बयाना में भीड़ के हमले में पूर्व भाजपा विधायक की मौत, CM ने दिए जांच के आदेश, बेनीवाल का बड़ा हमला
Atar Singh Bhadana Death मामले में भाजपा के पूर्व विधायक की भरतपुर के बयाना क्षेत्र में भीड़ के हमले के बाद मौत हो गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीजीपी को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं, जबकि आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर रेंज के आईजी-एसपी को हटाने की मांग की है।

भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले में Atar Singh Bhadana Death को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीजीपी को निष्पक्ष और पुख्ता जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को डीजीपी से बात कर मामले की जानकारी ली और घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से भी इस मामले में बातचीत की और उन्हें पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने के लिए कहा।
क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे भड़ाना, विवाद के बाद हुआ हमला
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम करीब सात बजे अतर सिंह भड़ाना अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना के साथ खान क्षेत्र में बने आवास पर थे। इसी दौरान गांव के करीब 80 लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि उनके हाथों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार थे। आते ही उन्होंने भड़ाना को घेर लिया और लाठी-डंडों व सरियों से सिर, हाथ, पैर और पीठ पर वार करने शुरू कर दिए।
आरोप है कि हमले में भड़ाना के सिर से खून बहने लगा, और हमलावर उन्हें तब तक पीटते रहे, जब तक वे बेहोश नहीं हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे खान के कर्मचारी गगन, पूरन सिंह, प्रदीप और सुरक्षा गार्ड पर भी हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल भड़ाना को पहले वैर के उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
यह घटना भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भोंडा गांव के पास हुई, जहां भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना के नाम आवंटित खनन लीज और क्रशर प्लांट मौजूद है। भड़ाना इस क्रशर प्लांट को दोबारा शुरू कराने के लिए वहां पहुंचे थे, जिसके बाद गांव के लोगों से विवाद बढ़ गया।
मुख्यमंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश, घटनास्थल पर रखी नजर
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीजीपी को निष्पक्ष और पुख्ता जांच के निर्देश दिए। सोमवार को मुख्यमंत्री ने डीजीपी से बात कर मामले की पूरी जानकारी ली और घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से भी बातचीत करते हुए उन्हें पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने के लिए कहा।
हनुमान बेनीवाल ने उठाए सवाल, आईजी-एसपी हटाने की मांग
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भरतपुर रेंज के आईजी और पुलिस अधीक्षक को तत्काल हटाने की मांग की है।
बेनीवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों के आरोपों के अनुसार गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के कथित उकसावे के बाद भड़ाना के साथ मारपीट हुई। उनका कहना है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। गौर करने वाली बात यह है कि गृह राज्य मंत्री के खिलाफ यह आरोप स्थानीय लोगों और बेनीवाल की ओर से लगाए गए हैं, और इनकी पुष्टि अब तक किसी आधिकारिक जांच से नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि 27 सितंबर को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित बयाना दौरे की तैयारी को लेकर हुई भाजपा नेताओं की एक बैठक में भड़ाना और गृह राज्य मंत्री बेढम के बीच कहासुनी हुई थी। इसके अलावा भड़ाना की खदान से कुछ दिन पहले चोरी होने की भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। इन दोनों घटनाओं को भी स्थानीय स्तर पर मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इनका इस हमले से सीधा संबंध होना अभी जांच का विषय है।
पत्नी की शिकायत पर 80 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
एसएमएस अस्पताल जयपुर की मोर्चरी में सोमवार को मेडिकल बोर्ड से भड़ाना का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन शव को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पाली गांव ले गए। परिजनों ने पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने कुछ हमलावरों को नामजद करते हुए करीब 80 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कमलेश भड़ाना ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि जब उन्होंने अपने पति को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन्हें धक्का मारा और मारपीट करना शुरू कर दिया। इस हमले में कमलेश के शरीर पर भी चोट आई है।
25 सितंबर को भी हुआ था हमला, पहले दर्ज हुई थी शिकायत
रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले भी यही लोग 25 सितंबर 2026 को क्रेशर में घुस गए थे और कर्मचारियों से मारपीट कर क्रेशर में तोड़फोड़ कर फरार हो गए थे। इसकी शिकायत 27 सितंबर को वैर थाने पर दर्ज करवाई गई थी। इस घटनाक्रम से साफ है कि क्रेशर और खनन लीज को लेकर विवाद कई दिनों से चल रहा था, और रविवार की घटना इसी विवाद की अगली कड़ी के तौर पर सामने आई है।
Atar Singh Bhadana Death: Bhonda गांव में खनन रोड विवाद पर बवाल, घायल गार्ड ने सुनाई हमले की कहानी
राजस्थान के भरतपुर जिले के भोंडा गांव में खनन सड़क और क्रशर संचालन को लेकर हुए विवाद के दौरान हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूर्व BJP विधायक अतर सिंह भड़ाना की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि 50 से अधिक लोगों के बीच हुए संघर्ष में मारपीट हुई। घटना में घायल निजी सुरक्षा गार्ड गगन शर्मा ने हमले की जानकारी दी है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले में विवाद की परिस्थितियों, घायलों के बयानों और पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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— JAN TV (@JANTV2012) October 12, 2026
पुलिस अब दोनों घटनाओं को आपस में जोड़कर जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की असली वजह क्या थी और किस स्तर पर इसे रोका जा सकता था। परिवार की ओर से की गई सीबीआई जांच की मांग को भी इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
भरतपुर क्षेत्र में खनन और क्रशर लीज को लेकर स्थानीय स्तर पर टकराव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन किसी पूर्व विधायक की मौत तक पहुंच जाना इस विवाद को प्रदेश स्तर की राजनीतिक और प्रशासनिक बहस में ले आया है। फिलहाल पुलिस की तरफ से नामजद हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, और पूरे मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है।
बेटी आईएएस अधिकारी, बेटा सुप्रीम कोर्ट में वकील
अतर सिंह भड़ाना के परिवार में एक पुत्र और चार बेटियां हैं। उन्होंने अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई है। भड़ाना की सबसे छोटी पुत्री किरण भड़ाना भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2017 बैच की अधिकारी हैं। वहीं इकलौते बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर कार्यरत हैं।
उनके निधन की खबर से न केवल राजनीतिक गलियारों और भरतपुर संभाग में शोक की लहर दौड़ गई है, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी हलकों में भी उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच इस घटना ने एक बार फिर राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।
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