Instagram Data Leak ने दुनियाभर के सोशल मीडिया यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। 1.75 करोड़ से ज्यादा इंस्टाग्राम यूजर्स की निजी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लगने की बात सामने आई है। फोन नंबर, ईमेल और एड्रेस जैसी संवेदनशील डिटेल्स डार्क वेब पर बिक रही हैं, जिससे भारत समेत कई देशों में खतरा बढ़ गया है।
क्या है Instagram Data Leak का पूरा मामला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram से जुड़े 1.75 करोड़ से अधिक यूजर्स का संवेदनशील पर्सनल डेटा लीक होने की जानकारी सामने आई है। यह डेटा साइबर अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंच चुका है और डार्क वेब पर खुलेआम बेचा जा रहा है। इस लीक में केवल यूजरनेम ही नहीं, बल्कि घर का पता, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस जैसी जानकारियां भी शामिल बताई जा रही हैं, जिससे यूजर्स की डिजिटल और फिजिकल सुरक्षा दोनों पर खतरा पैदा हो गया है।
डेटा लीक की पुष्टि कैसे हुई
एंटीवायरस और साइबर सिक्योरिटी फर्म Malwarebytes ने इस लीक का खुलासा किया। कंपनी ने बताया कि यह जानकारी उनकी नियमित डार्क वेब मॉनिटरिंग के दौरान सामने आई। मालवेयरबाइट्स ने अपने कस्टमर्स को भेजे गए अलर्ट ईमेल में कहा कि यह डेटा साइबर अपराधियों के लिए बेहद मूल्यवान है और इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर फ्रॉड के लिए किया जा सकता है।
2024 की API सुरक्षा चूक से जुड़ा है मामला
रिपोर्ट के मुताबिक यह डेटा लीक 2024 में इंस्टाग्राम के API (Application Programming Interface) से जुड़ी एक सुरक्षा चूक से संबंधित है। API वह तकनीकी सिस्टम होता है, जिसके जरिए ऐप्स एक-दूसरे से डेटा शेयर करते हैं। इसी इंटरफेस में कमजोरी का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने यूजर्स की जानकारी एक्सेस कर ली।
कौन-कौन सी जानकारी लीक हुई
लीक हुए डेटा में शामिल हो सकती हैं—
इंस्टाग्राम यूजरनेम
फोन नंबर
ईमेल एड्रेस
घर का पता
अकाउंट से जुड़ी अन्य प्रोफाइल डिटेल्स
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी विस्तृत जानकारी मिल जाने से साइबर अपराधियों के लिए यूजर्स को निशाना बनाना बेहद आसान हो जाता है।
भारत में खतरा क्यों ज्यादा है
स्टेटिस्टिक्स के अनुसार अक्टूबर 2025 तक भारत में इंस्टाग्राम के करीब 48 करोड़ यूजर्स हैं। इसके अलावा फेसबुक और व्हाट्सऐप के भी 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स भारत में मौजूद हैं।
भारत मेटा के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि लीक हुए डेटा में बड़ी संख्या में भारतीय यूजर्स की जानकारी शामिल हो सकती है।
हैकर्स इस डेटा का क्या कर सकते हैं
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह डेटा सिर्फ इंस्टाग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। इसका इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है—
Phishing Attacks
हैकर्स फर्जी ईमेल, SMS या DM भेजकर यूजर्स से पासवर्ड या बैंक डिटेल्स चुरा सकते हैं।
Account Takeover
यूजर के अकाउंट को पूरी तरह हैक कर उसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
Credential Stuffing
अगर यूजर वही पासवर्ड फेसबुक, नेटफ्लिक्स, ईमेल या बैंकिंग ऐप में भी इस्तेमाल करता है, तो वहां भी सेंध लग सकती है।
डार्क वेब पर क्यों बिकता है यूजर डेटा
डार्क वेब साइबर अपराधियों का अंडरग्राउंड मार्केट होता है, जहां चोरी किया गया डेटा बेचा जाता है।
फोन नंबर और ईमेल जैसी जानकारी का इस्तेमाल—
फर्जी लोन
ऑनलाइन ठगी
सोशल इंजीनियरिंग
पहचान की चोरी
जैसे अपराधों में किया जाता है।
Meta ने क्या सफाई दी
इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी Meta ने डेटा ब्रीच के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि—
सिस्टम में कोई डेटा ब्रीच नहीं हुआ है
एक तकनीकी समस्या थी, जिससे कुछ यूजर्स के लिए पासवर्ड रीसेट ईमेल भेजे जा सकते थे
इस समस्या को ठीक कर लिया गया है
यूजर्स के अकाउंट सुरक्षित हैं
यूजर्स को क्यों रहना चाहिए सतर्क
भले ही कंपनी ने ब्रीच से इनकार किया हो, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूजर्स को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
इतिहास गवाह है कि कई बार कंपनियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जमीनी हकीकत में फर्क होता है।
अपना Instagram अकाउंट ऐसे सुरक्षित रखें
यूजर्स को सलाह दी जाती है कि—
तुरंत पासवर्ड बदलें
हर प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग पासवर्ड रखें
Two-Factor Authentication (2FA) ऑन करें
संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक न करें
अकाउंट लॉगिन एक्टिविटी नियमित जांचें
यह सिर्फ Instagram की समस्या नहीं
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि डिजिटल युग में कोई भी प्लेटफॉर्म पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल जितना सुविधाजनक है, उतना ही जोखिम भरा भी बनता जा रहा है।
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