Ajmer Congress Ticket List: नामांकन वापसी के बाद 340 प्रत्याशी मैदान में
पार्टी सिंबल 31 अगस्त को बांटे गए, जिसमें बीजेपी ने सभी वार्ड कवर कर लिए, लेकिन कांग्रेस इन दो वार्ड पर फैसला टालती रही। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 3 सितंबर तय है, ऐसे में अब भी सस्पेंस बना हुआ है कि इन सीटों पर पार्टी आखिर क्या रुख अपनाएगी।

नामांकन वापसी के बाद अब Ajmer Congress Ticket List और पूरी चुनावी तस्वीर साफ हो चुकी है। अजमेर नगर निगम के 80 वार्ड के लिए कुल 340 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें बीजेपी के 79 और कांग्रेस के 77 आधिकारिक उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि बागी और निर्दलीय मिलाकर 184 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं।
कई वार्ड में पार्टी के अपने ही बागियों ने मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस के 47 और बीजेपी के 19 बागी नेता निर्दलीय के तौर पर ताल ठोक रहे हैं, जिससे दोनों दलों के लिए चुनौती बढ़ गई है।
नामांकन वापसी के बाद फाइनल आंकड़े
शुरुआती नामांकन के दौर में बीजेपी ने सभी 80 वार्ड में उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक वार्ड में नामांकन खारिज होने से पार्टी के प्रत्याशियों की संख्या अब 79 रह गई है। कांग्रेस की तरफ से भी एक और नामांकन खारिज हुआ, जिससे पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार 77 पर आ गए।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कुल 340 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। इनमें बड़ी संख्या बागियों और निर्दलीयों की है, जो टिकट न मिलने से नाराज होकर मैदान में उतरे हैं।
वार्ड 3 और वार्ड 4 का समीकरण अब साफ
वार्ड 3 में कांग्रेस ने कोई आधिकारिक प्रत्याशी नहीं उतारा। यहां बीजेपी की अनामिका शर्मा का मुकाबला संध्या कबरा से है, जो कांग्रेस की बागी हैं और अब निर्दलीय लड़ रही हैं, पार्टी का समर्थन उन्हें बताया जा रहा है।
वार्ड 4 में भी कांग्रेस मैदान से बाहर रही। यहां बीजेपी की मोनिका जैन का सीधा मुकाबला निर्दलीय हेमा गहलोत से है, जिनके पति दो बार शहर के मेयर रह चुके हैं।
वार्ड 24 और 41 में बड़ा उलटफेर
वार्ड 24 में बीजेपी का नामांकन खारिज हो गया, जिससे मुकाबला और पेचीदा हो गया। यहां कांग्रेस की बागी और तीन बार की पार्षद रह चुकीं रश्मि हिंगोरानी अब निर्दलीय के तौर पर मजबूत स्थिति में मानी जा रही हैं।
वार्ड 41 में कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार का नामांकन खारिज हुआ, जिसके बाद पार्टी ने निर्दलीय दिनेश शर्मा को समर्थन देने का फैसला किया। यहां बीजेपी के सुनील सिंह का मुकाबला अपनी ही पार्टी की बागी और पूर्व पार्षद नीतू मिश्रा से है।
बागियों ने बढ़ाई दोनों दलों की मुश्किल
इस बार अजमेर नगर निगम चुनाव में बागियों की संख्या खासा असर डाल रही है। टिकट न मिलने से नाराज होकर बड़ी तादाद में कार्यकर्ता निर्दलीय मैदान में उतरे हैं, जिससे कई वार्ड में मुकाबला त्रिकोणीय या इससे भी ज्यादा उलझा हुआ बन गया है।
दोनों प्रमुख दलों के लिए यह स्थिति चुनौती बनी हुई है, क्योंकि अपने ही बागी उम्मीदवार वोट बंटवारे की वजह बन सकते हैं।
आगे क्या, मतदान को लेकर क्या स्थिति
फिलहाल नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अजमेर नगर निगम चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। मतदान की आधिकारिक तारीख को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की अलग से घोषणा का इंतजार बना हुआ है। राजस्थान निकाय चुनाव की बाकी सीटों पर भी बीजेपी-कांग्रेस के बीच टिकट और बगावत को लेकर खींचतान अब भी जारी है, और अजमेर की यह तस्वीर राज्यभर के चुनावी घमासान का ही एक हिस्सा नजर आती है।
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