Mars transit Aquarius के साथ ही कुंभ राशि में एक दुर्लभ पंचग्रही योग बन गया है, जिसने सभी 12 राशियों के लिए आने वाले दिनों की दिशा और दशा बदल दी है। 23 फरवरी को मंगल मकर से निकलकर कुंभ में आया और यहां पहले से ही सूर्य, बुध, शुक्र और राहु मौजूद थे। इसी वजह से कुंभ राशि में पांच ग्रहों का शक्तिशाली संयोग बना है, जो 2 अप्रैल तक अलग-अलग राशियों के जीवन में अवसर, चुनौतियां और परिवर्तन लेकर आएगा।
कुंभ में पंचग्रही योग और Mars transit Aquarius का ज्योतिषीय महत्व
23 फरवरी को मंगल के कुंभ राशि में प्रवेश के साथ—
कुंभ राशि में पांच ग्रह एक साथ आ गए: सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु।
इससे पंचग्रही योग बना, जो निर्णय क्षमता, सामाजिक बदलाव, तकनीक, मित्रता, नेटवर्किंग और बड़े स्तर के सामूहिक कार्यों पर असर डालने वाला योग माना जाता है।
मंगल और राहु की युति से यहाँ अंगारक योग भी बना है, जो ऊर्जा, गुस्सा, हादसों और अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से जुड़ा रहता है।
कुंभ स्वयं एक वायु तत्व की राशि है, जो प्रोग्रेसिव सोच, नई तकनीक, शोध, समाज सुधार और बड़े विज़न से जुड़ी है। ऐसे में Mars transit Aquarius लोगों के विचार, काम करने के तरीके और भविष्य की योजनाओं में तेज़ बदलाव ला सकता है।
मंगल–राहु का अंगारक योग: क्या सावधानियां और क्या उपाय?
कुंभ में मंगल और राहु की युति को अंगारक योग कहा जाता है। यह योग—
ऊर्जा को बहुत तेज़ और कभी-कभी विस्फोटक बना सकता है।
गुस्सा, जल्दबाज़ी, जोखिम उठाने की प्रवृत्ति और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा सकता है।
सोशल मीडिया, राजनीति, कोर्ट-कचहरी या पब्लिक प्लेटफॉर्म पर विवादों की स्थितियां बना सकता है।
इसी लिए पारंपरिक ज्योतिष में सलाह दी जाती है कि—
मंगल के लिए मसूर की दाल का दान करें।
मंगलवार या शनिवार को किसी जरूरतमंद को लाल मसूर, लाल कपड़ा या तांबे के बर्तन में जल दान करना शुभ माना जाता है।
नियमित रूप से हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
ऊँ हनुमते नमः या ऊँ अंगारकाय नमः जैसे मंत्रों का जप भी राहत देता है।
ये उपाय मंगल की उग्रता को शांत करके साहस को सही दिशा में लगाने में मदद करते हैं।
कब तक रहेगा Mars transit Aquarius और आगे क्या?
