सवाल नहीं, अब काम करेगा ChatGPT! App Store हुआ लॉन्च, ऑल-इन-वन असिस्टेंट, App Store ने बदली तस्वीर Read it later

ChatGPT App Store ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ा बदलाव कर दिया है। अब तक यूजर्स ChatGPT से सवाल पूछते थे और जवाब मिलने के बाद बाकी कामों के लिए अलग-अलग ऐप्स या वेबसाइट्स खोलनी पड़ती थीं। लेकिन OpenAI के नए App Store लॉन्च के बाद ChatGPT सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधे काम करने वाला डिजिटल असिस्टेंट बन जाएगा।

ChatGPT App Store क्या है और क्यों खास है

OpenAI ने ChatGPT के लिए अपना अलग App Store लॉन्च कर दिया है। इसका मकसद ChatGPT को एक ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां यूजर चैट करते-करते ही रोजमर्रा के जरूरी काम निपटा सके। अब अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने या बार-बार प्लेटफॉर्म बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बिना ऐप इंस्टॉल किए मिलेगा बड़ा फायदा

ChatGPT App Store की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मौजूद ऐप्स को फोन या लैपटॉप में अलग से इंस्टॉल नहीं करना होगा। यूजर को सिर्फ एक बार Connect बटन दबाना होगा और ऐप तुरंत ChatGPT से जुड़ जाएगा। इसके बाद वही ऐप सीधे चैट इंटरफेस के अंदर काम करने लगेगा।

बड़े ब्रांड्स की एंट्री ने बढ़ाई ताकत

इस नए प्लेटफॉर्म पर Adobe, Canva और Google Drive जैसे भरोसेमंद और बड़े नाम शामिल किए गए हैं। हाल ही में Adobe के Photoshop और Acrobat से जुड़े फीचर्स ChatGPT में जोड़े गए थे। उसी के बाद से इस App Directory के लॉन्च की चर्चा तेज हो गई थी। अब डिजाइन, डॉक्यूमेंट एडिटिंग और फाइल मैनेजमेंट जैसे काम चैट के दौरान ही किए जा सकेंगे।

चैट करते-करते होंगे रोजमर्रा के काम

OpenAI का कहना है कि ChatGPT को अब सिर्फ सवाल-जवाब वाला टूल नहीं रखा जाएगा। इसे एक ऐसा डिजिटल असिस्टेंट बनाया जा रहा है, जो यूजर की जरूरत समझकर काम भी करवाए।
अगर आप किराये का घर ढूंढ रहे हैं, तो चैट के दौरान ही अपार्टमेंट सर्च हो जाएगा। ग्रॉसरी ऑर्डर करनी है, तो बातचीत करते-करते ऑर्डर प्लेस हो जाएगा। ऑफिस के लिए कोई आइडिया लिखा है, तो वही कंटेंट सीधे स्लाइड डेक या प्रेजेंटेशन में बदल सकता है।

तीन कैटेगरी में बंटा है ChatGPT App Store

यूजर्स को सही ऐप ढूंढने में आसानी हो, इसके लिए App Store को तीन मुख्य कैटेगरी में बांटा गया है।

  • Featured: सबसे पॉपुलर और ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ऐप्स

  • Lifestyle: रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े ऐप्स

  • Productivity: काम, ऑफिस और प्रोफेशनल यूज से जुड़े ऐप्स

इस कैटेगरी सिस्टम की वजह से यूजर्स को अपनी जरूरत के हिसाब से ऐप चुनना आसान हो जाता है।

ChatGPT App Store का इस्तेमाल कैसे करें

ChatGPT App Store को इस्तेमाल करना बेहद आसान रखा गया है।
वेब यूजर्स सीधे chatgpt.com/apps पर जाकर ऐप्स एक्सेस कर सकते हैं।
मोबाइल यूजर्स के लिए ChatGPT ऐप के लेफ्ट साइडबार में प्रोफाइल सेक्शन के अंदर Apps का ऑप्शन दिया गया है।

स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
  • सबसे पहले Browse Apps पर जाएं

  • अपनी जरूरत के ऐप पर Connect बटन दबाएं

  • ऐप कनेक्ट होते ही चैट बॉक्स में @ लिखकर ऐप का नाम टाइप करें

  • इसके बाद अपना काम शुरू करें

एक बार कनेक्शन हो जाने के बाद उस ऐप को बार-बार जोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पुराने फीचर्स को भी किया गया अपडेट

OpenAI यहीं नहीं रुका है। कंपनी एक ऐसे फीचर पर भी काम कर रही है, जिसमें ChatGPT खुद समझ जाएगा कि आपकी बातचीत के हिसाब से कौन सा ऐप सबसे ज्यादा काम आएगा और वही ऐप आपको सजेस्ट कर देगा। इससे यूजर एक्सपीरियंस और ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा।

कनेक्टर्स के नाम बदले गए

इसके साथ ही पुराने कनेक्टर्स के नाम भी बदले गए हैं। अब Google Drive या Dropbox जैसे टूल्स को नए नामों से जाना जाएगा।

  • Apps with file search

  • Apps with sync

इस बदलाव का मकसद ऐप्स के काम करने के तरीके को ज्यादा साफ और समझने योग्य बनाना है।

प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर OpenAI का बयान

डेटा सुरक्षा को लेकर OpenAI ने साफ किया है कि ये ऐप्स ChatGPT के Memory फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर यूजर ने सेटिंग्स में AI को बेहतर बनाने वाला विकल्प ऑन किया है, तो कुछ डेटा भविष्य के मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि यूजर्स को अपने डेटा पर पूरा कंट्रोल दिया जाएगा।

Sam Altman की रणनीति क्या इशारा करती है

Sam Altman की अगुवाई वाली OpenAI का यह कदम साफ संकेत देता है कि ChatGPT को आने वाले समय में सिर्फ चैटबॉट नहीं, बल्कि एक पावरफुल डिजिटल साथी बनाने की तैयारी है। ऐसा असिस्टेंट, जो सोच सके, सुझाव दे सके और जरूरत पड़ने पर सीधे काम भी कर सके।

ChatGPT App Store से यूजर्स को क्या फायदा होगा

ChatGPT App Store से यूजर्स का समय बचेगा, ऐप्स की भीड़ कम होगी और काम ज्यादा तेजी से होंगे। एक ही जगह पर बातचीत, प्लानिंग और एक्शन—तीनों संभव हो जाएंगे। यह बदलाव खासकर स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

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