नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर IND vs NED में दुबे का धमाका, गेंद-बल्ले से डच टीम पर भारी Read it later

IND vs NED टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम मुकाबले में टीम इंडिया ने नीदरलैंड्स को 17 रन से हराकर ग्रुप स्टेज में अपनी 4वीं लगातार जीत दर्ज की। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने 5 कैच टपकाए, फिर भी ऑलराउंडर शिवम दुबे की धाकड़ बैटिंग और शांत डेथ बॉलिंग ने मैच बचा लिया।

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भारत ने 17 रन से जीता रोमांचक मुकाबला, आखिरी ओवर तक बना रहा सस्पेंस

अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नीदरलैंड्स के सामने 194 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में डच टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 176 रन ही बनाए और भारत ने 17 रन से यह मैच जीत लिया।

IND vs NED
(Photo by MB Media/Getty Images)

मैच का नतीजा आखिरी ओवर तक ठहरा रहा। नीदरलैंड्स को आखिरी 6 गेंदों पर 28 रन चाहिए थे। कप्तान ने गेंद थमाई शिवम दुबे को और उन्होंने दबाव में भी लाइन-लेंथ को कंट्रोल रखते हुए सिर्फ कुछ ही रन दिए। इस तरह जो मैच भारतीय फील्डरों की गलती के कारण हाथ से फिसलता दिख रहा था, वो आखिर में टीम इंडिया के पक्ष में चला गया।

शिवम दुबे का ऑलराउंड शो: पहले 6 छक्कों वाली पारी, फिर डेथ ओवर में मैच फिनिश

इस IND vs NED मुकाबले के निस्संदेह सबसे बड़े हीरो रहे ऑलराउंडर Shivam Dube। पहले उन्होंने बल्ले से नीदरलैंड्स के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और फिर गेंद के साथ भी कमाल किया।

बैटिंग में दुबे ने 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से ताबड़तोड़ 66 रन ठोके। उनकी इस पारी की बदौलत ही भारत लगभग 193–194 रन के स्कोर तक पहुंच पाया, जो बाद में मैच में निर्णायक साबित हुआ। शुरुआत में भारतीय टॉप ऑर्डर ने अच्छी नींव रखी, लेकिन बीच के ओवरों में रन गति थोड़ी धीमी हो रही थी। ऐसे में दुबे ने आते ही बड़े शॉट्स खेलकर रनरेट को दोबारा तेज कर दिया।

गेंदबाजी में भी शिवम ने अपना रोल बखूबी निभाया। उन्होंने 2 अहम विकेट चटकाए और खास बात यह कि उन्हें अंतिम ओवर फेंकने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। 28 रन डिफेंड करना आसान नहीं होता, लेकिन दुबे ने स्लोअर गेंद, यॉर्कर और हार्ड लेंथ का मिश्रण करते हुए नीदरलैंड्स के बल्लेबाजों को खुले शॉट नहीं खेलने दिए।

वरुण चक्रवर्ती की रहस्यमय स्पिन और बुमराह-हार्दिक की स्ट्राइक

गेंदबाजी की बात करें तो शिवम दुबे के साथ-साथ मिस्ट्री स्पिनर Varun Chakravarthy भी चमके। वरुण ने इस मैच में 3 विकेट अपने नाम किए और डच बल्लेबाजों को लगातार उलझाए रखा। उनकी वैरिएशन और कसी हुई गेंदबाजी ने बीच के ओवरों में रन गति पर ब्रेक लगा दिया, जिसकी वजह से नीदरलैंड्स को अंत में दबाव झेलना पड़ा।

पेस अटैक की कमान संभाल रहे Jasprit Bumrah और Hardik Pandya ने भी 1-1 विकेट चटकाया। बुमराह ने नई गेंद से शुरुआती झटके दिए, जबकि हार्दिक ने मिड ओवर्स में अपनी हिट-द-डेक बॉलिंग से रन बांधे रखे। हालांकि कैच ड्रॉप होने की वजह से कई बार गेंदबाजों के आंकड़े उतने प्रभावशाली नहीं दिखे, जितना उनका प्रदर्शन था।

5 कैच टपकाए, फिर भी जीत: फील्डिंग ने बढ़ाया तनाव

इस मैच का एक बड़ा सबक टीम इंडिया के लिए फील्डिंग के मोर्चे पर रहा। नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत ने कुल 5 आसान और आधे मुश्किल कैच टपका दिए।