23 फरवरी से मंगल ने कुंभ राशि में गोचर शुरू किया है।
2 अप्रैल तक मंगल कुंभ में ही रहेगा, यानी लगभग डेढ़ महीने तक यह पंचग्रही और अंगारक योग सक्रिय रहेंगे।
2 अप्रैल के बाद मंगल मीन राशि में प्रवेश करेगा, तब ऊर्जा का पैटर्न और परिणाम दोनों बदले हुए नज़र आएंगे।
वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम शर्मा के अनुसार, यह राशिफल चंद्र राशि के आधार पर देखा जाना चाहिए, यानी आपकी कुंडली में चंद्रमा जिस राशि में है, उसके अनुसार फल समझें। अब जानते हैं कि Mars transit Aquarius और कुंभ के पंचग्रही योग का 12 राशियों पर क्या असर रहेगा।
मेष राशि – लाभ भाव में मंगल, पुराना पैसा अटकने से निकलेगा
मेष राशि वालों के लिए मंगल अब 11वें भाव (लाभ स्थान) में गोचर कर रहा है।
यह स्थिति आर्थिक उन्नति के लिए अनुकूल मानी जाती है।
पुराने निवेश, अटके हुए पेमेंट या देनदारी वापस मिलने के योग बन रहे हैं।
मित्र मंडली और सोशल नेटवर्क से फायदे के अवसर मिल सकते हैं। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक रहेगी।
हालांकि पंचग्रही योग में भावनाएं भी तेज़ होंगी—
जल्दबाज़ी में बड़ा फैसला लेने से बचें।
किसी दोस्त या रिश्तेदार के साथ पैसे को लेकर अनावश्यक बहस न करें।
ध्यान रखें, योजनाएं अच्छी होंगी, लेकिन धैर्य और समय प्रबंधन ज़रूरी रहेगा।
वृषभ राशि – करियर में हलचल, पहचान बढ़ेगी पर ईगो कंट्रोल रखें
वृषभ राशि के लिए मंगल अब 10वें भाव (कर्म भाव) में है।
ऑफिस या बिजनेस में आपकी सक्रियता और लीडरशिप बढ़ेगी।
नई तकनीक अपनाने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया या डिजिटलीकरण से करियर में फायदा मिल सकता है।
बॉस और सीनियर्स से डायरेक्ट बातचीत के मौके मिलेंगे, अपनी बात दम से रख पाएंगे।
लेकिन साथियों के साथ टकराव की संभावना भी उतनी ही मजबूत है—
टीम के साथ काम करते समय अहम और गुस्सा कंट्रोल में रखें।
खर्चों पर भी ध्यान देना होगा, नहीं तो आमदनी बढ़ने के बावजूद अंत में बचत कम महसूस होगी।
कुल मिलाकर, यह समय कर्म क्षेत्र में तेज़ गति और बदलाव लेकर आया है, बस संयम और विनम्रता के साथ आगे बढ़ें।
मिथुन राशि – भाग्य भाव में मंगल, शिक्षा और विदेश के योग मजबूत
मिथुन राशि के लिए मंगल ने 9वें भाव (भाग्य) में प्रवेश किया है।
उच्च शिक्षा, रिसर्च, कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम और विदेश से जुड़े कामों के लिए समय अनुकूल है।
कोई लंबी यात्रा, धार्मिक स्थल की यात्रा या विदेश यात्रा का मौका मिल सकता है।
भाग्य का सामान्यतः साथ मिलेगा, बशर्ते आप मेहनत और ईमानदारी से काम करते रहें।
पिता या पिता समान किसी बड़े से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं—
कठोर शब्दों से बचें, सामने वाले की बात भी धैर्य से सुनें।
गुरुओं और सीनियर्स का आशीर्वाद लेने से रास्ता साफ होता जाएगा।
यह समय नॉलेज और विज़न को विस्तार देने वाला है, बस रिश्तों में नरमी बरतना जरूरी है।
कर्क राशि – अष्टम भाव में मंगल, जोखिम से बचें, रिसर्च वालों को लाभ
कर्क राशि के लिए मंगल अब 8वें भाव में है, जो परंपरागत रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
स्वास्थ्य के मामले में सावधानी जरूरी है, पुरानी बीमारियां दोबारा परेशान कर सकती हैं।
किसी भी तरह का जोखिम – चाहे फाइनेंशियल हो या फिजिकल – लेने से बचें।
