Guru Gochar 2026: सिंह राशि में प्रवेश करेगा देवगुरु बृहस्पति, जानें सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा असर
शनिवार, 31 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सूर्य की सिंह राशि में प्रवेश करेगा। गुरु ग्रह को देवताओं का गुरु और शुभता का कारक माना जाता है, इसलिए इसका हर राशि परिवर्तन ज्योतिष में खास महत्व रखता है। पंचांगभेद की वजह से कुछ पंचांगों में गुरु के राशि परिवर्तन की तारीख 31 अक्टूबर के बजाय 1 नवंबर बताई गई है।

इस साल का सबसे बड़ा Jupiter Transit यानी गुरु गोचर होने जा रहा है, जब शनिवार 31 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सूर्य की सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग तरह से असर डालेगा, किसी राशि के लिए यह समय नए अवसर लेकर आएगा तो किसी के लिए सावधानी बरतने का संकेत भी देगा। वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम शर्मा बता रहे हैं कि सिंह राशि का गुरु किस राशि को क्या फल दे सकता है।
31 अक्टूबर को सिंह राशि में प्रवेश करेगा देवगुरु बृहस्पति
शनिवार, 31 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सूर्य की सिंह राशि में प्रवेश करेगा। गुरु ग्रह को देवताओं का गुरु और शुभता का कारक माना जाता है, इसलिए इसका हर राशि परिवर्तन ज्योतिष में खास महत्व रखता है। गुरु करीब एक साल तक एक राशि में रहता है, इसलिए इसका गोचर दूसरे ग्रहों के मुकाबले लंबे समय तक असर दिखाने वाला माना जाता है, और इसी वजह से इसे लेकर हर बार खास चर्चा होती है।
जानें गुरु की पूरी चाल, कब होगा वक्री और कब मार्गी
| तारीख | गुरु की स्थिति |
|---|---|
| 31 अक्टूबर 2026 | कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश |
| 13 दिसंबर 2026 | सिंह राशि में ही वक्री होगा |
| 25 जनवरी 2027 | वक्री चाल में वापस कर्क राशि में आएगा |
| 13 अप्रैल 2027 | कर्क राशि में ही मार्गी होगा |
| 26 जून 2027 | फिर से सिंह राशि में प्रवेश करेगा |
पंचांगभेद से कुछ पंचांगों में 1 नवंबर मानी जा रही तारीख
पंचांगभेद की वजह से कुछ पंचांगों में गुरु के राशि परिवर्तन की तारीख 31 अक्टूबर के बजाय 1 नवंबर बताई गई है। ऐसा अलग-अलग पंचांगों की गणना पद्धति में मामूली अंतर की वजह से होता है, इसलिए एक-दो दिन का यह फर्क सामान्य माना जाता है। ज्योतिषियों का कहना है कि इस छोटे से अंतर से गोचर के समग्र फल पर कोई खास असर नहीं पड़ता, इसलिए लोगों को इसे लेकर भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।
मेष राशि: विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर, संतान सुख के योग
मेष राशि के जातकों के लिए गुरु पांचवें भाव में होने जा रहा है, जो शुभ माना जाता है। विद्यार्थियों को नए अवसर मिल सकते हैं और एकाग्रता बनी रहेगी। विवाहित लोगों को संतान सुख मिल सकता है। प्रेम संबंध में मधुरता रहेगी और आपकी निर्णय लेने की क्षमता प्रखर होगी।
वृषभ राशि: धन-संपत्ति के मामलों में बरतें सावधानी
वृषभ राशि के लिए गुरु चौथे भाव में रहेगा। यह समय घरेलू जीवन, धन-संपत्ति और वाहन के मामलों में सावधान रहने का है। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। अचल संपत्ति या नया घर खरीदने के योग बन रहे हैं, लेकिन वित्तीय मामलों में जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए धैर्य बनाए रखना होगा।
मिथुन राशि: छोटी यात्राएं होंगी आगे चलकर लाभदायक
मिथुन राशि के लिए गुरु तीसरे भाव में रहेगा, यह समय साहस, पराक्रम और आत्मबल में बढ़ोतरी करेगा। छोटी-छोटी यात्राओं के योग बनेंगे जो आगे चलकर लाभदायक सिद्ध हो सकती हैं। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा, हालांकि कार्यस्थल पर अपनी वाणी में स्पष्टता रखें, ताकि सहकर्मियों के साथ कोई गलतफहमी न हो।
कर्क राशि: आर्थिक दृष्टि से रहेगा अनुकूल समय
कर्क राशि के लोगों की राशि से निकलकर गुरु अब दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रहने वाला है। धन संचय करने और रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है और वाणी के प्रभाव से अटके हुए काम पूरे होंगे।
सिंह राशि: आत्मविश्वास और मान-सम्मान में होगी बढ़ोतरी