इन कैच ड्रॉप्स में शामिल रहे—

  • Axar Patel,

  • Abhishek Sharma,

  • Washington Sundar,

  • कप्तान Suryakumar Yadav,

  • और युवा बल्लेबाज Tilak Varma

इनमें से कुछ कैच अगर पकड़े जाते, तो नीदरलैंड्स की पारी शायद 150 के अंदर सिमट सकती थी। लेकिन ड्रॉप कैचों ने डच बल्लेबाजों को लाइफलाइन दी और मैच आखिरी ओवर तक खिंच गया।

इसके बावजूद यह पॉजिटिव है कि टीम इंडिया ने खराब फील्डिंग के बावजूद मैच अपने नाम किया, लेकिन सुपर-8 और नॉकआउट जैसे हाई-प्रेशर मुकाबलों में ऐसी चूक भारी पड़ सकती है। कोचिंग स्टाफ के लिए यह मैच एक तरह का अलर्ट साबित होगा कि कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग पर अतिरिक्त मेहनत की जरूरत है।

नीदरलैंड्स की लड़ाकू पारी, लेकिन अनुभव के आगे झुक गई

लक्ष्य का पीछा करते हुए नीदरलैंड्स ने शुरुआत में संभलकर खेला और बीच के ओवरों में कुछ बड़े शॉट्स लगाकर मैच को रोमांचक बना दिया। भारतीय गेंदबाजों पर दबाव तब और बढ़ा, जब दो-तीन मौके पर कैच टपकने से डच बल्लेबाजों को अतिरिक्त जीवन मिल गया।

फिर भी, अनुभव और दबाव झेलने की क्षमता के मामले में टीम इंडिया आगे रही। जैसे-जैसे ओवर बीतते गए, वरुण चक्रवर्ती, हार्दिक और बुमराह ने रन गति को कंट्रोल किया। आखिरी ओवर में 28 रन की जरूरत और सामने दुबे की सटीक गेंदबाजी—इस समीकरण ने नीदरलैंड्स की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया।

भारत की बल्लेबाजी: शुरुआत अच्छी, अंत में दुबे ने बनाया जीत का प्लेटफॉर्म

भारतीय पारी की बात करें तो टॉप ऑर्डर ने पावरप्ले में अच्छी शुरुआत दी, टिककर रन बनाए और विकेट भी नहीं गंवाए। मिडल ओवरों में स्पिनरों के खिलाफ रन बनाना थोड़ा मुश्किल हुआ, लेकिन स्ट्राइक रोटेशन ठीक रही।

फिर आया शिवम दुबे का तूफानी फेज—

  • बीच के ओवरों से लेकर डेथ तक उन्होंने गेंदबाजों पर हमला जारी रखा,

  • लॉन्ग-ऑन, मिडविकेट और स्ट्रेट डाउन द ग्राउंड छक्कों की बारिश होती रही,

  • उनकी 66 रनों की पारी ने स्कोर को 193/194 तक पहुंचाया, जो टी-20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में किसी भी टीम पर दबाव बनाने के लिए काफी है।

दूसरे छोर से भी भारतीय बल्लेबाजों ने छोटे लेकिन उपयोगी योगदान दिए। किसी एक छोर का सेट रहना और दूसरे से रन जुटते रहना, यही टी-20 बैटिंग का फॉर्मूला होता है, जिसे भारत ने इस मैच में अच्छी तरह अपनाया।

ग्रुप स्टेज में भारत की 4 में 4 जीत, सुपर-8 में अजेय एंट्री

नीदरलैंड्स के खिलाफ इस जीत के साथ ही भारत ने ग्रुप स्टेज में अपने सभी चारों मैच जीत लिए हैं। टीम पहले ही T20 World Cup 2026 के सुपर-8 में जगह पक्की कर चुकी थी, लेकिन इस जीत ने उसे ग्रुप में टॉप पर और भी मजबूती से खड़ा कर दिया।

अजेय रहते हुए सुपर-8 में पहुंचना मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है।

  • टीम का कॉन्फिडेंस हाई,

  • बैटिंग और बॉलिंग दोनों यूनिट्स फॉर्म में,

  • कई मैचों में अलग-अलग खिलाड़ी मैच विनर बनकर सामने आए—
    ये सब इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि भारत नॉकआउट की तरफ बढ़ते हुए सही रिद्म पकड़ चुका है।

सुपर-8 में भारत का ग्रुप, अगला मैच साउथ अफ्रीका से

सुपर-8 में भारत ग्रुप 1 में रखा गया है, जहां उसके साथ साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की टीमें हैं। यह ग्रुप आसान नहीं माना जा रहा, क्योंकि—

