Sanjay Kapoor property dispute ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के पूर्व पति और दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने करिश्मा कपूर को नोटिस जारी किया है, जिससे यह मामला और पेचीदा हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने करिश्मा कपूर को क्यों जारी किया नोटिस
करिश्मा कपूर और दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की संपत्ति से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को करिश्मा कपूर को औपचारिक नोटिस जारी किया। यह नोटिस संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर की ओर से दाखिल याचिका पर जारी किया गया है।
कोर्ट ने करिश्मा कपूर को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति के बंटवारे और कानूनी उत्तराधिकार से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
प्रिया सचदेव कपूर ने क्या मांग की कोर्ट से
प्रिया सचदेव कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर यह मांग की है कि उन्हें करिश्मा कपूर और संजय कपूर के 2016 में हुए तलाक से जुड़े सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
उनका कहना है कि ये दस्तावेज दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित उत्तराधिकार (Succession) केस में आधिकारिक रूप से जरूरी हैं, ताकि संजय कपूर की संपत्ति से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
चैंबर में हुई सुनवाई, जस्टिस ए.एस. चंदुरकर ने सुनी याचिका
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर ने अपने चैंबर में की। सुनवाई के दौरान प्रिया सचदेव की ओर से दलील दी गई कि तलाक के दस्तावेजों के बिना उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में निष्पक्ष निर्णय संभव नहीं है।
कोर्ट ने इस दलील को सुनने के बाद करिश्मा कपूर को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का समय दिया।
खुद को संजय कपूर की कानूनी उत्तराधिकारी बता रहीं प्रिया
प्रिया सचदेव कपूर ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि संजय कपूर के निधन के बाद वह उनकी वैध और कानूनी पत्नी हैं और इस आधार पर उनकी संपत्ति में उनकी सीधी और वैधानिक हिस्सेदारी बनती है।
उन्होंने कहा कि वह संजय कपूर की संपत्ति से जुड़े सभी मामलों में कानूनी रूप से प्रभावित पक्ष हैं, इसलिए उन्हें सभी आवश्यक दस्तावेजों तक पहुंच मिलनी चाहिए।
तलाक के दस्तावेज क्यों बने विवाद की जड़
प्रिया सचदेव का तर्क है कि 2016 में करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच हुए तलाक के दौरान जो आर्थिक समझौते, सेटलमेंट और बच्चों की कस्टडी से जुड़े फैसले हुए थे, वे मौजूदा संपत्ति विवाद में बेहद अहम हैं।
इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो सकता है कि तलाक के समय संजय कपूर ने किन शर्तों पर समझौता किया था और उनकी संपत्ति को लेकर क्या व्यवस्थाएं तय हुई थीं।
करिश्मा कपूर और संजय कपूर का विवादित तलाक
करिश्मा कपूर और संजय कपूर का वैवाहिक जीवन काफी विवादों से भरा रहा। दोनों की शादी के बाद रिश्तों में तनाव बढ़ता गया और मामला कोर्ट तक पहुंचा।
तलाक की प्रक्रिया के दौरान करिश्मा कपूर ने संजय कपूर पर घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने संजय की कथित नशे की लत को वैवाहिक जीवन बिगड़ने का कारण बताया था।
2016 में आपसी सहमति से हुआ था तलाक
लंबी कानूनी लड़ाई और कई आरोप-प्रत्यारोप के बाद करिश्मा कपूर और संजय कपूर ने साल 2016 में आपसी सहमति से तलाक ले लिया था।
तलाक के बाद करिश्मा कपूर ने संजय कपूर के खिलाफ दर्ज घरेलू हिंसा का मामला वापस ले लिया था, जिससे दोनों पक्षों के बीच कानूनी टकराव औपचारिक रूप से खत्म हो गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी रद्द किए थे केस
तलाक के समय ही सुप्रीम कोर्ट ने करिश्मा कपूर द्वारा दर्ज दहेज उत्पीड़न का केस भी रद्द कर दिया था। यह फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि करिश्मा कपूर ने खुद इस केस को खत्म करने की सहमति दी थी।
इस तरह 2016 के बाद दोनों के बीच कोई सक्रिय कानूनी मामला नहीं बचा था, लेकिन संजय कपूर के निधन ने एक बार फिर पुरानी फाइलें खोल दीं।
संजय कपूर की संपत्ति को लेकर नई कानूनी जंग
संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति को लेकर एक नई और जटिल कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। इस विवाद में एक तरफ उनकी तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर हैं, तो दूसरी तरफ करिश्मा कपूर से उनके दो बच्चे समायरा कपूर और कियान कपूर।
तीनों पक्ष संजय कपूर की संपत्ति पर अपना-अपना दावा पेश कर रहे हैं।
समायरा और कियान ने वसीयत को बताया फर्जी
संजय कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि प्रिया सचदेव द्वारा पेश की गई वसीयत फर्जी और मनगढ़ंत है।
उनका दावा है कि यह वसीयत जानबूझकर इस तरह तैयार की गई है ताकि उन्हें अपने पिता की संपत्ति से बाहर रखा जा सके।
दोनों पक्षों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप
दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे इस उत्तराधिकार विवाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
एक तरफ प्रिया सचदेव खुद को वैध पत्नी और उत्तराधिकारी बता रही हैं
दूसरी तरफ बच्चे वसीयत की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं
इससे मामला और भी संवेदनशील और कानूनी रूप से जटिल होता जा रहा है।
कौन थे संजय कपूर
संजय कपूर देश के जाने-माने उद्योगपति थे। वह ऑटो पार्ट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी सोना कॉमस्टार (Sona Comstar) के चेयरमैन थे।
उनकी गिनती भारत के प्रभावशाली बिजनेस लीडर्स में होती थी और वैश्विक स्तर पर उनकी कंपनी की मजबूत मौजूदगी थी।
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जून 2025 में लंदन में हुआ था निधन
संजय कपूर का निधन जून 2025 में हुआ था। वह उस समय लंदन में पोलो खेल रहे थे, जब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मृत्यु हो गई।
उनके असामयिक निधन के बाद न सिर्फ बिजनेस जगत, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में भी शोक की लहर दौड़ गई थी।
क्यों अहम है यह मामला
यह केस सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं है, बल्कि इसमें
करोड़ों की संपत्ति
अंतरराष्ट्रीय बिजनेस हित
बच्चों के कानूनी अधिकार
और तलाक से जुड़े पुराने समझौते
जैसे कई अहम पहलू जुड़े हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट की यह कार्रवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।
आगे क्या हो सकता है
अब सबकी नजरें करिश्मा कपूर के जवाब पर टिकी हैं। अगर वह तलाक के दस्तावेज देने पर सहमत होती हैं, तो दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे उत्तराधिकार केस में बड़ा मोड़ आ सकता है।
वहीं, अगर इस पर आपत्ति जताई जाती है, तो यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया में और उलझ सकता है।
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