BS-VI के बिना 1 नवंबर से दिल्ली में नो एंट्री, जयपुर-अलवर समेत राजस्थान के लाखों वाहनों पर पड़ेगा असर
एक नया नियम 1 नवंबर से लागू होगा, जो वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। नियम के मुताबिक कोई भी कार या वाहन जो दिल्ली के अलावा किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है, और उसके इंजन का प्रदूषण नियंत्रण मानक BS-VI यानी भारत स्टेज-6 से नीचे है, तो उसे दिल्ली में एंट्री नहीं दी जाएगी।

एक पल के लिए इमेजिन करें कि आप अपनी गाड़ी लेकर दिल्ली के लिए रवाना होते हैं, और बॉर्डर पर पहुंचते ही पुलिस कहे कि आप गाड़ी लेकर दिल्ली में नहीं घुस सकते, वापस लौट जाइए, वरना गाड़ी सीज कर देंगे। तो ध्यान से पढ़ लें 1 नवंबर से ऐसा ही होने वाला है। यानी ये हकीकत में होने वाला है। दिल्ली जाने वाले राजस्थान के वाहनों पर नया नियम लागू होगा, और केवल उन्हीं गाड़ियों को एंट्री मिलेगी, जो BS-VI मानक पर होंगी। दिल्ली जयपुर के बेहद नजदीक है और हर महीने लाखों गाड़ियां यहां से आती-जाती हैं, इसलिए यह नया नियम और इसका असर जानना बेहद जरूरी है।
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1 नवंबर से लागू होगा राजस्थान की गाड़ियों पर नया नियम
दिल्ली में पहले से ही 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर बैन लगा हुआ है। अब एक नया नियम 1 नवंबर से लागू होगा, जो वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। नियम के मुताबिक कोई भी कार या वाहन जो दिल्ली के अलावा किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है, और उसके इंजन का प्रदूषण नियंत्रण मानक BS-VI यानी भारत स्टेज-6 से नीचे है, तो उसे दिल्ली में एंट्री नहीं दी जाएगी। यह बैन 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा।
जयपुर, अलवर, भरतपुर समेत इन शहरों पर पड़ेगा सीधा असर
इस नियम का सबसे ज्यादा और सीधा असर जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटपूतली, नीमराना और खैरथल-तिजारा से रोजाना दिल्ली आने-जाने वालों पर पड़ेगा। राजस्थान से दिल्ली माल ले जाने वाले करीब 50 हजार कॉमर्शियल वाहन, ट्रक और पिकअप, जो BS-IV स्टैंडर्ड के हैं, भी बैन के दायरे में आ जाएंगे।
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42 लाख से ज्यादा BS-4 वाहन आएंगे बैन के दायरे में
अप्रैल 2017 से मार्च 2020 तक देशभर में करीब 42 लाख बीएस-4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। नए नियम के मुताबिक अब इन्हें भी दिल्ली में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। इनमें राजस्थान के बड़ी संख्या में निजी और कॉमर्शियल वाहन शामिल हैं, जो अब तक बिना किसी रुकावट के दिल्ली आ-जा रहे थे।
बॉर्डर पर लगे हाईटेक ANPR कैमरे खुद पकड़ेंगे गाड़ी
दिल्ली बॉर्डर पर हाईटेक कैमरे यानी ANPR सिस्टम लगाए गए हैं, जो नंबर प्लेट पढ़ते ही बता देंगे कि गाड़ी में BS-VI इंजन है या नहीं। यानी अब यह जांच पूरी तरह ऑटोमैटिक तरीके से होगी, और किसी भी गाड़ी के पास से बचकर निकलना आसान नहीं होगा।
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RC देखकर घर बैठे पता करें अपनी गाड़ी बैन होगी या नहीं
अपनी गाड़ी बैन होगी या नहीं, यह जांचना बहुत आसान है। बस अपनी गाड़ी की RC यानी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निकालिए। अगर वाहन की RC पर BS-III या BS-IV लिखा है, तो आपको दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी। अगर BS-VI लिखा है, तो आप बिना किसी रोक-टोक के जा सकते हैं। भारत में वाहनों से प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए 1 अप्रैल 2020 में BS-VI मानक लागू हुआ था, इसके बाद BS-III या BS-IV स्टैंडर्ड वाले वाहन बनाने पर ही बैन लग गया था, यानी पहले की ज्यादातर पेट्रोल-डीजल कारें BS-VI स्टैंडर्ड की नहीं हैं। एक बात और ध्यान रखने वाली है, अगर आपकी गाड़ी 10 साल पुरानी डीजल या 15 साल पुरानी पेट्रोल है, तो वह वैसे भी पहले से लागू नियम के तहत दिल्ली में बैन है।
इन 4 तरह के वाहनों को मिलेगी छूट, जानें पूरी लिस्ट