  • साउथ अफ्रीका के पास मजबूत तेज गेंदबाजी अटैक है,

  • वेस्टइंडीज अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और टी-20 स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों के लिए मशहूर है,

  • और जिम्बाब्वे हाल के वर्षों में कई बार बड़े अपसेट कर चुकी टीम है।

भारत का सुपर-8 में पहला मुकाबला 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका से होगा। इस मैच को मिनी नॉकआउट की तरह देखा जा रहा है, क्योंकि यहां जीत न सिर्फ पॉइंट्स टेबल पर, बल्कि मोमेंटम के लिहाज से भी बहुत अहम रहेगी। IND vs NED की इस जीत से मिला आत्मविश्वास साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलते समय टीम के सामने ताजा रहेगा।

फील्डिंग पर काम ज़रूरी, वर्ल्ड कप जीतने का सपना तभी होगा पूरा

हालांकि IND vs NED मैच में बैटिंग और बॉलिंग ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन 5 कैच टपकाने वाली फील्डिंग किसी भी विश्वकप विजेता टीम के स्तर की नहीं मानी जा सकती।

  • कैच विन्स मैचेस—यह कहावत हर दौर में सही साबित हुई है।

  • नॉकआउट के करीब पहुंचते हुए कैच ड्रॉप्स की आदत बेहद महंगी साबित हो सकती है।

टीम मैनेजमेंट को सुपर-8 से पहले फील्डिंग सेशन पर खास ध्यान देना होगा,

  • हाई-कैच प्रैक्टिस,

  • स्लिप्स और आउटफील्ड में पोजीशनिंग,

  • और प्रेशर मोमेंट्स में फोकस बनाए रखने पर काम ज़रूरी है।

फैंस का जोश, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ‘होम वर्ल्ड कप’ जैसा माहौल

अहमदाबाद के विशाल Narendra Modi Stadium में IND vs NED मुकाबले के दौरान ऐसा माहौल था, जैसे भारत अपने घर में वर्ल्ड कप खेल रहा हो।

  • तिरंगे झंडे,

  • ‘इंडिया-इंडिया’ के नारे,

  • शिवम दुबे के हर छक्के और हर विकेट पर गूंजती आवाज़,

ये सब मिलकर नीदरलैंड्स के लिए माहौल को और दबावभरा बना रहे थे। इतने बड़े स्टेडियम में, लगभग हर कोने से टीम इंडिया को मिला सपोर्ट खिलाड़ियों की ऊर्जा बढ़ाने के लिए काफी था।

शिवम दुबे की स्टेटमेंट परफॉर्मेंस, प्लेइंग-11 में जगह और पक्की

इस मैच ने एक और बात साफ कर दी—शिवम दुबे अब केवल बैकअप नहीं, बल्कि प्लेइंग-11 के कोर का हिस्सा बन चुके हैं।

  • फिनिशर के रूप में उनकी हिटिंग,

  • पार्ट-टाइम नहीं, बल्कि इम्पैक्टफुल बॉलिंग,
    टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया को बेहद जरूरी बैलेंस देती है।

IND vs NED में 66 रन और 2 विकेट, साथ ही हाई-प्रेशर लास्ट ओवर, यह सब मिलकर दुबे की ‘स्टेटमेंट परफॉर्मेंस’ बन गया है। आने वाले सुपर-8 और शायद नॉकआउट मैचों में भी उनकी भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।

नतीजा: गलतियां सुधारकर आगे बढ़ी टीम इंडिया, संदेश साफ – हम टाइटल के दावेदार हैं

कुल मिलाकर, IND vs NED मुकाबला टीम इंडिया के लिए एक तरह से रियलिटी चेक भी था और कॉन्फिडेंस बूस्टर भी।

  • रियलिटी चेक इसलिए कि फील्डिंग में इतनी गलतियों के बावजूद मैच अंतिम ओवर तक फंसा रहा,

  • और कॉन्फिडेंस बूस्टर इसलिए कि टीम ने प्रेशर में भी संयम नहीं खोया और जीत अपने नाम की।

ग्रुप स्टेज में चारों मैच जीतकर, सुपर-8 में अजेय एंट्री, बैटिंग में गहराई, गेंदबाजी में वैराइटी और शिवम दुबे जैसे नए मैच-विनर स्टार—ये सब मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि टीम इंडिया इस T20 World Cup 2026 में सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि खिताब जीतने उतरी है।

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