कंगना ने हुड़दंग कहा, शबाना ने अनशन तुड़वाया; CJP प्रदर्शन का पूरा घटनाक्रम
कंगना ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को हुड़दंग और उत्पात बताया। उनका कहना था कि जिस तरह आंदोलन चल रहा है, वह ठीक नहीं है।

CJP Protest संसद के मानसून सत्र के बीच जंतर-मंतर से राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया है। बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने इसे हुड़दंग और उत्पात बताया, जबकि हेमा मालिनी ने कहा कि आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होगा। दूसरी ओर शबाना आजमी, प्रकाश राज, जावेद अख्तर और कई कलाकार प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने आए हैं।
CJP Protest का बड़ा असर
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP Protest अब केवल सड़क का आंदोलन नहीं रह गया है। संसद के मानसून सत्र के बीच यह राजनीतिक बयानबाजी, छात्रों की मांगों और फिल्म इंडस्ट्री के समर्थन का बड़ा केंद्र बन गया है।
बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उनके मुताबिक सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, आंदोलन नहीं।
कंगना ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को हुड़दंग और उत्पात बताया। उनका कहना था कि जिस तरह आंदोलन चल रहा है, वह ठीक नहीं है।
यहीं से बहस और तेज हो गई। एक तरफ बीजेपी सांसद आंदोलन के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं, दूसरी तरफ कई कलाकार इसे छात्रों की आवाज और शांतिपूर्ण विरोध से जोड़ रहे हैं।
जंतर-मंतर की पूरी टाइमलाइन
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। आंदोलन मानसून सत्र के दौरान और ज्यादा चर्चा में आया।
संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत में कंगना रनोट ने कहा कि संसद सत्र का उद्देश्य सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करना और सवाल उठाना है। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार चुनी है और सरकार चलाने का अधिकार उसी के पास है।
कंगना के मुताबिक, अगर कोई इतना ही मजबूत महसूस करता है, तो उसे चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के जरिए सरकार का हाथ मरोड़ना ठीक नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे हर कोई बीजेपी और सनातन संस्कृति की शरण में आएगा, क्योंकि यही हमारी अपनी संस्कृति है।
कंगना ने और क्या कहा
कंगना रनोट का बयान आंदोलन की वैधता से ज्यादा उसके तरीके पर केंद्रित रहा। उन्होंने साफ कहा कि पद से हटाने या रखने के लिए दबाव बनाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सही रास्ता नहीं है।
VIDEO | Parliament Monsoon Session: BJP MP Kangana Ranaut says, “Our parliamentary sessions are meant specifically for us to discuss all issues in an extensive and detailed manner and to raise relevant questions. Creating a ruckus, causing disruptions, and protesting in this… pic.twitter.com/lTfWpvm0eL
— Press Trust of India (@PTI_News) July 20, 2026
उनकी टिप्पणी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के संदर्भ में भी देखी जा रही है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के समर्थन में जंतर-मंतर पर जुटे हैं।
कंगना का तर्क है कि संसद मौजूद है, सत्र चल रहा है और मुद्दों पर बहस वहीं होनी चाहिए। उनके बयान ने प्रदर्शन बनाम संसदीय प्रक्रिया की बहस को नया मोड़ दिया।
CJP Protest पर यह बीजेपी खेमे की सबसे स्पष्ट प्रतिक्रियाओं में से एक रही।
हेमा मालिनी का अगला कदम
बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने भी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन मीडिया से कहा कि इस तरह आंदोलन करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
#WATCH | Monsoon session of Parliament | Delhi: BJP MP Hema Malini says, “If there is a problem, it should be discussed properly. Protesting in this manner won’t achieve anything. As for the country’s youth and the education system, our Modi government has always stood by them… pic.twitter.com/4HQqf90fqk
— ANI (@ANI) July 20, 2026
हेमा मालिनी ने कहा कि अगर कोई समस्या है, तो उस पर ठीक से चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के साथ हमेशा खड़ी रही है और उसने काफी काम किया है।
उन्होंने मौजूदा आंदोलन को बेकार बताया और कहा कि मामले को बातचीत से सुलझाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों को शामिल करके उन्हें गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
बॉलीवुड समर्थन का ग्राउंड इम्पैक्ट
CJP Protest को फिल्म इंडस्ट्री से भी लगातार समर्थन मिल रहा है। कई कलाकारों ने प्रदर्शनकारियों और छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई है।
एक्टर प्रकाश राज ने सरकार से अपील की कि वह प्रदर्शनकारियों और छात्रों से बातचीत करे। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का सम्मान करने की बात कही।
एक्ट्रेस शबाना आजमी ने भी आंदोलन का समर्थन किया। उनके पति और मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखा। उन्होंने लद्दाख की चिंताओं को दूर करने और बातचीत शुरू करने की मांग की।
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नसीरुद्दीन शाह, विशाल ददलानी, दीया मिर्जा, ओनिर और ओमी वैद्य ने भी सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण तरीके की तारीफ की।
इस समर्थन ने आंदोलन को सिर्फ छात्र राजनीति तक सीमित नहीं रहने दिया। यह अब नागरिक संवाद और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहस से जुड़ गया है।
अनशन खत्म होने का बड़ा मोड़
जंतर-मंतर पर तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे तीन छात्र नेताओं का अनशन सोमवार को खत्म हुआ। नेहा, अमीन और मनीष कुमार ने अनशन किया था। ये तीनों ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA से जुड़े हैं।
For one minute I was zapped thinking “WTF! What’s happening here?”
