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Suneil Anand पिता की विरासत पर फिल्म बनाना चाहते थे, अधूरा रह गया सपना

सुनिल आनंद ने 30 जून को ही अपना 70वां जन्मदिन मनाया था, उन्‍होंने अपने पिता के साथ लंबे समय तक काम किया। 1970 के दशक के आखिरी वर्षों और 1980 के दशक की शुरुआत में देव आनंद के कई डायरेक्टोरियल प्रोजेक्ट्स में उन्हें असिस्ट किया।

Suneil Anand का 70 साल की उम्र में लंदन में निधन हो गया। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता-फिल्ममेकर देव आनंद और एक्ट्रेस कल्पना कार्तिक के बेटे थे। Suneil Anand ने 1984 में ‘आनंद और आनंद’ से एक्टिंग डेब्यू किया था और बाद में नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारी संभाली। परिवार ने दुख की घड़ी में प्राइवेसी की अपील की है।

डॉक्‍टर्स की कोशिशों के बावजूद Suneil Anand को बचाया नहीं जा सका

देव आनंद के बेटे, एक्टर और फिल्ममेकर Suneil Anand का 70 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने लंदन में अंतिम सांस ली। परिवार की ओर से साझा बयान में उनके निधन की पुष्टि की गई।

सुनिल आनंद को हार्ट अटैक आया था। वे अमेरिका से ब्रिटेन होते हुए भारत आ रहे थे। लंदन में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टर स्टेंट प्रक्रिया की तैयारी कर रहे थे। प्रक्रिया से पहले उन्हें दूसरा हार्ट अटैक आया। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

एक भावुक संयोग भी सामने आया। उन्होंने उसी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वर्षों पहले उनके पिता देव आनंद का निधन हुआ था।

परिवार का जरूरी बयान

परिवार की ओर से सुनिल आनंद की भतीजी जीना नारंग ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि परिवार भारी मन से Suneil Anand के निधन का शोक मना रहा है।

बयान में परिवार ने प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए आभार जताया। परिवार ने इस कठिन समय में प्राइवेसी देने की अपील भी की।

देव आनंद के करीबी मोहन चूरीवाला ने भी सुनिल आनंद के निधन की वजह हार्ट अटैक बताई। उन्होंने कहा कि देव आनंद की बेटी देविना आनंद लंदन जा रही हैं।

सुनिल आनंद ने 30 जून को ही अपना 70वां जन्मदिन मनाया था। कुछ ही हफ्तों बाद उनके निधन की खबर ने फिल्म जगत और देव आनंद के प्रशंसकों को दुखी कर दिया।

देव आनंद की विरासत का बड़ा असर

Suneil Anand ऐसे परिवार से आते थे, जिसकी पहचान हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर से जुड़ी रही। उनके पिता देव आनंद अभिनेता, निर्माता और निर्देशक के रूप में भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय चेहरों में शामिल रहे। उनकी मां कल्पना कार्तिक भी अभिनेत्री थीं।

सुनिल आनंद ने अपने पिता के साथ लंबे समय तक काम किया। उन्होंने 1970 के दशक के आखिरी वर्षों और 1980 के दशक की शुरुआत में देव आनंद के कई डायरेक्टोरियल प्रोजेक्ट्स में उन्हें असिस्ट किया।

उनका रिश्ता सिर्फ पिता-पुत्र का नहीं था। वे देव आनंद के काम, शेड्यूल, सेहत और नवकेतन फिल्म्स से जुड़े दायित्वों को संभालते रहे। उन्होंने एक बार कहा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 40 साल पिता के साथ रहते हुए बिताए और उनकी भलाई तथा कामकाज का ध्यान रखा।

एक्टिंग करियर की पूरी टाइमलाइन

सुनिल आनंद ने 1984 में फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से एक्टिंग डेब्यू किया। इस फिल्म का निर्देशन देव आनंद ने किया था। पिता ने बेटे को बड़े पर्दे पर लॉन्च किया।

इसके बाद वे ‘कार थीफ’ में नजर आए। यह फिल्म 1986 में आई थी। फिर 1989 में उन्होंने ‘मैं तेरे लिए’ में काम किया। 2001 में वे ‘मास्टर’ में दिखे, जो उनके निर्देशन से भी जुड़ी फिल्म रही।

इन फिल्मों से उन्हें वह बड़ी स्टार पहचान नहीं मिली, जो उनके पिता देव आनंद को मिली थी। लेकिन उन्होंने सिनेमा से रिश्ता नहीं छोड़ा।

Suneil Anand ने कैमरे के सामने भी काम किया और कैमरे के पीछे भी। यही उनकी पहचान का अहम हिस्सा रहा।

नवकेतन फिल्म्स की जरूरी भूमिका

देव आनंद के निधन के बाद Suneil Anand ने नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारी संभाली। यह वही बैनर है, जिसने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

सुनिल आनंद इस विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश करते रहे। उनके लिए नवकेतन केवल एक प्रोडक्शन हाउस नहीं था। यह देव आनंद की फिल्मी सोच, ऊर्जा और सिनेमाई पहचान का विस्तार था।

उन्होंने पिता की क्लासिक फिल्म ‘गाइड’ को 2008 में कान्स फिल्म फेस्टिवल तक ले जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इस मौके को देव आनंद, नवकेतन और भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना था।

