9 दिन में PM मोदी का 5वां वीडियो, जंतर-मंतर विवाद पर बोले- बच्चों को राह दिखाने का समय
जंतर-मंतर पर पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन चर्चा में रहा। इस आंदोलन के दौरान कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इन्हीं टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया ने सब देखा। इसके बावजूद उन्होंने गुस्से के बजाय सुधार की बात की।

Modi Instagram Reel में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर अपने और अपनी मां के खिलाफ हुई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर पहली बार सीधे प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी गालियां दीं, लेकिन बचपन में गलतियां होती हैं। Modi Instagram Reel में उन्होंने कहा कि यह गुमराह बच्चों को राह दिखाने का समय है और वे उन्हें माफ करना चाहते हैं।
Modi Instagram Reel का बड़ा बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर नई रील शेयर कर जंतर-मंतर विवाद पर सीधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने उन्हें और उनकी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं।
मोदी ने इसे बचपन की गलती से जोड़ा। उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होती हैं और उन्हें सुधारने का अवसर भी होता है। उन्होंने कहा कि समाज के अंदर जो आक्रोश है, वे उसे भली-भांति समझते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सख्ती के बजाय माफी और सुधार की भाषा चुनी। उन्होंने कहा कि ये गुमराह बच्चे हैं और अब उन्हें राह दिखाने का समय है।
यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि पिछले 9 दिनों में यह PM मोदी का पांचवां वीडियो है। पेपर लीक, छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर विवाद के बीच PM लगातार सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संवाद कर रहे हैं।
पहले देखें जंतर-मंतर पर पढ़े लिखे जेन जी ने किस तरह की भाषा का इस्तेमाल देश के प्रधानमंत्री के लिए किया
To the Gen Zs at Jantar Mantar: Delete those abusive videos. It may not save you from police action, but it might spare your parents the embarrassment. Consider this friendly advice, not a threat. You’re now at the mercy of the system. With video evidence of abusive remarks… pic.twitter.com/aMurrDeSW4
— खडकवासल्याचा कोलंबस 🇮🇳 (@aapalacolumbus) July 25, 2026
Absolute cinema :-
12 years of frustration comes out at Jantar Mantar.
Modi ji ne in sbki care nhi ki, ab aap dekh skte ho inki mental health.
No support from my side to these people.
Vese andhbhak 🤡 bhi yhi sb krte mere comment section me mil jaenge. pic.twitter.com/0vIlHkSjYe
— I am Janvi (@jaanvii0) July 29, 2026
This is official Sanitization of Jantar Mantar 🔥
A girl was holding a Placard “Modi teri m*a k* bh**da”
Chad Male came and destroyed her in pieces 🔥🗿
Enough of abuses and vulgarity in the name of wokism. pic.twitter.com/5gnV0bKW7d
— JIGNESH܁ᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠᅠ (@jignesh03011976) July 26, 2026
Check this girl who abused PM Modi in most vulgar words in Delhi CJP protest.
In multiple instances she was found having fun abusing and insulting PM.
Nobody around her even tried to oppose her or confront her words. pic.twitter.com/dn3A02etxs
— The Bong Head (@TheBongHead) July 26, 2026
Another video of this lady seen holding a placard and abusing PM Modi.
This is the 3rd video of her seen in the protest, where she uses vulgar abuses against PM.
She had disabled her insta id. But some action must be taken by police. https://t.co/VG4tLncNdE pic.twitter.com/nYGaWgvjjI
— The Bong Head (@TheBongHead) July 26, 2026
Please find us details of anyone in this Video abusing PM Modi
We’ll initiate Legal Action pic.twitter.com/adnNGOiJGG
— The Jaipur Dialogues (@JaipurDialogues) July 27, 2026
जंतर-मंतर विवाद की असली वजह
जंतर-मंतर पर पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन चर्चा में रहा। इस आंदोलन के दौरान कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
इन्हीं टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया ने सब देखा। इसके बावजूद उन्होंने गुस्से के बजाय सुधार की बात की।
Modi Instagram Reel का संदेश यही था कि युवाओं की गलती को केवल दंड से नहीं, दिशा से भी देखा जाना चाहिए।
इस रील ने आंदोलन के भावनात्मक और नैतिक पक्ष को फिर बहस में ला दिया है। एक तरफ आपत्तिजनक भाषा पर आक्रोश है। दूसरी तरफ FIR और आपराधिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
FIR विरोध का बड़ा मोड़
कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली लड़की रुचिका सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने का विरोध किया है।
पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि लड़की के खिलाफ आपराधिक केस की जगह मानहानि का केस दर्ज होना चाहिए। उन्होंने इस कार्रवाई को मशीनरी का दुरुपयोग बताया।
उनका कहना है कि देश में लोग चलते-फिरते गाली देते हैं, फिर यह अपराध कैसे बन गया?