पॉल्यूशन फैलाने के दायरे में आने वाली सभी तरह की गाड़ियां बैन रहेंगी, यानी जिनका बीएस मानक पुराना है, उन्हें एंट्री नहीं मिलेगी। केवल नए मानक फॉलो करने वाले 4 तरह के वाहनों को ही जाने दिया जाएगा। पहला, वे सभी पेट्रोल-डीजल कारें जो 1 अप्रैल 2020 के बाद खरीदी गई हैं और जिनकी RC पर BS-VI लिखा है। दूसरा, CNG वाली गाड़ियां, जिन्हें बिना किसी रुकावट के एंट्री मिलेगी। तीसरा, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, जिन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, जैसा कि दिल्ली सरकार पहले से ही अपनी EV Policy के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। चौथा, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सेवाओं में लगे वाहनों को भी छूट दी गई है। ध्यान रहे कि यह बैन सिर्फ दिल्ली से बाहर की गाड़ियों पर है, दिल्ली में ही रजिस्टर्ड गाड़ियों पर यह नियम लागू नहीं होता।
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दिल्ली में पहले से लागू है ‘नो PUC, नो फ्यूल’ पॉलिसी
दिल्ली में अभी ‘नो PUC, नो फ्यूल’ पॉलिसी भी लागू है। इसके तहत अगर किसी गाड़ी का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी PUC वैलिड नहीं है, तो उसे पेट्रोल पंप पर तेल नहीं दिया जाएगा।
500 पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरे, न बना PUC तो नहीं मिलेगा तेल
दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगाए गए हैं। अगर आपकी गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट ऑनलाइन वैलिड नहीं दिखता, तो पंप वाला आपको पेट्रोल, डीजल या CNG कुछ भी नहीं देगा। पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जा सकता है, इसलिए दिल्ली जाने से पहले ‘वाहन पोर्टल’ पर जाकर PUC जरूर चेक कर लेना चाहिए, नहीं तो दिल्ली में फ्यूल मिलना मुश्किल हो जाएगा।
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रेखा गुप्ता के बयान के बाद अचानक क्यों आया यह नियम
27 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बयान जारी किया कि 1 नवंबर के बाद दिल्ली में BS-6 से नीचे का कोई भी मॉडल अलाउड नहीं होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ रहा है कि लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है, और इसी वजह से यह नियम लागू किया गया है।
232 पहुंचा दिल्ली का AQI, सांस लेना भी हुआ मुश्किल
28 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 232 तक पहुंच गया था, जो ‘खराब’ कैटेगरी में आता है। बढ़ते प्रदूषण के इस स्तर को देखते हुए ही सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है।
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दिल्ली जाने से पहले ये 3 चीजें जरूर कर लें चेक
अगर 1 नवंबर के बाद गाड़ी लेकर दिल्ली जाने का प्लान है, तो निकलने से पहले तीन चीजें जरूर समझ लेनी चाहिए। पहला, गाड़ी का सर्टिफिकेट, यानी RC में Emission Norms में BS-VI लिखा है या नहीं, अगर नहीं लिखा तो गाड़ी लेकर मत जाइए, कोई दूसरा ऑप्शन देखिए। दूसरा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, अगर नहीं बना है तो यह सिर्फ 5 मिनट का काम है, किसी भी PUC सेंटर पर बनवाया जा सकता है, और अगर पॉल्यूशन ज्यादा आ रहा है तो कार लेकर दिल्ली न जाएं। तीसरा, बॉर्डर का सीन समझ लें।
बॉर्डर पर खड़े रहेंगे 300 से ज्यादा वाहन, नहीं सुनी जाएगी कोई दलील
सरहौल, कापसेड़ा और फरीदाबाद बॉर्डर पर 300 से ज्यादा गाड़ियों का ट्रैफिक खड़ा होने की आशंका है। हाईटेक कैमरे खुद नंबर प्लेट पढ़कर बता देंगे कि गाड़ी एंट्री के लायक है या नहीं, और बैन वाली गाड़ी को वहीं से वापस राजस्थान भेज दिया जाएगा, वहां किसी तरह की बहस नहीं सुनी जाएगी।
ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर, डेढ़ लाख वाहन होंगे प्रभावित
दिल्ली सरकार के इस नए नियम का राजस्थान के वाहन मालिकों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी बड़ा असर पड़ने वाला है। लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, राजस्थान के स्टेट प्रेसिडेंट अनिल आनंद के मुताबिक ट्रांसपोर्टर और इससे जुड़े लोग माल को समय पर पहुंचाने की कोशिश करते हैं, और इस फैसले से करीब डेढ़ लाख से ज्यादा ट्रक और दूसरे वाहनों को सबसे ज्यादा परेशानी होने वाली है। ऐसे में जिनकी भी गाड़ी BS-VI मानक पर नहीं है, उन्हें अभी से अपने दिल्ली जाने के प्लान पर दोबारा विचार कर लेना चाहिए, ताकि बॉर्डर पर बेवजह परेशान न होना पड़े।
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