राजस्थान

दिवाली से पहले PESO की सख्त चेतावनी: अवैध विदेशी पटाखे रखने-बेचने पर होगी जेल, भिवाड़ी-बारां के मामलों ने बढ़ाई चिंता

नियमों के मुताबिक अगर कोई अवैध विदेशी पटाखे रखते या बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या 3 हजार रुपए जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ भी हो सकती हैं। यह प्रावधान इसलिए बनाया गया है ताकि अवैध आतिशबाजी के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाई जा सके, और लोगों की जान-माल को सुरक्षित रखा जा सके।

दीपावली नजदीक आते ही पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन यानी PESO ने अवैध विदेशी पटाखों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। मुख्य विस्फोटक नियंत्रक की ओर से जारी इस सार्वजनिक सूचना में साफ कहा गया है कि अवैध रूप से विदेशी पटाखे रखने या बेचने वालों की अब खैर नहीं है, और ऐसा करने वालों को जेल तक हो सकती है। हाल के महीनों में देश के अलग-अलग पोर्ट और राजस्थान के कई इलाकों में सामने आए मामलों ने इस चेतावनी की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है।

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मुख्य विस्फोटक नियंत्रक ने जारी किया सख्त नोटिस

PESO की ओर से जारी नोटिस में आम नागरिकों और व्यापारियों को अवैध विदेशी आतिशबाजी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। इसमें विदेशी मूल के पटाखों के अवैध आयात और उनके इस्तेमाल से पैदा होने वाले गंभीर खतरों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ औपचारिक चेतावनी नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का आधार भी है।

गलत घोषणा कर किया जा रहा है अवैध आयात

सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कई व्यापारिक घराने गलत घोषणा करके विदेशी मूल की आतिशबाजी को भारत में अवैध रूप से ला रहे हैं। आईटीसी (एचएस) कोड के तहत आतिशबाजी आयात के लिए प्रतिबंधित वस्तु घोषित की गई है। Explosives Rules, 2008 के प्रावधानों के अनुसार PESO ने अब तक किसी भी विदेशी आतिशबाजी के कब्जे या बिक्री के लिए कोई आयात लाइसेंस जारी नहीं किया है, इसके बावजूद बाजार में ऐसे पटाखे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, जो कानून का खुला उल्लंघन है।

कानून तोड़ने पर 3 साल जेल या 3 हजार जुर्माना या दोनों

नियमों के मुताबिक अगर कोई अवैध विदेशी पटाखे रखते या बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे तीन साल तक की जेल या 3 हजार रुपए जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ भी हो सकती हैं। यह प्रावधान इसलिए बनाया गया है ताकि अवैध आतिशबाजी के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाई जा सके, और लोगों की जान-माल को सुरक्षित रखा जा सके। व्यापारियों के लिए भी यह चेतावनी साफ है कि चाहे मुनाफा कितना भी ज्यादा क्यों न हो, अवैध विदेशी पटाखों का कारोबार करने पर कानूनी शिकंजा कसना तय है।

पोटेशियम क्लोरेट बन सकता है जानलेवा, जानें क्यों है इतना खतरनाक

तस्करी किए गए विदेशी पटाखों में अक्सर पोटेशियम क्लोरेट नामक खतरनाक रसायन पाया जाता है। यह रसायन अत्यंत संवेदनशील होता है और अचानक आग पकड़ सकता है या आसानी से विस्फोट कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे पटाखे सिर्फ दुर्घटना का कारण नहीं बनते, बल्कि गंभीर जलने, अस्थायी या स्थायी चोट और यहां तक कि मौत का भी कारण बन सकते हैं। इसके अलावा ये पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ाते हैं और सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ावा देते हैं।

हाल के महीनों में पकड़े गए करोड़ों के चीनी पटाखे, जानें पूरी टाइमलाइन

PESO की यह चेतावनी सिर्फ कागजी नहीं है, बल्कि पिछले करीब डेढ़ साल में सामने आए कई बड़े मामले इसकी पुष्टि करते हैं।

समयजगहजब्त रकमकिस नाम से छिपाया गया
अक्टूबर 2026चेन्नई पोर्ट (हैदराबाद DRI)करीब 12 करोड़ रुपएस्टेशनरी, मेडिकल ग्लव्स, प्लास्टिक क्लिप, हेयर बैंड, वॉर्डरोब
जून 2026चेन्नई और मुंबई35 करोड़ रुपए, 12 गिरफ्तारट्रॉलीबैग और स्प्रेयर
अक्टूबर 2025न्हावाशेवा पोर्ट, मुंबई4.82 करोड़ रुपएलेगिंग्स (कपड़े)
जुलाई 2025न्हावाशेवा, मुंद्रा, कांडला35 करोड़ रुपएमिनी सजावटी पौधे, कृत्रिम फूल, प्लास्टिक मैट
अप्रेल 2026न्हावाशेवा पोर्ट70 मीट्रिक टन, करीब 17 करोड़ रुपए, 2 गिरफ्तारसामान्य कार्गो की आड़ में