रुचिका सिंह के खिलाफ नोएडा पुलिस ने जीरो FIR दर्ज की है। वह 25 साल की हैं और नोएडा के सेक्टर 168 स्थित लोटस जिंग सोसायटी की निवासी हैं। मामला जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान PM मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।
वीडियो देखें :
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माफी और सियासत का ग्राउंड इम्पैक्ट
प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो में आपत्तिजनक भाषा की निंदा की, लेकिन संदेश को बच्चों की गलती और सुधार के अवसर के रूप में रखा। यह टोन राजनीतिक रूप से अलग है।
आमतौर पर ऐसे मामलों में सख्त प्रतिक्रिया, कार्रवाई और कानूनी भाषा ज्यादा दिखती है। यहां PM ने कहा कि वे उन्हें माफ करना चाहते हैं।
Modi Instagram Reel का यह हिस्सा सबसे ज्यादा चर्चा में है। इससे समर्थकों को प्रधानमंत्री की संयमित प्रतिक्रिया दिखी। विरोधी खेमे में FIR की प्रकृति और कार्रवाई पर बहस जारी है।
यह मामला अब केवल एक टिप्पणी या एक FIR तक सीमित नहीं रहा। यह सवाल बन गया है कि आंदोलन, अभिव्यक्ति, असहमति और आपत्तिजनक भाषा के बीच सीमा कहां खींची जाए।
9 दिन में पांचवां वीडियो
पिछले 9 दिनों में PM मोदी ने पांच वीडियो जारी किए हैं। इन सभी वीडियो का केंद्र छात्रों, पेपर लीक, परीक्षा सुधार और जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़ा रहा।
23 जुलाई को आधी रात के करीब उन्होंने पेपर लीक संशोधन बिल का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं।
Modi Instagram Reel आई सामने, पेपर लीक संदेश पर मिले सुझावों का जिक्र, देखें क्या कहा
24 जुलाई को उन्होंने वीडियो जारी कर युवाओं के सकारात्मक सुझावों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि देर रात उनसे मिलने का मौका मिला और उनके वीडियो पर मिले रिस्पॉन्स के लिए वे आभारी हैं।
Paper Leak Law पर बड़ा अपडेट, संसद में कठोर सजा वाला बिल पेश होगा
26 जुलाई को उन्होंने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून लाया जाएगा। इसी वीडियो में उन्होंने परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स के गठन की बात कही।
परीक्षा सुधार का जरूरी कदम
26 जुलाई वाले वीडियो में PM मोदी ने बताया कि परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स बनाई गई है। इस टीम में छह सदस्य होंगे। इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी इसके अध्यक्ष होंगे।
इस फैसले का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को भरोसेमंद बनाना है। PM ने कहा था कि भविष्य के बारे में भी सोचना होगा। परीक्षा सिस्टम विश्वसनीय हो और उसमें टेक्नोलॉजी का ज्यादा उपयोग हो।
पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा लंबे समय से बढ़ रहा था। 3 मई को NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा आंदोलन में बदला। 16 मई को सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी बनी।
जंतर-मंतर पर करीब 36 दिन प्रदर्शन चला। आंदोलन, अनशन और विरोध के बाद 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
संशोधन बिल का बड़ा असर
30 जुलाई को लोकसभा और राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पास हुआ। इसके बाद गुरुवार रात 10:40 बजे PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया।
उन्होंने कहा कि कई दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी परेशानी झेल रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य पर इसके कारण संकट पैदा हो रहा है।
यह बयान उस समय आया, जब पेपर लीक मुद्दे ने परीक्षा व्यवस्था पर भरोसे को कमजोर किया था। छात्रों और परिवारों की चिंता सीधे सरकार तक पहुंच चुकी थी।
Modi Instagram Reel की पूरी श्रृंखला को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। PM लगातार युवाओं को संबोधित कर रहे हैं और सरकार की कार्रवाई को समझा रहे हैं।
CJP आंदोलन की पूरी टाइमलाइन
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू होकर जंतर-मंतर तक पहुंचा। 3 मई को NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा उभरा।
16 मई को सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी बनी। इसके बाद आंदोलन ने डिजिटल और ग्राउंड दोनों स्तरों पर रफ्तार पकड़ी।
जंतर-मंतर पर करीब 36 दिन प्रदर्शन हुआ। इस दौरान अनशन, विरोध, राजनीतिक बयान, बॉलीवुड समर्थन और पुलिस कार्रवाई जैसे कई मोड़ आए।
आखिर में 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। आंदोलन खत्म हुआ, लेकिन उसके बाद भी उससे जुड़े वीडियो, बयान और कानूनी कार्रवाइयां चर्चा में बनी रहीं।
अब PM मोदी की नई रील ने उसी आंदोलन को फिर केंद्र में ला दिया है।
भाषा बनाम कानून की बहस
