National

Parliament Security Breach: आरोपी मनोरंजन के पिता ने कही ये बात

बुधवार को संसद की सुरक्षा में सेंध (Parliament Security Breach) का मामला गरमाया रहा। दरअसल लोकसभा में कार्यवाही चल रही थी तभी दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा कक्ष में कूद पड़े! उन्‍होंने गैस कनस्तर से पीला धुआं छोड़ा। वहीं, दो लोगों ने संसद के बाहर परिसर में पीला धुआं छोड़ा और नारे लगाए। चारों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। संसद के अंदर घुसपैठ करने वाले दो लोगों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन के रूप में की गई है। मनोरजंन कर्नाटक के मैसूर के रहने वाला है। सागर शर्मा मैसूर लोकसभा सदस्य प्रताप सिम्हा के अतिथि के रूप में संसद पहुंचा था।

https://twitter.com/Angryman_J/status/1734848550666920076?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1734848550666920076%7Ctwgr%5E0b749ef54da9b67dd6c539daf9432da8603cdea2%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.asianetnews.com%2Fnational-news%2Fintruder-father-says-parliament-security-breach-is-inexcusable-clueless-about-motives-vva%2Farticleshow-d30bfcu

मनोरंजन कर्नाटक के रहने वाले किसान देवराजू गौड़ा का बेटा है। देवराजू गौड़ा यह जानकर हैरान रह गए कि उनका बेटा संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने में शामिल था। उन्होंने बताया कि मनोरंजन ने बेंगलुरु में पढ़ाई की है। उसकी पढ़ाई 2014 में पूरी हो गई थी । उसने मैसूर विवेकानंद यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीई किया है। पिता ने बताया कि 35 साल का मनोरंजन अक्सर दिल्ली-बेंगलुरु के बीच सफर करता था। गौड़ा ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि उनका बेटा दिल्ली और बेंगलुरु में कहां रह रहा है।

https://twitter.com/Angryman_J/status/1734857552226324548

मनोरंजन दिल्ली और बेंगलुरु के बीच यात्रा करता था

गौड़ा ने कहा, “मेरे बेटे मनोरंजन ने 2014 में बेंगलुरु में अपनी पढ़ाई पूरी की। वह अक्सर दिल्ली और बेंगलुरु के बीच यात्रा करता था। मैं स्‍वयं उसके हाल के ठिकाने से अनजान हूं। मैं तो एक साधारण एक किसान हूं। मनोरंजन कड़ी मेहनत कर रहा है। वह कभी-कभी आता रहता था।” गाँव और खेती में मदद के लिए। उसने मुझे अपने ठिकाने या आने-जाने के बारे में कभी नहीं बताया।”

गौड़ा ने आगे कहा, “संसद एक मंदिर की तरह है। अगर मेरा बेटा इस घटना में शामिल है तो यह अक्षम्य है। मैं ऐसे कार्यों की कड़ी निंदा करता हूं। मुझे नहीं पता कि उसने ऐसा क्यों किया।”

 

संसद की सुरक्षा कौन और किस तरह करता है?

संसद सुरक्षा सेवा की नियमावली के मुताबिक पूरे संसद भवन परिसर की जिम्मेदारी लोकसभा सचिवालय के अतिरिक्त सचिव (सुरक्षा) की होती है. इसके दो भाग हैं-

1. संसद के अंदर राज्यसभा/लोकसभा चैंबर, लॉबी, गैलरी, सेंट्रल हॉल, एमपी वेटिंग रूम, कॉरिडोर और कमेटी चैंबर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संसद सुरक्षा सेवा के अधीन है। इस स्टाफ के पास हथियार नहीं हैं.

2. बाहरी परिसर संसद भवन परिसर की दीवारों से सटे क्षेत्र की सुरक्षा करता है। संसद सुरक्षा सेवा इसके लिए दिल्ली पुलिस की मदद लेती है। अन्य अर्धसैनिक बलों की भी मदद ली जा रही है. वे हथियारों से लैस हैं.

संसद सुरक्षा सेवा का कार्य का क्‍या होता है इंतजाम?