उनके लिए पिता की विरासत संभालना निजी जिम्मेदारी भी थी और फिल्मी मिशन भी।

पिता पर फिल्म का अधूरा सपना

Suneil Anand अपने पिता देव आनंद को समर्पित एक बड़ी फिल्म पर काम करना चाहते थे। उन्होंने इसे पिता को समर्पित फिल्म बताया था। उनका कहना था कि वे इसे प्रोड्यूस और डायरेक्ट करेंगे।

उन्होंने कहा था कि शो जारी रहेगा और वे पिता की विरासत को आगे बढ़ाते रहेंगे।

उनका यह सपना अब अधूरा रह गया है। यह बात उनके निधन को और भावुक बना देती है। एक बेटा, जिसने पिता के साथ काम किया, पिता की फिल्मों को संभाला और पिता की याद को सिनेमा में बदलना चाहता था, वह अपनी योजना पूरी नहीं कर सका।

देव आनंद के प्रशंसकों के लिए यह नुकसान केवल एक परिवार का शोक नहीं है। यह एक फिल्मी विरासत की अधूरी कड़ी भी है।

Dev Anand परिवार का ग्राउंड इम्पैक्ट

देव आनंद का नाम हिंदी सिनेमा में आज भी ऊर्जा, रोमांस और लगातार काम करते रहने की मिसाल माना जाता है। Suneil Anand ने इसी विरासत के साथ अपना जीवन बिताया।

उन्होंने एक बार अपने पिता को पढ़ा-लिखा और हर विषय पर बात करने वाला व्यक्ति बताया था। वे कहते थे कि देव आनंद सड़क के आम आदमी से भी उतनी सहजता से बात कर सकते थे, जितनी शाही परिवारों या बड़े लोगों से।

उनकी नजर में देव आनंद विनम्र थे। इतने बड़े स्टार होने के बावजूद उनमें सहजता थी।

सुनिल आनंद ने पिता को करीब से देखा। यही अनुभव उनके जीवन और काम दोनों में दिखता रहा।

बॉलीवुड में शोक की लहर

सुनिल आनंद के निधन से देव आनंद की फिल्मी विरासत से जुड़े लोगों और प्रशंसकों में शोक है। वे हिंदी सिनेमा के ऐसे परिवार से थे, जिसने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।

उनकी अपनी फिल्में बड़े बॉक्स ऑफिस मुकाम तक नहीं पहुंचीं, लेकिन उनका योगदान पिता की विरासत और नवकेतन फिल्म्स को जीवित रखने में रहा।

वे कम बोलने वाले, विरासत से जुड़े और पिता की यादों को सहेजने वाले व्यक्ति के रूप में याद किए जाएंगे।

Suneil Anand का निधन उस दौर की याद भी ताजा करता है, जब फिल्मी परिवार केवल स्टारडम नहीं, बल्कि बैनर, स्टूडियो और रचनात्मक पहचान के रूप में पहचाने जाते थे।

आगे क्या होगा

परिवार ने इस कठिन समय में प्राइवेसी की अपील की है। देव आनंद की बेटी देविना आनंद लंदन जा रही हैं। आगे अंतिम संस्कार और पारिवारिक निर्णयों से जुड़ी जानकारी परिवार की ओर से तय होगी।

सुनिल आनंद की जिंदगी पिता की छाया, सिनेमा की कोशिशों और नवकेतन की जिम्मेदारी के बीच गुजरी। वे उस विरासत को संभालते रहे, जिसने हिंदी सिनेमा को कई यादगार पल दिए।

अब उनके जाने के बाद सवाल यही रहेगा कि नवकेतन फिल्म्स और देव आनंद की विरासत को आगे कौन और कैसे संभालेगा। सिनेमा में कुछ लोग बड़े पर्दे से याद रहते हैं, कुछ पर्दे के पीछे निभाई जिम्मेदारियों से। सुनिल आनंद दूसरी तरह की याद छोड़ गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: Suneil Anand कौन थे?
उत्तर: Suneil Anand देव आनंद और कल्पना कार्तिक के बेटे थे। वे एक्टर, फिल्ममेकर और नवकेतन फिल्म्स से जुड़े रहे।

प्रश्न 2: Suneil Anand का निधन कहां हुआ?
उत्तर: उनका निधन लंदन में हुआ। वे अमेरिका से ब्रिटेन होते हुए भारत आ रहे थे।

प्रश्न 3: Suneil Anand की मौत की वजह क्या थी?
उत्तर: उन्हें हार्ट अटैक आया था। अस्पताल में स्टेंट प्रक्रिया से पहले दूसरा हार्ट अटैक हुआ और उन्हें बचाया नहीं जा सका।

प्रश्न 4: Suneil Anand ने किस फिल्म से डेब्यू किया था?
उत्तर: उन्होंने 1984 में ‘आनंद और आनंद’ से एक्टिंग डेब्यू किया था, जिसे देव आनंद ने डायरेक्ट किया था।

प्रश्न 5: Suneil Anand ने किन फिल्मों में काम किया था?
उत्तर: उन्होंने ‘आनंद और आनंद’, ‘कार थीफ’, ‘मैं तेरे लिए’ और ‘मास्टर’ जैसी फिल्मों में काम किया था।

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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