जंतर-मंतर विवाद ने एक नई बहस पैदा की है। क्या आपत्तिजनक राजनीतिक भाषा पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए या मानहानि का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने यही सवाल उठाया है। उनका कहना है कि आपराधिक केस मशीनरी का दुरुपयोग है।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री के समर्थक ऐसी भाषा को अस्वीकार्य मान रहे हैं। PM ने अपने वीडियो में कहा कि समाज के अंदर आक्रोश है, लेकिन बच्चों की गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है।
यहां राजनीति, कानून और सामाजिक मर्यादा एक साथ जुड़ गए हैं।
Modi Instagram Reel ने इस बहस को और व्यापक कर दिया है क्योंकि PM ने दंड की जगह माफी और मार्गदर्शन की भाषा का इस्तेमाल किया।
युवाओं के लिए सीधा संदेश
प्रधानमंत्री ने वीडियो में युवाओं को ‘गुमराह बच्चे’ कहा। उन्होंने कहा कि उन्हें राह दिखाने का समय है।
यह संदेश सीधे आंदोलन में शामिल युवाओं और छात्रों की ओर जाता है। PM ने यह स्वीकार किया कि समाज में आक्रोश है। उन्होंने इसे समझने की बात कही।
इससे सरकार की ओर से दोहरी रणनीति दिखती है। एक तरफ पेपर लीक पर कठोर कानून, परीक्षा सुधार और फास्ट ट्रैक प्रक्रिया है। दूसरी तरफ युवा आंदोलनकारियों को समझाने और उनसे संवाद का प्रयास है।
यही वजह है कि पिछले 9 दिनों में PM के वीडियो लगातार चर्चा में रहे हैं।
सोशल मीडिया का अगला कदम
PM मोदी ने इस पूरी बहस में इंस्टाग्राम को मुख्य माध्यम बनाया है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि आंदोलन भी सोशल मीडिया से तेज हुआ था।
CJP का उभार डिजिटल प्लेटफॉर्म से हुआ। जंतर-मंतर के वीडियो वायरल हुए। छात्रों और समर्थकों ने रील, पोस्ट और लाइव अपडेट्स से आंदोलन को फैलाया।
सरकार की प्रतिक्रिया भी उसी डिजिटल स्पेस में दिखी। PM मोदी के वीडियो युवा दर्शकों तक सीधे पहुंचे।
Modi Instagram Reel इसलिए सिर्फ बयान नहीं है। यह डिजिटल राजनीति का हिस्सा है, जहां नेता और प्रदर्शनकारी दोनों जनता से सीधे बात कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
अब नजर दो दिशाओं पर रहेगी। पहली, रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज FIR पर कानूनी प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है। दूसरी, PM मोदी की माफी और मार्गदर्शन वाली भाषा राजनीतिक टकराव को कम करती है या बहस को और तेज करती है।
पेपर लीक संशोधन बिल संसद से पास हो चुका है। परीक्षा सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाईपावर टास्क फोर्स बनी है। CJP आंदोलन खत्म हो चुका है, लेकिन उसकी गूंज अभी बाकी है।
जंतर-मंतर से उठा सवाल अब केवल गाली या FIR का नहीं है। असली सवाल यह है कि गुस्से में खड़ी युवा पीढ़ी से लोकतंत्र किस भाषा में बात करेगा—सिर्फ कानून से या संवाद से भी।
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FAQs
प्रश्न 1: PM मोदी ने नई Instagram Reel में क्या कहा?
उत्तर: PM मोदी ने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने उन्हें और उनकी मां को गालियां दीं, लेकिन वे उन्हें माफ करना चाहते हैं।
प्रश्न 2: PM मोदी ने युवाओं को लेकर क्या संदेश दिया?
उत्तर: उन्होंने कहा कि ये गुमराह बच्चे हैं और उन्हें राह दिखाने का समय है। उन्होंने बचपन की गलतियों को सुधारने की बात कही।
प्रश्न 3: रुचिका सिंह के खिलाफ मामला क्यों दर्ज हुआ?
उत्तर: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान PM मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में रुचिका सिंह के खिलाफ जीरो FIR दर्ज हुई।
प्रश्न 4: CJP ने FIR पर क्या कहा?
उत्तर: CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आपराधिक केस की जगह मानहानि का केस होना चाहिए और इसे मशीनरी का दुरुपयोग बताया।
प्रश्न 5: पिछले 9 दिनों में PM मोदी ने कितने वीडियो जारी किए?
उत्तर: पिछले 9 दिनों में PM मोदी ने छात्रों, पेपर लीक और जंतर-मंतर विवाद से जुड़े 5 वीडियो जारी किए।
प्रश्न 6: पेपर लीक संशोधन बिल कब पास हुआ?
उत्तर: 30 जुलाई को लोकसभा और राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पास हुआ।
प्रश्न 7: परीक्षा सुधार टास्क फोर्स की अध्यक्षता कौन करेगा?
उत्तर: इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी हाईपावर टास्क फोर्स के अध्यक्ष होंगे।
प्रश्न 8: CJP आंदोलन कब शुरू हुआ था?
उत्तर: 3 मई को NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा आंदोलन में बदला और 16 मई को सोशल मीडिया पर CJP बनी।
प्रश्न 9: जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन कितने दिन चला?
उत्तर: जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन करीब 36 दिन चला और 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म हुआ।
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