अचानक खर्च, टैक्स, इंश्योरेंस या कानूनी कागज़ात से जुड़े मामले सामने आ सकते हैं।
सकारात्मक पक्ष यह है कि—
रिसर्च, रहस्यविद्या, ऑकल्ट साइंस, साइकोलॉजी या डिटेल एनालिसिस से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिल सकता है।
इनर हीलिंग, ध्यान और योग से आप अपने मन को स्थिर रख पाएंगे।
कुल मिलाकर, यह समय इनर ट्रांसफॉर्मेशन का है, बाहर से कम, भीतर से ज्यादा बदलाव आएंगे।
सिंह राशि – सप्तम भाव में मंगल, बड़े प्रोजेक्ट के योग पर रिश्तों में सावधानी
सिंह राशि के लिए मंगल अब 7वें भाव (दांपत्य और पार्टनरशिप) में गोचर कर रहा है।
करियर में नए और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने के संकेत हैं।
बिजनेस पार्टनर के साथ मिलकर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, व्यापारिक विस्तार के योग मजबूत हैं।
पब्लिक डीलिंग, मार्केटिंग और कंसल्टिंग से जुड़े सिंह राशि के लोग अच्छा नाम कमा सकते हैं।
लेकिन निजी रिश्तों में ईगो और गुस्सा सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है—
पति-पत्नी के बीच छोटी बात पर भी तनाव बढ़ सकता है।
खुलकर बातचीत करें, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप से बचें।
यह समय आपको लीडरशिप और पार्टनरशिप दोनों में संतुलन सिखाएगा।
कन्या राशि – छठे भाव का मंगल, कर्ज और केस से राहत, पर हेल्थ का ध्यान रखें
कन्या राशि वालों के लिए मंगल अब 6वें भाव में है, जो अक्सर प्रैक्टिकल सफलता का योग माना जाता है।
पुराने कर्ज, लोन या देनदारी से राहत मिल सकती है।
कोर्ट-कचहरी या लीगल मामलों में आपके पक्ष में स्थितियां बन सकती हैं।
जॉब में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी कार्यकुशलता और अनुशासन से आगे निकल सकते हैं।
साथ ही—
अधिक काम, ओवरलोड और तनाव से शारीरिक थकान, आंखों की जलन या नींद की कमी हो सकती है।
खान-पान में अनियमितता से पेट संबंधी दिक्कतें भी पैदा हो सकती हैं।
यह समय कन्या राशि के लिए “हार्ड वर्क, क्लियर रिज़ल्ट” वाला है, बस शरीर को नज़रअंदाज न करें।
तुला राशि – पंचम भाव में मंगल, क्रिएटिविटी बढ़ेगी, लव लाइफ में टेस्ट
तुला राशि के जातकों के लिए मंगल अब 5वें भाव में है।
रचनात्मक कार्यों, मीडिया, कला, कंटेंट क्रिएशन, स्टॉक मार्केट या स्पेक्युलेटिव एक्टिविटीज़ में नवीनता आएगी।
पढ़ाई और कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को फोकस बढ़ाने का मौका मिलेगा, सही टाइमटेबल बनाएं तो नतीजे अच्छे रहेंगे।
प्रेम संबंधों में यह समय मिश्रित संकेत देता है—
छोटी बातों पर ईगो क्लैश और तकरार हो सकती है।
रिलेशनशिप में पारदर्शिता और ट्रस्ट बनाए रखना जरूरी है।
बच्चों से जुड़े फैसलों में जल्दबाज़ी न करें, उनकी बात को भी ध्यान से सुनें। कुल मिलाकर, क्रिएटिव एनर्जी हाई रहेगी, उसे सही दिशा देना आपके हाथ में है।
वृश्चिक राशि – चतुर्थ भाव में मंगल, घर-परिवार और प्रॉपर्टी पर फोकस
वृश्चिक राशि के लिए मंगल अब 4वें भाव में गोचर कर रहा है।
प्रॉपर्टी, जमीन-जायदाद, मकान की खरीद-फरोख्त या रेनोवेशन से जुड़े काम गति पकड़ सकते हैं।
घर में मरम्मत, नया वाहन या नया फर्नीचर लेने के योग भी बन सकते हैं।
लेकिन—
घर का शांत वातावरण थोड़े समय के लिए प्रभावित हो सकता है।
