15-5 की बढ़त, 20-19 का दबाव और फिर जीत; आयुष शेट्टी ने कैसे पलटा खेल
भारत के युवा बैडमिंटन स्टार आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 चीन के शी यू ची को तीन गेम तक चले मुकाबले में हरा दिया।

Ayush Shetty Win: आयूष शेट्टी ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में भारत को बड़ी शुरुआत दी। दुनिया के 22वें नंबर के खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 चीन के शी यू ची को 21-14, 13-21, 21-19 से हराया। Ayush Shetty Win के साथ पीवी सिंधु, त्रिषा-गायत्री और भारतीय मेंस डबल्स जोड़ी ने भी जीत दर्ज की।
Ayush Shetty Win इसके बाद बड़ा उलटफेर
भारत के युवा बैडमिंटन स्टार आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 चीन के शी यू ची को तीन गेम तक चले मुकाबले में हरा दिया।
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सोमवार से शुरू हुए टूर्नामेंट में दुनिया के 22वें नंबर के खिलाड़ी आयुष ने यह मैच 21-14, 13-21, 21-19 से जीता।
यह जीत केवल स्कोरलाइन की वजह से बड़ी नहीं है। आयुष ने उस खिलाड़ी को हराया, जो रैंकिंग और अनुभव दोनों में उनसे बहुत आगे था।
मैच एक घंटे 13 मिनट चला। आखिरी गेम में आयुष ने पहले बड़ी बढ़त बनाई, फिर शी यू ची की वापसी झेली और अंत में धैर्य से मैच खत्म किया।
पहले गेम का जरूरी दबदबा
आयुष शेट्टी ने पहले गेम में तेज शुरुआत की। उन्होंने 11-5 की बढ़त बना ली। इस शुरुआती दबाव ने मैच का मूड बदल दिया।
उनकी कोर्ट कवरेज मजबूत रही। शटल डिफेंस सटीक रहा। स्मैश में तेजी दिखी। शी यू ची बार-बार दबाव में दिखे।
चीनी खिलाड़ी ने कई बार शटल नेट में मारी या बाहर भेजी। इससे आयुष को लगातार अंक मिले और आत्मविश्वास बढ़ा।
पहला गेम 21-14 से जीतना आयुष के लिए अहम था। वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी के खिलाफ पहला गेम जीतना मैच को मानसिक रूप से खोल देता है।
Ayush Shetty Win की नींव यहीं रखी गई। आयुष ने शुरुआत में ही दिखा दिया कि वे केवल डिफेंस खेलने नहीं आए हैं।
दूसरे गेम में बड़ा पलटवार
दूसरे गेम में शी यू ची ने रणनीति बदली। उन्होंने लंबी रैलियों के जरिए आयुष को थकाने की कोशिश की।
यह बदलाव असरदार रहा। आयुष से कुछ गलतियां हुईं। शी ने रैलियों को लंबा खींचकर मैच की गति अपने पक्ष में मोड़नी शुरू की।
दूसरा गेम आयुष के हाथ से निकल गया। शी यू ची ने इसे 21-13 से जीत लिया।
इस गेम ने मैच को निर्णायक मोड़ पर ला दिया। अब मुकाबला केवल स्किल का नहीं रहा। यह धैर्य, फिटनेस और मानसिक मजबूती की परीक्षा बन गया।
वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी मैच में लौट चुका था। लेकिन असली कहानी तीसरे गेम में लिखी जानी थी।
निर्णायक गेम का असली रोमांच
तीसरे गेम में आयुष ने फिर तेज शुरुआत की। उन्होंने शी यू ची से गलतियां करवाईं और आखिरी ब्रेक तक 11-5 की बढ़त बना ली।
इसके बाद उन्होंने बढ़त को 15-5 तक पहुंचा दिया। यह स्कोर किसी भी बड़े मैच में बहुत मजबूत माना जाता है।
लेकिन शी यू ची ने हार नहीं मानी। उन्होंने वापसी की। आयुष की कुछ गलतियों ने उन्हें मौका दिया।
स्कोर 20-15 हुआ। फिर शी ने लगातार चार अंक लिए और स्कोर 20-19 तक पहुंचा दिया।
यह मैच का सबसे तनावपूर्ण पल था।
आयुष के पास मैच पॉइंट था। शी यू ची दबाव बढ़ा रहे थे। स्टेडियम की हवा बदल रही थी। ऐसे समय युवा खिलाड़ी अक्सर घबरा जाते हैं।
आयुष नहीं घबराए। उन्होंने धैर्य रखा और आखिरी अंक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
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– India’s Ayush Shetty knocked out World No.1 & Defending Champion Shi Yuqi from BWF World Championship 2026!
