Congress Protest के बाद राहुल और प्रियंका रिहा, छात्रों के मुद्दे पर आंदोलन जारी
प्रधानमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद और कार्यकर्ता जमा हुए थे। प्रदर्शनकारी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे थे। भीड़ बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने नेताओं और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर अलग-अलग स्थानों पर भेजा।

Congress Protest के बाद हिरासत में लिए गए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को मंगलवार शाम रिहा कर दिया गया। पेपर लीक, शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस सहित विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन किया था। Congress Protest के बाद प्रियंका ने कहा कि पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।
Congress Protest का बड़ा अपडेट
पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को मंगलवार शाम रिहा कर दिया गया।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने छत्रसाल स्टेडियम में रखा था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को नई दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया था।
Delhi: Pictures of Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, protesting with Opposition leaders and workers at Lok Kalyan Marg being detained by Delhi Police.
(ANI photos by Naveen Sharma) pic.twitter.com/Y9mSANwbdt
— ANI (@ANI) July 21, 2026
प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
इस विरोध ने छात्रों के मुद्दे को सड़क से सीधे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
PM आवास पर जरूरी कार्रवाई
प्रधानमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद और कार्यकर्ता जमा हुए थे। प्रदर्शनकारी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे थे।
भीड़ बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने नेताओं और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर अलग-अलग स्थानों पर भेजा।
राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाना ले जाया गया। अन्य कई सांसदों को किंग्सवे कैंप क्षेत्र में भेजा गया।
Congress Protest के बाद दिल्ली में राजनीतिक माहौल दिनभर गरम रहा। हिरासत और रिहाई ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया।
राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम में
राहुल गांधी को हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम में रखा गया। वह प्रदर्शन में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को छात्रों के भविष्य और जवाबदेही से जोड़ा। पार्टी का कहना है कि छात्रों के मुद्दे पर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
राहुल गांधी की हिरासत को लेकर विपक्षी खेमे में तीखी प्रतिक्रिया दिखी। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी राहुल गांधी के प्रति आभार जताया।
पार्टी ने कहा कि कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी आम जनता की आवाज को और मजबूती देंगे।
प्रियंका गांधी मंदिर मार्ग थाने में
प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लेकर नई दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। उनकी हिरासत की सूचना मिलते ही पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं।
#WATCH | Delhi | Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “… If the Leader of the Opposition wishes to speak in Parliament, he is not allowed to do so. If we seek permission to stage a protest, that permission is denied. So we went to a place where they least expected us.” pic.twitter.com/rLF8uXfmfe
— ANI (@ANI) July 21, 2026
सोनिया गांधी ने प्रियंका गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद वह मीडिया से बातचीत किए बिना वहां से रवाना हो गईं।
यह दृश्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए भावनात्मक पल बन गया। एक तरफ सड़क पर छात्र मुद्दे को लेकर आंदोलन था, दूसरी तरफ पार्टी का शीर्ष परिवार हिरासत और थाने की प्रक्रिया से गुजर रहा था।
Congress Protest ने कांग्रेस नेतृत्व की सीधी भागीदारी को साफ दिखाया।
प्रियंका का सीधा संदेश
रिहाई के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, “हम छात्रों के साथ खड़े हैं।”
प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी को देश का भविष्य बताया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस्तीफा देना ही होगा।
कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के मुद्दे पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। पार्टी सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी।
प्रियंका का बयान साफ संकेत देता है कि रिहाई के बाद भी कांग्रेस इस मुद्दे को समाप्त अध्याय नहीं मान रही।
छात्रों के मुद्दे का ग्राउंड इम्पैक्ट
पेपर लीक जैसे मुद्दे सीधे छात्रों और उनके परिवारों से जुड़े होते हैं। परीक्षा केवल एक दिन का आयोजन नहीं होती। उसके पीछे महीनों की तैयारी, परिवार की उम्मीद और युवाओं का भविष्य जुड़ा होता है।
इसी आधार पर कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन को छात्रों के समर्थन से जोड़ा। पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
Congress Protest में विपक्षी नेताओं की भागीदारी ने इस मुद्दे को व्यापक राजनीतिक रूप दिया। अब यह केवल परीक्षा व्यवस्था की शिकायत नहीं रही। यह जवाबदेही और शासन के मुद्दे से भी जुड़ गई है।
छात्रों के समर्थन का संदेश विपक्ष की रणनीति का मुख्य आधार बनता दिख रहा है।
विपक्षी नेताओं की बड़ी मौजूदगी
प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन में कई प्रमुख विपक्षी चेहरे शामिल रहे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी वहां मौजूद थे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। अलग-अलग विपक्षी दलों की मौजूदगी ने इस मुद्दे पर संयुक्त राजनीतिक दबाव की तस्वीर पेश की।
दिल्ली पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और नेताओं को अलग-अलग जगहों पर भेजा। इससे प्रदर्शन का केंद्र प्रधानमंत्री आवास से हटकर हिरासत स्थलों तक पहुंच गया।
यह विरोध मानसूनी राजनीतिक माहौल में विपक्ष की सक्रियता का बड़ा संकेत रहा।
कॉकरोच जनता पार्टी का बयान
कॉकरोच जनता पार्टी ने राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी आम जनता की आवाज को और मजबूती देने का काम करेंगे।
पार्टी ने राहुल गांधी की भूमिका को सत्य और अहिंसा के मार्ग से जोड़ा। बयान में कहा गया कि राहुल गांधी ने लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर छात्रों की मांगों और अधिकारों की आवाज बुलंद की।
इस बयान से यह साफ हुआ कि छात्र मुद्दे पर चल रहे विरोध को विपक्षी और सहयोगी समूह व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के रूप में पेश कर रहे हैं।
Congress Protest के बाद यह समर्थन कांग्रेस के लिए राजनीतिक ताकत का संकेत भी है।
पुलिस कार्रवाई की पूरी तस्वीर
दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जमा भीड़ को हटाया। नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया।
राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम में रखे गए। प्रियंका गांधी मंदिर मार्ग थाने ले जाई गईं। कई सांसदों को किंग्सवे कैंप क्षेत्र ले जाया गया।
यह कार्रवाई प्रदर्शन स्थल पर भीड़ नियंत्रण के लिए की गई। शाम तक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को रिहा कर दिया गया।
दिनभर चली राजनीतिक हलचल के बाद रिहाई ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नया संदेश दिया। पार्टी अब छात्रों के मुद्दे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
इस्तीफे की मांग तेज
प्रदर्शन का केंद्र पेपर लीक और इस्तीफे की मांग रहा। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे का मुद्दा उठाया।
प्रियंका गांधी ने रिहाई के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को साफ शब्दों में दोहराया।
कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। पार्टी इस मांग को आगे भी उठाती रहेगी।
यह मामला आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह उठ सकता है।
आगे आंदोलन का अगला कदम
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की रिहाई के बाद कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि छात्रों के मुद्दे पर उसका आंदोलन जारी रहेगा।
पार्टी सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी। विपक्षी नेताओं की संयुक्त मौजूदगी से यह संकेत भी मिला है कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल आगे बड़ी राजनीतिक बहस बन सकते हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस अगला कदम संसद में उठाती है या फिर सड़क पर नया प्रदर्शन करती है। छात्रों के मुद्दे ने सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव की नई रेखा खींच दी है।
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