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Corona Effect:छोटे शहरों और कस्बों से आ रही ऑनलाइन ग्राॅसरी की ज्यादा डिमांड, लाॅकडाउन में बिगबास्केट और ग्रोफर्स से जुड़े 62% ज्यादा ग्राहक

कंपनी ने कहा- महानगरों की तुलना में छोटे शहरों से ऑर्डर ज्‍यादा मिल रहे हैं
कोविड -19 महामारी के चलते कई फिजिकल स्टोर्स बंद हैं


नई दिल्ली | छोटे शहरों और कस्बो में ऑनलाइन किराने की डिलीवरी सर्विस के मामले में ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। लाॅकडाउन के दौरान छोटे शहरों के कंज्यूमर्स में ऑनलाइन डिलीवरी के प्रति ज्यादा रूझान देखा गया है। Bigbasket, ग्रोफर्स समेत ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म के मुताबिक, देशव्यापी लाॅकडाउन में महानगरों के मुकाबले छोटे शहरों के ग्राहकों ने ज्यादा ऑनलाइन सामान मंगवाएं हैं।

ग्राहक ने बदला खरीदारी का पैटर्न 

कोविड -19 महामारी के चलते कई फिजिकल स्टोर्स बंद हैं और जहां खुले भी हैं वहां या तो ज्यादा सामान उपलब्ध नहीं हैं या फिर सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग बाहर निकलने से डर रहे हैं। यही वजह है कि ग्राहक अपनी खरीद पैटर्न में बदलाव की ओर अग्रसर है।

बिग बास्केट के को-फाउंडर हरी मेनन ने कहा कि  जयपुर, अहमदाबाद, इंदौर, त्रिची, सेलम जैसे शहरों में ग्राहकों की खरीद पैटर्न में बदलाव देखा गया है। वे बताते हैं, ऑनलाइन किराने की डिलिवरी सर्विस में मार्च के मुकाबले अप्रैल में टियर- II शहरों में 56% की वृद्धि हुई, जबकि महानगरों में लगभग 35% ही वृद्धि हुई है।

 


ऑनलाइन ग्रॉसरी फॉर्म से जुड़े नए ग्राहक

Grofers की मानें तो लॉकडाउन के दौरान करीब 62% ज्यादा ग्राहक जुड़े हैं। इसमें करीब 50% ऐसे ग्राहक भी हैं जिन्होंने कि लंबे समय के लिए ऑनलाइन किराना डिलिवरी सर्विस पर भरोसा जताया है।  ग्रोफर्स के कोफ़ाउंडर, अलबिंदर ढींडसा बताते हैं कि ज्यादातर ग्राहक ऑनलाइन किराने की डिलीवरी सर्विस पसंद कर रहे हैं।

यह भी वजह है कि मौजूदा समय में आधा दर्जन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्टार्टअप जैसे कि स्विगी, जोमैटो, शॉपकिराना, डीलशेयर और शॉपमैटिक ने ग्राॅसरी डिलीवरी के लिए कई कंपनियों के साथ साझेदारी की है। स्विगी की मानें तो पिछले दो माह में 300 शहरों में अपनी किराने की डिलीवरी को बढ़ाया है। कंपनी ने एक बयान में कहा है कि महानगरों की तुलना में छोटे शहरों में ऑर्डर अधिकता है
 

सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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