सिंह राशि में गुरु का गोचर खुद इसी राशि में हो रहा है, यानी गुरु अपनी ही राशि में प्रवेश कर रहा है, यह आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और मान-सम्मान में बढ़ोतरी करेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर झुकाव रहेगा। सेहत के प्रति सतर्क रहें, विशेषकर खान-पान और वजन को लेकर लापरवाही न बरतें।
कन्या राशि: खर्च बढ़ेगा, लेकिन विदेश-शिक्षा में मिलेगा लाभ
कन्या राशि के लोगों के लिए गुरु बारहवें भाव में रहेगा। इस समय में खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलना होगा। हालांकि, विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा या विदेशी कंपनियों से जुड़े व्यापार में लाभ मिलने के योग हैं। आध्यात्मिक उन्नति होगी और दान-पुण्य के कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी।
तुला राशि: आय के नए स्रोत बनेंगे, पद-प्रतिष्ठा में होगी वृद्धि
तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर ग्यारहवें भाव में रहेगा, जो शुभ है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने निवेशों से लाभ मिल सकता है। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में योजनाओं को सफलता मिलेगी और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
वृश्चिक राशि: करियर में मिलेंगे सकारात्मक अवसर
वृश्चिक राशि के लिए गुरु दसवें भाव में रहेगा। करियर और व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक अवसर मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंध सुधरेंगे और नौकरी में पदोन्नति या नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। कार्य बढ़ सकता है, इसलिए काम और निजी जीवन में संतुलन बनाए रखना होगा।
धनु राशि: भाग्य का मिलेगा पूरा साथ, रुके काम होंगे पूरे
धनु राशि का स्वामी खुद गुरु है, और इस गोचर में गुरु नौवें भाव में रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा, रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। लंबी दूरी की यात्राएं या धार्मिक स्थल की यात्रा के योग बन रहे हैं। पिता और गुरुजनों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा और विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी।
मकर राशि: शोध और गूढ़ विषयों में बढ़ेगी रुचि
मकर राशि के जातकों के लिए गुरु आठवें भाव में रहेगा। यह समय शोध, रहस्यमयी विद्याओं और गूढ़ विषयों में रुचि बढ़ाने वाला रहेगा। अचानक धन लाभ या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है। सेहत को लेकर कोई लापरवाही न बरतें और वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
कुंभ राशि: वैवाहिक जीवन में आएगी मधुरता, मिलेगा साझेदारी से लाभ
कुंभ राशि के लोगों के लिए गुरु सातवें भाव में रहेगा। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। अविवाहित लोगों के विवाह में कोई बाधा आ रही है, तो वह दूर हो सकती है। व्यापार में साझेदारी से नए लाभ के मार्ग खुलेंगे। जनसंपर्क और नेटवर्क मजबूत होगा, जीवन में नए रास्ते खुलेंगे।
मीन राशि: प्रतिस्पर्धियों पर मिलेगी विजय, सेहत का रखें ध्यान
मीन राशि के जातकों के लिए गुरु छठे भाव में रहेगा। इस दौरान प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से संतुलित जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी रहेगा। कानूनी मामलों या पुरानी बीमारियों से राहत मिल सकती है।
जानिए क्यों खास माना जाता है गुरु का हर राशि परिवर्तन
ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को गुरुत्व, ज्ञान, धर्म और समृद्धि का कारक माना गया है, इसलिए इसकी चाल में हर बदलाव को बारीकी से देखा जाता है। इससे पहले मंगल के कुंभ राशि में प्रवेश के साथ बने पंचग्रही योग ने भी सभी 12 राशियों के जीवन में बदलाव के संकेत दिए थे, और अब गुरु के सिंह राशि में प्रवेश को भी इसी तरह अहम माना जा रहा है। हर राशि को अपने संबंधित भाव के अनुसार अलग-अलग फल मिलेगा, इसलिए अपनी राशि के हिसाब से सावधानी और अवसर दोनों को समझना जरूरी है। ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि इस दौरान धैर्य बनाए रखते हुए महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लें, और जिन राशियों के लिए यह समय अनुकूल बताया गया है, वे भी अति आत्मविश्वास से बचें।
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