₹3075 में सालभर 200 बार टोल फ्री, जानें FASTag Annual Pass कैसे बचाएगा आपके हजारों रुपए
FASTag Annual Pass 2026 उन लोगों के लिए बड़े काम का है जो अक्सर नेशनल हाईवे पर अपनी कार से सफर करते हैं। सिर्फ ₹3,075 का एक बार पेमेंट करके साल भर में 200 बार तक टोल पार किया जा सकता है, जिससे हजारों रुपए का टोल टैक्स बच सकता है। यह पास देशभर के 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर काम करता है।

अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे पर अपनी कार से सफर करते हैं, तो FASTag Annual Pass 2026 के जरिए आपका हजारों रुपए का टोल टैक्स बच सकता है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI का यह फास्टैग एनुअल पास ऐसे यूजर्स के लिए बेहद काम का ऑप्शन है। इसमें ₹3,075 का एक बार में पेमेंट करके सालभर में 200 बार तक टोल पार किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि यह पास कैसे काम करता है, किसे इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा और फोन से अप्लाई करने का तरीका क्या है।
देशभर के 1,150 से ज्यादा टोल पर चलेगा यह पास
यह एनुअल पास देशभर के नेशनल हाईवे और नेशनल एक्सप्रेसवे पर बने 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर काम करता है। ये सभी टोल प्लाजा केंद्र सरकार यानी NHAI द्वारा संचालित हैं। पास की वैलिडिटी दो शर्तों में से जो भी पहले पूरी हो, तब तक रहती है, यानी या तो एक साल पूरा हो जाए या फिर 200 बार टोल पार हो जाए। इसके बाद दोबारा सामान्य फास्टैग वॉलेट से ही पेमेंट कटना शुरू हो जाता है।
पिछले साल 15 अगस्त 2025 को जब यह एनुअल पास लॉन्च किया गया था, तब इसकी कीमत ₹3,000 रखी गई थी। अब वित्त वर्ष 2026-27 यानी 1 अप्रैल 2026 से इसकी फीस बढ़ाकर ₹3,075 कर दी गई है। सरकार के मुताबिक अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग यह पास खरीद चुके हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
स्टेट हाईवे और शहर के अंदर के टोल पर नहीं चलेगा यह पास
फास्टैग का यह एनुअल पास हर जगह काम नहीं करता। राज्य सरकारों की सड़कों या स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर यह पास लागू नहीं होगा। इसी तरह नगर निगम या शहर के अंदर बने टोल टैक्स बूथों पर भी यह सुविधा नहीं मिलेगी। इन जगहों से गुजरने पर टोल का पैसा आपके नॉर्मल फास्टैग वॉलेट बैलेंस से ही कटेगा, यानी ऐसी सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों को वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस रखना जरूरी होगा।
इसलिए यह पास खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि आप जिन रास्तों पर नियमित सफर करते हैं, वे नेशनल हाईवे और नेशनल एक्सप्रेसवे के दायरे में आते हैं या नहीं। जो यूजर मुख्यत: स्टेट हाईवे या शहर की सड़कों पर ही चलते हैं, उनके लिए यह पास उतना फायदेमंद साबित नहीं होगा।
कई बार एक ही सफर के दौरान यात्री को नेशनल हाईवे के साथ-साथ किसी स्टेट हाईवे के हिस्से से भी गुजरना पड़ता है। ऐसे मिश्रित रूट पर सफर करने वालों के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि वे अपनी गाड़ी में एनुअल पास वाला फास्टैग रखने के साथ-साथ वॉलेट में भी कुछ बैलेंस जरूर बनाए रखें, ताकि स्टेट हाईवे या शहर के टोल बूथ पर पेमेंट अटकने की नौबत न आए।
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सिर्फ निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है यह सुविधा
यह एनुअल पास सिर्फ कार, जीप और वैन जैसे निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है। बस, ट्रक और टैक्सी जैसे कमर्शियल वाहन इस स्कीम के दायरे में नहीं आते। पास के लिए अप्लाई करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपकी गाड़ी पर फास्टैग पहले से एक्टिव और विंडस्क्रीन पर सही तरीके से लगा हो। साथ ही फास्टैग आपके गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर यानी VRN से लिंक होना चाहिए, न कि सिर्फ चेसिस नंबर से। अगर फास्टैग किसी विवाद में ब्लैकलिस्ट है, तो भी पास एक्टिवेट नहीं हो पाएगा।
