राजस्थान

BJP की निकाय चुनाव सूची आज दोपहर बाद, टिकट से पहले राजस्थान में बगावत और नाराजगी तेज

BJP सोमवार को दोपहर बाद प्रदेश के 309 निकायों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती है। पार्टी पहले प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना दे रही है, ताकि नामांकन की तैयारी समय पर हो सके।

राजस्थान निकाय चुनाव में नामांकन की आखिरी तारीख से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। BJP प्रदेश के 309 निकायों के प्रत्याशियों की सूची सोमवार दोपहर बाद जारी कर सकती है। पार्टी ने बगावत और नाराजगी रोकने के लिए यह रणनीति अपनाई है। अधिकृत प्रत्याशियों को पहले सूचना दी जा रही है और सोमवार को उन्हें पार्टी सिंबल भी मिल जाएगा।

कांग्रेस में भी टिकटों को लेकर दबाव बढ़ रहा है। अजमेर में महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका चौधरी ने साफ कहा है कि अगर उन्हें वार्ड संख्या 4 से टिकट नहीं मिला, तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। उधर झालावाड़, भीलवाड़ा, जयपुर, अलवर, जोधपुर और टोंक से भी टिकट, बगावत और चुनाव बहिष्कार से जुड़ी हलचल सामने आई है।

BJP लिस्ट दोपहर बाद आने की तैयारी

BJP सोमवार को दोपहर बाद प्रदेश के 309 निकायों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती है। पार्टी पहले प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना दे रही है, ताकि नामांकन की तैयारी समय पर हो सके।

अधिकृत प्रत्याशियों को सोमवार को पार्टी सिंबल भी मिल जाएगा। हालांकि सार्वजनिक सूची दोपहर बाद जारी होने की संभावना है। इसे नाराजगी और संभावित बगावत को कम करने की रणनीति माना जा रहा है।

BJP कार्यालय में रविवार देर रात तक रायशुमारी चलती रही। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए रात करीब 11.30 बजे चर्चा हुई। दिन में जयपुर शहर के कई विधायक सिंगल नाम लेकर पहुंचे थे। इस पर संगठन ने नाराजगी जताई और उन्हें 3-3 नामों के पैनल के साथ आने को कहा।

जयपुर में टिकटों पर बढ़ा दबाव

जयपुर नगर निगम के टिकटों को लेकर BJP कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। जैसे ही कोई विधायक पहुंचता, टिकट के दावेदार उसे घेर लेते।

बगरू विधायक कैलाश वर्मा के पहुंचने पर भी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। सिविल लाइंस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने विधायक गोपाल शर्मा और उनके बेटे पर चहेतों को टिकट दिलवाने के आरोप लगाए। उनका दावा है कि 16 वार्डों में कुछ लोगों को पहले ही आश्वस्त कर दिया गया है।

सिविल लाइंस और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्डों को लेकर पहले से विवाद सामने आ चुके हैं। जयपुर शहर जिला अध्यक्ष अमित गोयल भी रायशुमारी में शामिल होने BJP कार्यालय पहुंचे, लेकिन टिकटों पर सवाल पूछे जाने पर बिना जवाब दिए निकल गए।

परनामी ने विवाद से किया इनकार

भरतपुर संभाग की चुनाव संचालन समिति के प्रभारी अशोक परनामी के घर हुई बैठक को लेकर भी चर्चा रही। शनिवार को पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव और करौली BJP जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन के आमने-सामने होने की बात सामने आई थी।

परनामी ने किसी बड़े विवाद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि न किसी ने चप्पल दिखाई और न किसी ने गला दबाने जैसी हरकत की। उनके अनुसार बैठक में केवल प्रत्याशी के नामों पर मतभेद था। चर्चा के बाद एक नाम तय कर लिया गया।

उन्होंने कहा कि टिकट चर्चा में वाद-विवाद सामान्य बात है। इसे बड़ा विवाद बताना सही नहीं है।

कांग्रेस में भी बगावत के संकेत

कांग्रेस के भीतर भी टिकट वितरण से पहले नाराजगी दिखने लगी है। अजमेर में महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका चौधरी ने कहा कि उन्होंने वार्ड संख्या 4 से उम्मीदवारी जताई है। अगर पार्टी टिकट देती है तो ठीक, नहीं तो वे निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगी।