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— The Khel India (@TheKhelIndia) August 17, 2026
73 मिनट की जरूरी परीक्षा
एक घंटे 13 मिनट तक चले इस मैच ने आयुष शेट्टी की फिटनेस और मानसिक मजबूती दोनों की परीक्षा ली।
पहला गेम आक्रामकता से जीता गया। दूसरा गेम रणनीतिक दबाव में गया। तीसरा गेम दोनों खिलाड़ियों की नसों की लड़ाई बन गया।
Ayush Shetty Win इसलिए खास है क्योंकि आयुष ने वर्ल्ड नंबर-1 के खिलाफ केवल अच्छा खेल नहीं दिखाया, बल्कि मैच की कठिन घड़ी भी संभाली।
15-5 से 20-19 तक पहुंचा स्कोर किसी भी खिलाड़ी को हिला सकता था। लेकिन आयुष ने आखिरी अंक पर ध्यान रखा।
यही बड़ी जीत और करीबी हार के बीच का फर्क होता है।
भारत के लिए यह जीत वर्ल्ड चैंपियनशिप की शुरुआत में बड़ा आत्मविश्वास लेकर आई है।
आयुष करियर का बड़ा सफर
आयुष शेट्टी का नाम भारतीय बैडमिंटन में पिछले कुछ समय से तेजी से उभरा है।
उन्होंने 2023 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। यह उपलब्धि उनके करियर की शुरुआती मजबूत नींव बनी।
2025 में उन्हें बड़ी कामयाबी यूएस ओपन में मिली। उन्होंने फाइनल में कनाडा के ब्रायन यांग को 21-18, 21-13 से हराकर अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीता।
2026 बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया। इन उपलब्धियों ने उन्हें विश्व स्तर पर गंभीर दावेदारों की सूची में ला दिया।
अब वर्ल्ड नंबर-1 शी यू ची पर जीत ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी है।
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भारतीय बैडमिंटन का ग्राउंड इम्पैक्ट
भारत में बैडमिंटन लंबे समय से पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय जैसे खिलाड़ियों से पहचान बनाता रहा है।
अब आयुष शेट्टी जैसे युवा खिलाड़ी नई पीढ़ी का संकेत दे रहे हैं।
वर्ल्ड नंबर-1 को हराना केवल व्यक्तिगत जीत नहीं होती। यह पूरी बैडमिंटन प्रणाली के लिए आत्मविश्वास बनती है।
युवा खिलाड़ियों को संदेश मिलता है कि बड़े नामों के खिलाफ भी जीत संभव है। रैंकिंग हमेशा कोर्ट पर फैसला नहीं करती।
Ayush Shetty Win भारत के पुरुष सिंगल्स वर्ग के लिए खास संकेत है। यह बताती है कि नई पीढ़ी बड़े मंच पर दबाव संभाल सकती है।
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सिंधु की तेज शुरुआत
भारत की पीवी सिंधु ने भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीत से शुरुआत की।
विमेंस सिंगल्स के पहले राउंड में सिंधु ने आयरलैंड की सोफिया नोबल को 29 मिनट में 21-7, 21-11 से हराया।
वर्ल्ड नंबर-9 सिंधु ने पहले गेम में 8-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने 21 साल की सोफिया को वापसी का मौका नहीं दिया।
दूसरे गेम में 141वीं रैंकिंग वाली नोबल ने बेहतर प्रदर्शन किया। ब्रेक तक वह सिंधु से सिर्फ 3 अंक पीछे थीं।
इसके बाद सिंधु ने अगले 13 में से 10 अंक जीतकर मैच खत्म कर दिया।
दूसरे राउंड में सिंधु का सामना कनाडा की वेन यू झांग से होगा।
डबल्स में बड़ा फायदा
विमेंस डबल्स में भारत की त्रिषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने मजबूत शुरुआत की।
उन्होंने स्पेन की पाउला लोपेज और एल रोड्रिगेज को 21-9, 21-13 से हराया। यह जीत सीधी और प्रभावी रही।
त्रिषा-गायत्री की जोड़ी पिछले कुछ समय से भारतीय डबल्स में मजबूत दावेदारी दिखा रही है। वर्ल्ड चैंपियनशिप की अच्छी शुरुआत उनके अभियान को मजबूती दे सकती है।
मेंस डबल्स में हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन ने भी जीत दर्ज की।
उन्होंने आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ पहला गेम 21-16 से जीता। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 6-4 से आगे थी, तभी आयरलैंड की जोड़ी ने चोट के कारण मैच से हटने का फैसला किया।
बड़ा संकेत
टूर्नामेंट के पहले दौर में भारत के लिए कई सकारात्मक नतीजे आए।
आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को हराया। पीवी सिंधु ने तेज जीत दर्ज की। त्रिषा-गायत्री ने विमेंस डबल्स में मजबूत शुरुआत की। हरिहरन और अर्जुन की जोड़ी भी आगे बढ़ी।
इससे भारतीय खेमे का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में शुरुआती जीत बहुत मायने रखती है। यह खिलाड़ी को लय देती है और अगले राउंड के दबाव को कम करती है।
सबसे बड़ा असर आयुष की जीत से आया है। बड़े खिलाड़ी को हराकर टूर्नामेंट में आगे बढ़ना पूरी टीम के लिए ऊर्जा बन सकता है।
आगे क्या
अब आयुष शेट्टी पर नजरें और ज्यादा रहेंगी। वर्ल्ड नंबर-1 को हराने के बाद उनसे उम्मीदें बढ़ेंगी, लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप में हर अगला मैच नई चुनौती लेकर आएगा।
पीवी सिंधु दूसरे राउंड में कनाडा की वेन यू झांग से खेलेंगी। डबल्स जोड़ियों के लिए भी अगले मुकाबले अहम होंगे।
भारतीय बैडमिंटन के लिए शुरुआत मजबूत है, लेकिन असली परीक्षा लगातार प्रदर्शन में होगी।
आयुष ने पहले राउंड में बता दिया कि बड़ा खिलाड़ी वही नहीं होता, जिसकी रैंकिंग सबसे ऊपर हो। बड़ा खिलाड़ी वह भी होता है, जो 20-19 के दबाव में आखिरी अंक जीत सके। इस जीत ने भारतीय बैडमिंटन को एक नई कहानी दी है—युवा है, लेकिन डरता नहीं।
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