हाल ही में फास्टैग में गाड़ी नंबर गलत होने पर फौरन कार्रवाई जैसे नए नियम भी लागू किए गए हैं, जिससे वेरिफिकेशन प्रक्रिया पहले से सख्त हो गई है। ऐसे में एनुअल पास के लिए अप्लाई करने से पहले अपने फास्टैग की सारी डिटेल एक बार जरूर जांच लें, ताकि एक्टिवेशन में कोई दिक्कत न आए।
फोन से ऐसे खरीदें और एक्टिवेट करें FASTag Annual Pass
FASTag Annual Pass खरीदने के लिए सबसे पहले यह कन्फर्म करें कि आपकी गाड़ी का फास्टैग एक्टिव है और सही वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा है। इसके बाद राजमार्ग यात्रा यानी Rajmarg Yatra ऐप या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां अपना फास्टैग और गाड़ी की डिटेल डालें और डिजिटल पेमेंट के जरिए एक बार में ₹3,075 का भुगतान करें। पेमेंट पूरा होने और वेरिफिकेशन के बाद यह पास आपके मौजूदा फास्टैग पर दो घंटे के भीतर एक्टिवेट हो जाता है, और इसकी पुष्टि आपको एसएमएस के जरिए मिल जाती है।
सबसे अहम बात यह है कि इस पास के लिए अलग से कोई नया फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं है, यह आपके मौजूदा फास्टैग पर ही लिंक होकर काम करता है। इससे प्रोसेस आसान हो जाता है और अतिरिक्त डिवाइस खरीदने का झंझट भी नहीं रहता।
फर्जी वेबसाइटों से रहें सावधान, सिर्फ आधिकारिक माध्यम से करें पेमेंट
भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र यानी I4C ने हाल ही में FASTag Annual Pass को लेकर एक जरूरी चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक कुछ फर्जी वेबसाइटें NHAI के आधिकारिक फास्टैग प्लेटफॉर्म की नकल करके लोगों को गुमराह कर रही हैं। ये वेबसाइटें गूगल ऐड्स के जरिए सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखने की कोशिश करती हैं, और “FASTag annual pass” या “FASTag recharge” जैसे सर्च टर्म पर अक्सर पहले पेज पर नजर आ जाती हैं।
ऐसे में पेमेंट करने से पहले वेबसाइट का लिंक ध्यान से जांचें, और सिर्फ सर्च में ऊपर दिखने की वजह से किसी साइट या विज्ञापन पर भरोसा न करें। अनजान या संदिग्ध वेबसाइट पर पेमेंट करने से बचें, खासकर अगर वहां क्यूआर कोड से पेमेंट मांगा जा रहा हो। सुरक्षित तरीके से पास खरीदने के लिए सिर्फ NHAI की आधिकारिक वेबसाइट nhai.gov.in, राजमार्ग यात्रा ऐप, या अपने अधिकृत बैंक की वेबसाइट और ऐप का ही इस्तेमाल करें।
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किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
जो लोग महीने में कई बार नेशनल हाईवे से लंबी दूरी तय करते हैं, जैसे अक्सर आने-जाने वाले यात्री, वीकेंड पर हाईवे ट्रिप करने वाले परिवार या नियमित तौर पर शहरों के बीच सफर करने वाले लोग, उनके लिए यह पास सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। सामान्य तौर पर हर टोल क्रॉसिंग पर लगने वाला शुल्क अलग-अलग टोल प्लाजा के हिसाब से अलग होता है, लेकिन अगर कोई यात्री साल में 200 बार तक अलग-अलग नेशनल हाईवे टोल पार करता है, तो एकमुश्त ₹3,075 चुकाकर वह सामान्य टोल दरों के मुकाबले काफी बड़ी बचत कर सकता है।
वहीं जो लोग साल में कभी-कभार ही हाईवे पर सफर करते हैं, या जिनका ज्यादातर आवागमन शहर के भीतर या स्टेट हाईवे तक सीमित रहता है, उनके लिए सामान्य फास्टैग वॉलेट रिचार्ज कराना ही बेहतर विकल्प रहेगा। इसलिए पास खरीदने से पहले अपने सालभर के सफर के पैटर्न का आकलन जरूर कर लेना चाहिए।
बचत का गणित समझने के लिए मान लीजिए किसी छोटी कार के लिए किसी टोल प्लाजा पर एक तरफ का सामान्य शुल्क औसतन ₹75 से ₹100 के बीच होता है। अगर कोई यात्री साल भर में 200 बार टोल पार करता है, तो सामान्य वॉलेट से भुगतान करने पर उसे करीब ₹15,000 से ₹20,000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं, जबकि एनुअल पास में यही सुविधा सिर्फ ₹3,075 में मिल जाती है। यानी जो लोग वाकई नियमित तौर पर हाईवे पर लंबी दूरी तय करते हैं, उनके लिए यह पास हजारों रुपए तक की बचत करा सकता है।
पास की वैलिडिटी खत्म होने के बाद इसे दोबारा उसी तरीके से रिन्यू कराया जा सकता है, जैसे पहली बार खरीदा गया था, यानी राजमार्ग यात्रा ऐप या NHAI वेबसाइट के जरिए नया भुगतान करके। चूंकि हर वित्त वर्ष में इसकी फीस में बदलाव किया जा सकता है, इसलिए रिन्यूअल के समय नई दरों की जानकारी जरूर ले लेनी चाहिए।
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