Then I saw it’s Shabana Azmi & everything made sense.😂😂😂😂 https://t.co/CjYx9kKhkA
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) July 19, 2026
एक्ट्रेस शबाना आजमी, राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा और एक्टर प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया।
what strength what conviction! she protested all day without backing down shabana azmi you are a true legend #CJPProtest pic.twitter.com/NN4pQ9dfqR
— N (@pkfancamrants) July 20, 2026
16-YEAR-OLD GIRLS TEAR THROUGH GOVT’S “ANTI-NATIONAL” SCRIPT 🔥
REPORTER: What happened here?
KANIKA 😡: We were marching peacefully. Police pushed us, hit us, tore clothes and hurt students. Is this why they have power?
REPORTER: Why did you come?
ANSHIKA 🔥: We skipped… pic.twitter.com/IWaTfPBfYH
— Mr Sharma (@sharma_views) July 20, 2026
इससे एक दिन पहले रविवार को भी शबाना आजमी और प्रकाश राज जंतर-मंतर पर मौजूद थे। रविवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी प्रदर्शनकारी नेहा का शबाना आजमी ने हाथ थामकर हौसला बढ़ाया था।
यह दृश्य आंदोलन के भावनात्मक पक्ष को सामने लाया। राजनीतिक बयानबाजी के बीच छात्र नेताओं का अनशन इस पूरे आंदोलन का मानवीय चेहरा बन गया।
कविता कौशिक की जरूरी अपील
टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया।
उन्होंने दिल्ली पुलिस से अपील की कि प्रदर्शनकारियों के साथ संयम और मानवीय व्यवहार किया जाए। कविता ने कहा कि पुलिसकर्मियों की भी अपनी फैमिली होती है और उन्हें यह याद रखना चाहिए कि सामने खड़े लोग भी देश के नागरिक हैं।
उन्होंने वीडियो में कहा कि हर परिवार चाहता है कि मेडिकल इमरजेंसी के समय उसे एक योग्य डॉक्टर मिले। इसी वजह से कई छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कविता ने पुलिस से अनुरोध किया कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों या आम नागरिकों पर हाथ न उठाया जाए और उनके खिलाफ बल का प्रयोग न किया जाए।
The government should understand that if the protest has to be ended then the Education Minister will have to resign.Lathi charge, beating students, surrounding the Parliament House, releasing tear gas, this is just oppression.#CJPProtest #संसद_मार्च https://t.co/kT7gmDWyzL
— 𝗚𝗮𝗺𝗲 𝗢𝗳 𝗕𝗷𝗽 🪷 (@Game_Of_BJP) July 20, 2026
उनका संदेश आंदोलन की राजनीति से हटकर नागरिक सुरक्षा और पुलिस व्यवहार पर केंद्रित रहा।
छात्र आंदोलन की असली वजह
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का केंद्र छात्रों की मांगें हैं। CJP छात्रों के समर्थन में कई दिनों से आंदोलन कर रही है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
इस आंदोलन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी है। इसी मांग पर हेमा मालिनी ने कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि कंगना ने साफ कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए दबाव बनाना गलत है।
यहीं आंदोलन दो हिस्सों में बंटता दिखता है। एक पक्ष इसे छात्रों की आवाज मानता है। दूसरा पक्ष इसे संसदीय प्रक्रिया पर दबाव बनाने की कोशिश बताता है।
CJP Protest की सबसे बड़ी बात यही है कि इसने सड़क, संसद और सिनेमा—तीनों को एक बहस में ला दिया है।
संसद बनाम सड़क की बहस
कंगना रनोट और हेमा मालिनी के बयानों का साझा संदेश बातचीत और संसदीय प्रक्रिया पर जोर देता है। दोनों ने आंदोलन को समाधान का रास्ता नहीं माना।
कंगना ने कहा कि संसद सभी मुद्दों पर चर्चा करने की जगह है। हेमा मालिनी ने भी कहा कि समस्या है तो ठीक से चर्चा होनी चाहिए।