(i) वीआईपी/वीवीआईपी और सांसदों की सुरक्षा में समन्वय स्थापित करना।

(ii) संसद में आने वाले अतिरिक्त वाहनों, लोगों और किसी भी सामग्री को नियंत्रित और निगरानी करना।

(iii) राज्यसभा कक्ष, गैलरी, सेंट्रल हॉल और संसद परिसर के अन्य क्षेत्रों की सुरक्षा करना। खासकर अगर कोई तोड़फोड़ हो तो उस पर नियंत्रण रखें और कार्रवाई करें। (iv) संसद परिसर के भीतर व्यवस्था बनाए रखना।

(v) आगंतुकों और कर्मचारियों का प्रवेश और तलाशी।

(vi) संसद भवन परिसर के सभी क्षेत्रों में तोड़फोड़ सामग्री और विस्फोटक आदि की जांच करना।

(vii) आग की रोकथाम और स्वच्छता सेवाएं सुनिश्चित करना।

 

अब समझ‍िए दर्शकों को संसद में प्रवेश की क्‍या प्रक्रिया है (Parliament Security Breach)

  • संसद की कार्यवाही देखने के लिए संसद प्रवेश पास बनवाना पड़ता है. इसके लिए संसद सचिवालय में आवेदन करना होगा. इस आवेदन को किसी एक सांसद द्वारा सत्यापित किया जाना है।
  • 15 नवंबर 2019 को लोकसभा में जारी संसदीय और अन्य मामलों से संबंधित दस्तावेज़ के अनुसार, सांसदों को यह घोषित करना होगा कि वे उन लोगों को व्यक्तिगत रूप से अच्छी तरह से जानते हैं जिनके लिए वे विजिटर पास के लिए आवेदन कर रहे हैं।
  • नियमों के मुताबिक उन्हें आवेदन पत्र में यह लिखना होगा कि वह विशेष दर्शक मेरा रिश्तेदार या निजी मित्र है, जिसे मैं निजी तौर पर जानता हूं और उसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।
  • आवेदन पत्र में आगंतुक का पूरा नाम एवं जानकारी स्पष्ट अक्षरों में लिखी होती है। जानकारी में कोई कमी या त्रुटि होने पर विजिटर्स पास जारी नहीं किए जाते हैं।
  • आवेदन पत्र में दर्शक का पता और संपर्क नंबर समेत पूरी जानकारी मांगी जाती है, जिसे बाद में पुलिस सत्यापन कराया जाता है।
  • सामान्य आगंतुक पास के लिए आवेदन किसी भी स्थिति में यात्रा की तारीख से एक दिन पहले नजदीकी पास जारी करने वाले कक्ष में जमा करना होगा। इसके बाद पास जारी किये जाते हैं। ये पास एक निश्चित अवधि के लिए जारी किए जाते हैं। समय खत्म होने के बाद संसद में रुकने या अंदर जाने की मनाही है।

 

संसद में प्रवेश के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल क्या है?

संसद की सुरक्षा संभालने वाली संसद सुरक्षा सेवा द्वारा 2010 में जारी मैनुअल के अनुसार ये नियम हैं

  • पहली परत में संसद के मुख्य द्वार पर जांच शामिल है, जहां आपका फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक और धातु उपकरण एकत्र किए जाते हैं। आमतौर पर ये जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की होती है।
  • सार्वजनिक गैलरी के चेकिंग पोस्ट पर संसद सुरक्षाकर्मी डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर/हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच करते हैं। महिलाओं की जांच महिला सुरक्षा कर्मियों द्वारा की जाती है और पुरुषों की जांच पुरुष सुरक्षा कर्मियों द्वारा की जाती है।
  • प्रवेश पास जो उपलब्ध है। आइए इसे अपनी सूची से दोबारा जांचें। इसमें नाम, पहचान पत्र और फोटो का मिलान किया जाता है।
  • अंदर जाने से पहले दर्शकों को सारे नियम बताए जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। नारे लगाना, पर्चे या कोई अन्य आपत्तिजनक वस्तु फेंकना और कूदना या ऐसा करने का प्रयास करना प्रतिबंधित है।
  • दर्शक दीर्घा में बैठने के दौरान भी आपके आसपास गार्ड मौजूद रहते हैं. जैसे ही वे बातचीत, शोर या किसी भी तरह की हलचल देखते हैं, वे आपको वहीं रोक देते हैं। अव्यवस्था का संदेह होने पर दर्शक दीर्घा से बाहर कर दिया जाता है।

 

 

ये भी पढ़ें –

Rajasthan CM Declare: भजनलाल का नाम पहले से तय था, सामान्‍य पार्टी कार्यकर्ता को मुख्‍यमंत्री बनाकर मोदी-शाह ने दिया राजनीतिक संदेश

 

 

Like and Follow us on :

Google News |Telegram | Facebook | Instagram | Twitter | Pinterest | Linkedin

सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button