माता की सेहत के प्रति विशेष ध्यान रखें, उनकी भावनाओं को हल्के में न लें।
ऑफिस और घर के बीच संतुलन बनाना चुनौती होगा। यह समय “होम और हार्ट” दोनों में संयम और समझदारी की मांग करता है।
धनु राशि – तृतीय भाव में मंगल, साहस, कम्युनिकेशन और छोटी यात्राओं से लाभ
धनु राशि के लिए मंगल अब 3वें भाव में है।
आपका साहस, आत्मविश्वास और इनिशिएटिव बढ़ेगा।
मार्केटिंग, मीडिया, लेखन, पब्लिक स्पीकिंग और सोशल मीडिया से जुड़े प्रोफेशन में अच्छी प्रगति संभव है।
छोटे-छोटे सफर, टूर या फील्ड विज़िट आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकते हैं।
भाई-बहनों और कजिन्स के साथ रिश्तों में सुधार के अवसर हैं, बशर्ते आप खुद पहल करें।
यह समय आपको “बोलने और लिखने की ताकत” का सही इस्तेमाल सिखाएगा।मकर राशि – दूसरे भाव में मंगल, कमाई के नए रास्ते, वाणी में कठोरता से बचें
मकर राशि के लिए मंगल अब 2वें भाव में गोचर कर रहा है।
इनकम के नए सोर्स खुलने के संकेत हैं, कोई साइड प्रोजेक्ट या एक्स्ट्रा इनकम शुरू हो सकती है।
फैमिली बिजनेस, फाइनेंस, कंसल्टेंसी या सेल्स से जुड़े लोगों को फायदा होगा।
साथ ही—
वाणी में कठोरता और सीधेपन की मात्रा बढ़ सकती है।
गुस्से में बोला गया शब्द रिश्तों में दूरी ला सकता है, खासकर परिवार के भीतर।
निवेश से संबंधित दस्तावेज ध्यान से पढ़ें, किसी भी कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर लें। यह समय धन और वचन दोनों की परीक्षा लेगा।
कुंभ राशि – प्रथम भाव में मंगल, एनर्जी हाई पर राहु संग भ्रम भी संभव
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण गोचर है, क्योंकि मंगल अब आपकी ही लग्न (प्रथम भाव) में है और साथ में राहु, सूर्य, बुध, शुक्र भी मौजूद हैं।
आप खुद को पहले से ज्यादा ऊर्जावान, एक्टिव और रिज़ॉल्व्ड महसूस कर सकते हैं।
नई योजनाएं, नए प्रोजेक्ट और नई दिशा में कदम बढ़ाने की इच्छा मन में जोर पकड़ सकती है।
लेकिन मंगल और राहु की युति के कारण—
क्रोध, उत्तेजना और कन्फ्यूजन भी बढ़ सकता है।
बिना सोचे बड़ा फैसला लेने से नुकसान हो सकता है।
स्वास्थ्य की बात करें तो—
सिरदर्द, ब्लड प्रेशर, अनिद्रा या एक्सीडेंट की संभावना से सावधान रहें।
वाहन सावधानी से चलाएं, स्पीड और मोबाइल यूज़ दोनों कंट्रोल में रखें।
बड़े फैसले लेने से पहले किसी विश्वसनीय सलाहकार या बड़े से राय अवश्य लें। यह समय आपको अपने भविष्य की दिशा चुनने का मौका देता है, लेकिन धैर्य सबसे बड़ा हथियार होगा।
मीन राशि – द्वादश भाव में मंगल, खर्च बढ़ेंगे पर विदेश से मिल सकता है लाभ
मीन राशि के लिए मंगल अब 12वें भाव में पहुंच चुका है।
अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलना जरूरी है।
विदेश यात्रा, विदेशी क्लाइंट, ऑनलाइन ग्लोबल प्लेटफॉर्म या मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े कामों में फायदा संभव है।
साथ ही—
कानूनी उलझनों, पेनल्टी या फाइन से बचने के लिए नियमों का पालन करें।
रात में ड्राइविंग करते समय अतिरिक्त सावधानी रखें, थकान में वाहन चलाने से बचें।
यह समय आध्यात्मिक प्रगति, ध्यान, योग और अकेले में बैठकर जीवन की दिशा पर विचार करने के लिए अच्छा है। इनर क्लीनिंग और बाहरी प्लानिंग दोनों समानांतर चलें, तो परिणाम बेहतर होंगे।
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