दूसरी ओर आंदोलन के समर्थक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और छात्रों की आवाज पर जोर दे रहे हैं। प्रकाश राज, शबाना आजमी और अन्य कलाकारों ने सरकार से संवाद की मांग की है।
यही लोकतंत्र की जटिल तस्वीर है। सड़क पर आवाज उठती है। संसद में सवाल पूछे जाते हैं। सरकार पर समाधान का दबाव बनता है।
लेकिन तरीका ही अब असली विवाद बन गया है।
फिल्मी चेहरों का बड़ा असर
इस आंदोलन में फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी ने इसे व्यापक चर्चा दिलाई है। शबाना आजमी और प्रकाश राज जंतर-मंतर पहुंचे। जावेद अख्तर ने खुला खत लिखा। नसीरुद्दीन शाह, विशाल ददलानी, दीया मिर्जा, ओनिर और ओमी वैद्य ने सोशल मीडिया पर समर्थन जताया।
दूसरी ओर कंगना रनोट और हेमा मालिनी ने आंदोलन की आलोचना की। दोनों बीजेपी सांसद हैं और दोनों ने सड़क पर प्रदर्शन की उपयोगिता पर सवाल उठाए।
यानी फिल्म इंडस्ट्री इस मुद्दे पर एक राय में नहीं है। कुछ कलाकार इसे जनआवाज और छात्रों की मांग से जोड़ रहे हैं। कुछ इसे अनुचित दबाव और अव्यवस्थित आंदोलन मान रहे हैं।
इससे CJP Protest को और ज्यादा दृश्यता मिली है।
सरकार पर संवाद का दबाव
आंदोलन का सबसे व्यावहारिक पहलू बातचीत की मांग है। हेमा मालिनी ने कहा कि मामले को बातचीत से सुलझाना चाहिए। प्रकाश राज ने भी सरकार से प्रदर्शनकारियों और छात्रों से बात करने की अपील की।
जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री को लिखे खुले खत में लद्दाख की चिंताओं को दूर करने और बातचीत शुरू करने की मांग रखी।
इन बयानों से साफ है कि आलोचना और समर्थन के बीच एक साझा बिंदु संवाद है। फर्क केवल इतना है कि कोई आंदोलन को गलत तरीका मान रहा है, तो कोई उसे बातचीत तक पहुंचने का जरूरी रास्ता समझ रहा है।
आने वाले दिनों में यही देखा जाएगा कि सरकार, प्रदर्शनकारी और छात्र संगठनों के बीच बातचीत की कोई ठोस दिशा बनती है या नहीं।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
CJP Protest ने मानसून सत्र के पहले दिनों में ही राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, छात्र नेताओं का अनशन, बॉलीवुड का समर्थन और बीजेपी सांसदों की आलोचना—इन सबने मिलकर इस आंदोलन को राष्ट्रीय बहस बना दिया है।
अब अगला कदम संवाद पर निर्भर करेगा। अगर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर टिके रहते हैं और सरकार बातचीत का रास्ता खोलती है, तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। अगर टकराव बढ़ता है, तो संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह यह मुद्दा और तेज हो सकता है।
फिलहाल जंतर-मंतर सिर्फ प्रदर्शन स्थल नहीं रहा। वह इस सवाल का मंच बन गया है कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज कहां और कैसे सुनी जानी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: CJP Protest कहां चल रहा है?
उत्तर: CJP Protest दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा है, जहां छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन हो रहा है।
प्रश्न 2: कंगना रनोट ने CJP प्रदर्शन पर क्या कहा?
उत्तर: कंगना रनोट ने इसे हुड़दंग और उत्पात बताया। उन्होंने कहा कि सरकार पर दबाव बनाना ठीक नहीं है।
प्रश्न 3: हेमा मालिनी ने आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: हेमा मालिनी ने कहा कि आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने मामले को बातचीत से सुलझाने की बात कही।
प्रश्न 4: किन कलाकारों ने प्रदर्शन का समर्थन किया?
उत्तर: शबाना आजमी, प्रकाश राज, जावेद अख्तर, नसीरुद्दीन शाह, विशाल ददलानी, दीया मिर्जा, ओनिर और ओमी वैद्य ने समर्थन जताया।
प्रश्न 5: जंतर-मंतर पर किसका अनशन खत्म कराया गया?
उत्तर: छात्र नेता नेहा, अमीन और मनीष कुमार का अनशन शबाना आजमी, मनोज झा और प्रकाश राज ने पानी पिलाकर खत्म कराया।
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