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19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी से चित्रकूट में सामूहिक दुष्कर्म, 2 संदिग्ध हिरासत में

घटना बुधवार को देवांगना वैली क्षेत्र में हुई। पुलिस के मुताबिक युवती और उसका नाबालिग दोस्त मोटरसाइकिल पार्क करने के बाद पैदल जा रहे थे।

Chitrakoot Crime में मध्य प्रदेश की 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। युवती राजस्थान के कोटा में मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कर रही थी और करीब एक सप्ताह पहले उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में रिश्तेदारों के पास आई थी। Chitrakoot Crime में पुलिस ने FIR दर्ज कर दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी से सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवती मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली है। वह राजस्थान के कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी।

युवती करीब एक सप्ताह पहले चित्रकूट आई थी। वह यहां अपने रिश्तेदारों के पास ठहरी हुई थी। बुधवार को वह अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ देवांगना वैली गई थी।

इसी दौरान तीन आरोपियों ने कथित रूप से दोनों का पीछा किया और जंगल क्षेत्र में उन्हें रोक लिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

देवांगना वैली की जरूरी टाइमलाइन

घटना बुधवार को देवांगना वैली क्षेत्र में हुई। पुलिस के मुताबिक युवती और उसका नाबालिग दोस्त मोटरसाइकिल पार्क करने के बाद पैदल जा रहे थे।

इसी दौरान तीन लोगों ने उनका पीछा किया। आरोप है कि आरोपी दोनों को जंगल वाले इलाके में ले गए। वहां दोनों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद युवती के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों ने युवती और उसके दोस्त से पैसे मांगे और धमकी देकर वहां से भाग गए।

Chitrakoot Crime की सूचना पुलिस को बुधवार दोपहर मिली। सूचना मिलते ही पुलिस प्रतिक्रिया वाहन मौके पर पहुंचा। इसके बाद सर्किल ऑफिसर और बहिलपुरवा थाने के प्रभारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस जांच का अगला कदम

चित्रकूट पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीम बनाई है। इस टीम में एडिशनल SP और साइबर सेल के अधिकारी शामिल किए गए हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 के तहत FIR दर्ज की है। यह धारा सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े मामलों में लगाई जाती है।

अब तक दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनसे घटना, आरोपियों की पहचान और पूरे घटनाक्रम से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।

पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। जांच की दिशा मेडिकल रिपोर्ट, बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।

NEET अभ्यर्थी की ग्राउंड स्थिति

युवती मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह कोटा में रहकर NEET की पढ़ाई कर रही थी। कोटा देश के प्रमुख कोचिंग केंद्रों में गिना जाता है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

युवती मूल रूप से मध्य प्रदेश के सतना जिले की है। वह हाल ही में चित्रकूट आई थी और रिश्तेदारों के पास ठहरी हुई थी।

इस घटना ने पढ़ाई के लिए घर से बाहर रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। जब कोई छात्रा दूसरे शहर में पढ़ाई करती है या रिश्तेदारों के पास ठहरती है, तो परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर भरोसा करता है।

Chitrakoot Crime ने इसी भरोसे को झकझोरा है।

नाबालिग दोस्त भी साथ था

घटना के समय युवती के साथ उसका 17 वर्षीय दोस्त भी मौजूद था। पुलिस के अनुसार दोनों देवांगना वैली गए थे।

आरोपियों ने दोनों को जंगल क्षेत्र में घेरा। दोनों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद युवती को निशाना बनाया गया।

इस मामले में नाबालिग दोस्त भी महत्वपूर्ण गवाह हो सकता है। पुलिस उससे घटना की पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर सकती है।

जांच में यह भी देखा जाएगा कि आरोपी दोनों का पीछा कब से कर रहे थे और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया।

पैसे मांगने और धमकी का आरोप

चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों ने कथित रूप से युवती के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उन्होंने पैसे मांगे और दोनों को धमकी दी।

धमकी देकर आरोपी मौके से भाग गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस को अपराध की जानकारी मिली।

ऐसे मामलों में धमकी का मकसद पीड़ित पक्ष को डराना और शिकायत रोकना होता है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पर काम कर रही है।

Chitrakoot Crime में दो संदिग्धों से पूछताछ इस जांच की अहम कड़ी बन सकती है।

BNS धारा 70 में FIR

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 के तहत FIR दर्ज की है। यह धारा सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ी है।

FIR दर्ज होने के बाद जांच औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई है। पुलिस अब पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच, घटनास्थल की जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

साइबर सेल को जांच में शामिल करने से यह संकेत मिलता है कि पुलिस तकनीकी मदद भी ले रही है। इसमें लोकेशन, कॉल डिटेल या अन्य डिजिटल पहलुओं की जांच शामिल हो सकती है, लेकिन पुलिस ने अभी केवल टीम गठन की जानकारी दी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

देवांगना वैली जैसे स्थानीय पर्यटन स्थल पर हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। लोग ऐसे स्थानों पर घूमने जाते हैं। परिवार और युवा इन्हें सामान्य सार्वजनिक स्थल की तरह देखते हैं।

जब किसी सार्वजनिक या अर्ध-वन क्षेत्र में अपराध होता है, तो पुलिस गश्त, निगरानी और जोखिम वाले इलाकों की पहचान महत्वपूर्ण हो जाती है।

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है। यह उन जगहों की सुरक्षा से भी जुड़ा है, जहां लोग बिना खतरे की आशंका के जाते हैं।

पुलिस की जांच से यह साफ होगा कि घटना में शामिल आरोपी कौन थे और उन्होंने युवती तथा उसके दोस्त को कैसे निशाना बनाया।

आगे गिरफ्तारी पर नजर

मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस जांच टीम घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी है।

पीड़िता की मेडिकल जांच, बयान और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की जिम्मेदारी है।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि हिरासत में लिए गए संदिग्धों की भूमिका क्या है और तीसरे आरोपी तक पुलिस कब पहुंचती है। इस मामले में पीड़िता को न्याय और सुरक्षित जांच प्रक्रिया सबसे अहम रहेगी।

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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