अलवर में भी कांग्रेस की सूची आने से पहले कई दावेदार जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया गया, तो विरोध होगा।

जोधपुर नगर निगम के वार्ड-4 के कांग्रेस कार्यकर्ता शहर कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और संभावित पैराशूट उम्मीदवार का विरोध किया। अजमेर में कांग्रेस प्रत्याशियों की कथित सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने इसे भ्रामक बताया और कहा कि अधिकृत सूची प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वॉररूम से जारी होगी।

झालावाड़ और भीलवाड़ा में बड़े बदलाव

झालावाड़ जिले की भवानी मंडी नगर पालिका से BJP की निवर्तमान पालिका अध्यक्ष पिंकी गुर्जर कांग्रेस में शामिल हो गईं। उनके साथ उनके ससुर पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर और सास निवर्तमान पार्षद सुगना गुर्जर ने भी कांग्रेस जॉइन की।

रामलाल गुर्जर ने कहा कि उन्हें और पिंकी गुर्जर को BJP से टिकट नहीं मिलने की सूचना थी। इसी कारण उन्होंने कांग्रेस में जाने का फैसला किया।

भीलवाड़ा में टिकट नहीं मिलने से नाराज प्रताप मंडल के करीब 70 BJP कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया। प्रताप मंडल अध्यक्ष नागेन्द्र राव ने कहा कि नाराजगी किसी कथित सूची को देखकर बनी है, जबकि पार्टी ने अभी अधिकृत सूची जारी नहीं की है।

टोंक में चुनाव बहिष्कार का ऐलान

टोंक में परिसीमन को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है। टोंक पंचायत समिति की पूर्व ग्राम पंचायत डारड़ा हिंद को नगर परिषद टोंक में शामिल करने के फैसले का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।

रविवार को एसडीएम सीमा खेतान और तहसीलदार अजयपाल यादव ग्रामीणों को मतदान के लिए समझाने पहुंचे, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना है कि डारड़ा हिंद को वापस ग्राम पंचायत में रखा जाए। जब तक सरकार मांग नहीं मानती, चुनाव बहिष्कार जारी रहेगा।

यह मामला निकाय चुनाव के बीच स्थानीय असंतोष का बड़ा संकेत है।

प्रचार रथ और गहलोत का हमला

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश BJP कार्यालय से निकाय चुनाव प्रचार रथों को रवाना किया। इन रथों के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और निकाय चुनाव में BJP के पक्ष में वोट की अपील की जाएगी। प्रदेश के 25 लोकसभा क्षेत्रों में ये रथ भेजे गए हैं।

दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकाय और पंचायतीराज में वार्डों के परिसीमन को लेकर सरकार ने बेईमानी की है। गहलोत ने कहा कि जनता चुनाव में सरकार को जवाब देगी।

उन्होंने टिकट वितरण पर कहा कि टिकट मांगने वालों की संख्या हमेशा ज्यादा होती है, लेकिन इस बार माहौल कांग्रेस के पक्ष में होने से दावेदार और बढ़े हैं।

नामांकन से पहले क्यों बढ़ी हलचल

नामांकन की आखिरी तारीख नजदीक है। इसलिए टिकट मिलने, कटने और बदलने की राजनीति तेज हो गई है। BJP सूची रोककर बगावत कम करना चाहती है। कांग्रेस में भी स्थानीय दावेदार अपनी ताकत दिखा रहे हैं।

मतदाताओं के लिए सोमवार का दिन अहम रहेगा। BJP की सूची आने के बाद वार्ड स्तर पर मुकाबलों की तस्वीर साफ होगी। कांग्रेस की अधिकृत सूचियों और संभावित बागियों पर भी नजर रहेगी।

निकाय चुनाव में अक्सर स्थानीय चेहरा, जातीय समीकरण, वार्ड का नेटवर्क और कार्यकर्ता की पकड़ बड़ा असर डालते हैं। इसलिए दोनों पार्टियों के लिए टिकट बांटना जितना जरूरी है, नाराज लोगों को साधना उससे भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।

 

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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