श्रीगंगानगर में पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए गिराए हथियार-विस्फोटक, पंजाब के दो युवक गिरफ्तार, इंस्टाग्राम हैंडलर से जुड़े तार
Pakistan Drone Weapons Seizure के तहत श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र में सोमवार रात भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए गिराई गई इस खेप में 7.750 किलोग्राम विस्फोटक, दो पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस शामिल हैं। मौके से पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

पाकिस्तान बॉर्डर से सटे श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र में Pakistan Drone Weapons Seizure का यह मामला सोमवार रात सामने आया, जब सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक सामग्री गिराई गई। इनपुट मिलने पर बीएसएफ, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और रावला पुलिस ने ग्राम पंचायत 12 केएनडी के गांव चक 4 केएनएम डब्ल्यू टेल के पास संयुक्त कार्रवाई करते हुए पंजाब निवासी दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
जिगाना पिस्टल, 867 कारतूस और सवा सात किलो विस्फोटक बरामद
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक मौके से तीन पैकेट बरामद हुए हैं। इनमें से दो पैकेट में दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस मिले हैं, जबकि तीसरे पैकेट में 7.750 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री है। इसके अलावा पांच बैटरी और दो रिमोट भी बरामद हुए हैं। पिस्टल पर ‘Made in Turkey’ लिखा हुआ है, जिससे जांच एजेंसियां हथियारों के सोर्स की पड़ताल में जुटी हैं।
ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया कि ड्रोन की मदद से राजस्थान में भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक गिराए गए हैं। इस सामग्री को भेजने वाले लोग कौन हैं और उनका मकसद क्या था, इसकी जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की तहकीकात कर रही हैं और धीरे-धीरे तथ्य सामने आने की उम्मीद है। एटीएस बीकानेर की एएसपी सुरेंद्र कुमावत के मुताबिक बरामद विस्फोटक सामग्री को आईईडी यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस के रूप में तैयार करके भेजा गया था, जिससे यह साफ होता है कि यह सामान सिर्फ जमा करने के लिए नहीं, बल्कि इस्तेमाल के लिए पहले से तैयार करके भेजा गया था।
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: On the joint ANTF-BSF operation near the Sriganganagar border, Anti-Narcotics Task Force Inspector General Vikas Kumar says, “A large quantity of weapons, cartridges, and explosives was dropped into Rajasthan’s territory across three drone sorties. We are currently counting the items; there are between 600 and 700 cartridges, some pistols, and a massive amount of explosives, including components for making IEDs, power equipment, detonators, and so on. This is a highly alarming development because, for the first time in Rajasthan, such a vast quantity of cartridges, weapons, and ammunition has been dropped…”
He adds, “The operation itself wasn’t a chance recovery, it wasn’t a case of the material simply falling or being seized unexpectedly. We had information for about a month that two suspects from Punjab were present in the Rajasthan border area with a specific agenda. Our teams monitored them with great professionalism, tracking their movements without letting them realize that the NTF team was shadowing them… Finally, yesterday we received intelligence that the consignment was due to arrive today… We are deliberately withholding the identities of the two individuals arrested for the sake of the ongoing investigation…”
— ANI (@ANI) October 13, 2026
जांच एजेंसियों के मुताबिक पिछले एक महीने से इस इलाके में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, और यह घटना उसी निगरानी के दौरान पकड़ में आई है। श्रीगंगानगर, अनूपगढ़ और आसपास का यह बॉर्डर इलाका पहले भी ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में सामने आता रहा है, जिसकी वजह से इस पूरी पट्टी को सुरक्षा एजेंसियां अब विशेष तौर पर संवेदनशील मानकर चल रही हैं।
मजदूरी के बहाने तीन दिन से रेकी कर रहे थे दोनों आरोपी
गिरफ्तार युवकों की पहचान लखविंदर सिंह (19) पुत्र जीत सिंह, निवासी फिरोजपुर और सुखविंदर सिंह (19) पुत्र सतपाल सिंह, निवासी जालंधर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों युवक मजदूरी के बहाने रावला थाना क्षेत्र में आए थे और पिछले तीन दिनों से इलाके में रेकी कर रहे थे। सुखविंदर पर पंजाब पुलिस के फाजिल्का थाने में पहले से ग्रेनेड फेंकने के आरोप में मामला दर्ज है, यानी दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है।

सीमा पर गश्त कर रहे बीएसएफ के जवान ड्रोन की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे, जहां दोनों युवक पैकेट खोल रहे थे। आरोप है कि दोनों ने एक पिस्टल निकालकर लोड कर ली और सामान लेकर गांव की ओर बढ़ने लगे। करीब 350 मीटर आगे जाने पर उन्होंने बीएसएफ जवानों को देख लिया और लोडेड पिस्टल निकालने की कोशिश की, तभी जवानों ने दोनों को दबोच लिया।
इंस्टाग्राम कॉल से हैंडलर के संपर्क में थे दोनों आरोपी