कपड़े-स्टेशनरी बताकर छिपाए जा रहे थे पटाखे, हर बार एक जैसा रहा तरीका

इन सभी मामलों में तस्करी का तरीका लगभग एक जैसा रहा है। कंटेनर में ऊपर-ऊपर हल्के और सामान्य दिखने वाले सामान जैसे कपड़े, गिलास या स्टेशनरी रखकर उसके पीछे या नीचे पटाखे छिपा दिए जाते हैं, और दस्तावेजों में भी गलत नाम दर्ज कर दिया जाता है, ताकि कस्टम जांच से आसानी से बचा जा सके।

चूंकि आतिशबाजी का आयात ही प्रतिबंधित है, इसलिए PESO से कोई लाइसेंस भी नहीं लिया जाता। यानी सरकार की यह चेतावनी किसी आशंका पर नहीं, बल्कि असल में हो रही बड़े पैमाने की तस्करी पर आधारित है, जिसे एजेंसियां लगातार पकड़ भी रही हैं।

राजस्थान में तस्करी नहीं, अवैध निर्माण और भंडारण है असली समस्या

चीनी तैयार पटाखों की बड़ी तस्करी के ज्यादातर मामले मुंबई, चेन्नई और मुंद्रा जैसे पोर्ट पर ही पकड़े गए हैं। राजस्थान में समस्या इससे थोड़ी अलग है, यहां चीन से केमिकल मंगाकर अवैध निर्माण करने और बिना लाइसेंस के बड़े पैमाने पर स्टॉक रखने के मामले ज्यादा सामने आए हैं। यानी राजस्थान में दिक्कत सीधे पोर्ट से पटाखों की तस्करी की नहीं, बल्कि अवैध फैक्ट्रियों और गोदामों में बन रहे तथा जमा हो रहे खतरनाक माल की है।

भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट: 7 मजदूरों की मौत, निकला चीन कनेक्शन

फरवरी 2026 में अलवर जिले के भिवाड़ी में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसमें 7 मजदूरों की मौत हो गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चीन से बिना लाइसेंस के केमिकल और कच्चा माल मंगवा रहे थे, जिसका इस्तेमाल अवैध रूप से पटाखे बनाने में किया जा रहा था। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

बारां में 231 टन विस्फोटक जब्त, क्षमता से कई गुना ज्यादा था स्टॉक

इसी महीने फरवरी 2026 में बारां जिले के गोदामों से भी करीब 231 टन विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी, जिसकी कीमत लगभग 40 करोड़ रुपए आंकी गई। जांच में सामने आया कि यहां तय क्षमता से कहीं ज्यादा स्टॉक रखा गया था, और सुरक्षा नियमों का भी खुला उल्लंघन हो रहा था। राजस्थान में सामने आए ये दोनों मामले बताते हैं कि अवैध आतिशबाजी से जुड़ा खतरा सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य के भीतर भी मौजूद है।

अलवर और बारां जैसे मामलों में मजदूरों की जान जाने और भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त होने की घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि अवैध निर्माण और भंडारण स्थानीय स्तर पर कितना बड़ा खतरा बन चुका है। प्रशासन के लिए यह सिर्फ कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि आम मजदूरों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का भी सीधा मामला है।

जन सुरक्षा के लिए PESO ने दी जानकारी देने की अपील

PESO ने स्पष्ट किया है कि जनजीवन और संपत्ति की सुरक्षा के हित में आम लोगों तथा हितधारकों को सतर्क रहना चाहिए। अगर किसी को अवैध विदेशी पटाखों के स्टॉक, बिक्री या भंडारण की जानकारी हो, तो उसे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या जिला प्रशासन को सूचित करना चाहिए। अवैध आतिशबाजी रखने या बेचने पर कानूनी कार्रवाई का साफ प्रावधान है, और दीपावली जैसे त्योहार में बच्चों व परिवार की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए।

सिर्फ अधिकृत ग्रीन क्रैकर्स खरीदें, जानें सुरक्षित विकल्प

PESO ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत भारतीय निर्माताओं से PESO-स्वीकृत ग्रीन क्रैकर्स या कम आवाज वाले सुरक्षित पटाखे ही खरीदें। विदेशी पटाखों का आकर्षण भले ही ज्यादा हो, लेकिन इनका इस्तेमाल जान जोखिम में डालने जैसा है। बाजार में उपलब्ध अवैध सामान से दूरी बनाकर न सिर्फ कानून का पालन होगा, बल्कि त्योहार की खुशियां भी सुरक्षित रहेंगी।

धनतेरस से शुरू होकर दीपावली तक चलने वाले इस पूरे त्योहारी सीजन में खरीदारी से लेकर आतिशबाजी तक, हर कदम पर सतर्कता बरतना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। इस सार्वजनिक सूचना के जरिए सरकार ने एक बार फिर साफ संदेश दिया है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। दीपावली 2026 के मौके पर सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें, अवैध पटाखों की सूचना दें और परिवार के साथ सुरक्षित त्योहार मनाएं।

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सांवरिया सेठ सिंह

सांवरिया सेठ सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र में 14 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ ThumbsUp Bharat से जुड़े हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और डिजिटल न्यूज पोर्टल पर अपनी सेवाएं देने के बाद वे इस मंच का हिस्सा बने हैं। बिजनेस, देश-प्रदेश, धर्म और टेक्नोलॉजी समाचारों की गहरी समझ रखने वाले सांवरिया सेठ सिंह का अनुभव ThumbsUp Bharat की संपादकीय टीम को और सशक्त बनाता है।

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