से अधिक पाई गई।
जयपुर में 16 सितंबर को फ्रेश पोल
जयपुर नगर निगम के चार वार्डों में भी पुनर्मतदान होगा। आयोग के निर्देशों के अनुसार वार्ड संख्या 09 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343 और वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 व 484 पर फ्रेश पोल कराया जाएगा।
इन मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। पुनर्मतदान के बाद ही इन वार्डों के अंतिम परिणाम स्पष्ट होंगे।
जयपुर नगर निगम में बोर्ड गठन की गणित पहले से ही चर्चा में है। ऐसे में इन चार वार्डों के नतीजे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अंतिम परिणाम आने के बाद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों की आगे की चुनावी प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
9 वार्डों के परिणाम बाकी
आयोग के अधिकृत आंकड़ों के अनुसार 309 नगरीय निकायों के कुल 10,244 वार्डों में से 10,235 वार्डों के परिणाम जारी हो चुके हैं। अब केवल 9 वार्डों के परिणाम बाकी हैं।
इनमें जयपुर नगर निगम के 4 वार्ड, जोधपुर नगर निगम का 1 वार्ड, कोटा नगर निगम के 3 वार्ड और सुकेत नगरपालिका का 1 वार्ड शामिल है।
अब तक घोषित परिणामों में भाजपा ने 4,179 वार्डों में जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने 3,613 वार्डों में जीत हासिल की। आम आदमी पार्टी के 42, बीएपी के 8, बीएसपी के 19, सीपीआईएम के 38 और आरएलपी के 63 उम्मीदवार जीते हैं।
EVM खराबी से बदली टाइमलाइन
चार निकायों में EVM खराबी का असर सिर्फ वार्ड नतीजों तक सीमित नहीं रहा। इससे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों की पूरी चुनावी टाइमलाइन प्रभावित हो गई है।
आयोग ने पुनर्मतदान का फैसला इसलिए लिया, क्योंकि खराब EVM में प्रभावित वोटों की संख्या उम्मीदवारों के बीच जीत-हार के अंतर से ज्यादा थी। ऐसी स्थिति में बिना पुनर्मतदान के परिणाम घोषित करना चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकता था।
अब इन निकायों में पहले पुनर्मतदान होगा। उसके बाद संबंधित वार्डों के परिणाम घोषित होंगे। परिणाम पूरे होने के बाद आयोग अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव के लिए नया आदेश जारी करेगा।
बोर्ड गठन पर असर
जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े नगर निगमों में अध्यक्ष या महापौर पद की चुनावी गणित वार्ड परिणामों पर निर्भर करती है। कुछ सीटों का परिणाम अटकने से दलों की रणनीति भी रुक गई है।
राजनीतिक दलों को अब पुनर्मतदान और बाकी नतीजों का इंतजार करना होगा। जिन निकायों में मुकाबला नजदीकी है, वहां एक-एक वार्ड बोर्ड गठन में अहम भूमिका निभा सकता है।
मतदाताओं के लिए भी यह चरण महत्वपूर्ण है। जिन बूथों पर फ्रेश पोल होगा, वहां के वोटर फिर से मतदान करेंगे। अंतिम परिणाम आने के बाद ही यह साफ होगा कि इन चार निकायों में शहर की कमान किसके हाथ जाएगी।
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