सूत्रों के मुताबिक लखविंदर और सुखविंदर तीन दिन पहले श्रीविजयनगर क्षेत्र में नरमा चुगने की मजदूरी के बहाने ठहरे थे, और इसके बाद से ही दोनों सीमावर्ती क्षेत्र की रेकी कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी इंस्टाग्राम कॉलिंग के जरिए मुख्य हैंडलर के संपर्क में थे, और ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने के बदले उन्हें लाखों रुपए मिलने थे। जिस इंस्टाग्राम आईडी पर दोनों बात कर रहे थे, उस पर पाकिस्तान का फ्लैग लगा हुआ था, हालांकि इसकी पुष्टि अभी जांच एजेंसियों की तरफ से आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है।
जिस तरह हाल के महीनों में इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए ISI एजेंडे से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं, उसी पैटर्न पर इस मामले में भी हैंडलर के जरिए लालच देकर युवाओं को जाल में फंसाने का तरीका देखा गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और इसकी जड़ें कहां तक फैली हैं।
सीमा से सटे इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी, कई सवालों की जांच बाकी
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सीमा से सटे खेतों, नहर किनारे और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। संदिग्धों से पूछताछ कर उनके संपर्कों और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच में ANTF के सीआई महेंद्र दत्त शर्मा, रावला थाना प्रभारी बलवंत कुमार, बीएसएफ के महेश, सीआईडी की एएसपी दीक्षा कामरा और एटीएस के सीआई हनुमाना राम बिश्नोई जुटे हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों और विस्फोटक की यह खेप कहां पहुंचाई जानी थी, और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। सीमा क्षेत्र में नाकाबंदी के साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, और आगे इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
राजस्थान में बीते महीनों में भी सामने आई हैं देश-विरोधी साजिशें
राजस्थान में पिछले कुछ महीनों में सीमा पार से जुड़ी देश-विरोधी गतिविधियों के कई मामले सामने आए हैं। हनुमानगढ़ पुलिस ने 27 जून 2026 को एक पाकिस्तानी आतंकी को थाने की लोकेशन और फोटो भेजने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि युवक वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के माध्यम से आतंकी से बात करता था और उसे महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करता था।
इसी तरह पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क का खुलासा भी हाल के महीनों में कई बार हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह नेटवर्क इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप के जरिए अमीर बनने का लालच देकर युवाओं को जाल में फंसाता रहा है, और राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व यूपी जैसे राज्यों में सक्रिय स्लीपर सेल बनाने की कोशिश करता रहा है।
हरियाणा और राजस्थान में ATS और STF की छापेमारी में इस साजिश के कई पहलू पहले भी सामने आ चुके हैं। बीती साजिशों में यह भी देखा गया है कि कैसे ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल सीमावर्ती राज्यों में हथियार और विस्फोटक पहुंचाने की कोशिश करते रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह चुनौती लगातार बनी हुई है।
इसके अलावा हरियाणा के अंबाला में भी पहले एक मामले में तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ था कि पाकिस्तान से बम धमाके के लिए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED हनुमानगढ़ जिले में पहुंचाई गई थी, लेकिन RDX पहुंचने में देरी से वह साजिश नाकाम हो गई थी। इन घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां राजस्थान की सीमा से लगे इलाकों में ड्रोन के जरिए हो रही गतिविधियों पर पहले से ज्यादा सतर्कता बरत रही हैं।
सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सतर्कता और बढ़ाई गई
ताजा मामले के बाद बीएसएफ ने श्रीगंगानगर, अनूपगढ़ और रावला मंडी के बॉर्डर इलाके में गश्त और बढ़ा दी है। सीमा से सटे गांवों के लोगों से भी कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध आवाज, ड्रोन की गतिविधि या अनजान व्यक्तियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। बार-बार सामने आ रहे ड्रोन के जरिए तस्करी के मामलों ने सीमा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच एजेंसियों के लिए अभी सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि इस खेप का असली मकसद क्या था, क्या यह किसी बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा था या महज हथियारों की तस्करी, और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, और जांच पूरी होने के बाद ही इस साजिश की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।
Amritsar, Punjab: On Cross-border drone-based drug and weapon smuggling network, Amritsar Police Commissioner Harmanveer Singh Gill says, “It came via a drone. Along with the drone that we seized, there was 186 grams of heroin and one pistol” https://t.co/anyxD0Dlz1
— IANS (@ians_india) October 13, 2026
सीमा पार से ड्रोन के जरिए सामान गिराने के तरीके में बदलाव भी जांच एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। पहले जहां ज्यादातर मामलों में ड्रोन का इस्तेमाल सिर्फ नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए होता था, वहीं अब हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री को भी इसी तरीके से सीमा पार भेजा जा रहा है। इससे साफ है कि तस्करी के पुराने नेटवर्क का इस्तेमाल अब कहीं ज्यादा खतरनाक मंशा के साथ किया जा रहा है, जिसे लेकर केंद्रीय और राज्य स्तर की एजेंसियां मिलकर रणनीति बना रही हैं।
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