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Chandrayaan 3 mission:इसरो ने अब तक विक्रम-प्रज्ञान के 10 फोटो और 4 वीडियो शेयर किए

Chandrayaan 3 mission:इसरो ने शनिवार को Shiv Shakti Point (चांद पर लैंडर जिस जगह उतरा) पर घूम रहे प्रज्ञान रोवर का दूसरा वीडियो शेयर किया है। इससे पहले इसरो ने 25 अगस्त को चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर से बाहर निकलते प्रज्ञान रोवर का वीडियो शेयर किया था। लैंडर 23 अगस्त को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा पर उतरा था।

इसरो ने बताया कि प्रज्ञान रोवर अगले 11 दिनों में लैंडर के आसपास आधा किमी घूमेगा। ये एक सेमी प्रति सेकेंड की गति से चलता है और अपने आस-पास की चीजों को स्कैन करने के लिए नेविगेशन कैमरों का इस्तेमाल कर रहा है। इसरो अब तक मून मिशन की 10 फोटो और 4 वीडियो शेयर कर चुका है।

इसरो ने ये भी साफ किया कि चंद्रयान-3 मिशन (Chandrayaan 3 mission) के 3 उद्देश्य थे, जिनमें से 2 सफलतापूर्वक पूरे हो गए हैं- 1. चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग। 2. चांद की सतह पर रोवर को चलाने में कामयाब रहे। 3. चांद की सतह पर वैज्ञानिक परीक्षण फिलहाल चल रहा है। सभी पेलोड सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं।

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26 अगस्त: प्रज्ञान रोवर चंद्रमा की सतह पर मूव करता देखा गया (Chandrayaan 3 mission)

रोवर उस जगह के चारों ओर चक्कर लगा रहा है जहां लैंडर चंद्रमा पर उतरा था। लैंडिंग चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर हुई। दरअसल, चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्र अन्य क्षेत्रों से काफी अलग हैं। यहां कई हिस्से ऐसे हैं जहां सूरज की रोशनी कभी नहीं पहुंच पाती और तापमान -200 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है. ऐसे में वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यहां बर्फ के रूप में पानी अभी भी मौजूद हो सकता है।

क्रमवार पॉइंट्स में जानिए अब तक चंद्रयान -3 मिशन की प्रोग्रेस: (Chandrayaan 3 mission)

चंद्रयान 3 मिशन के तीन उद्देश्यों (Chandrayaan 3 mission) में से दो को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है।
उद्देश्यों में चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग और रोवर का सफल संचालन शामिल है।
चंद्रमा की सतह पर इस समय वैज्ञानिक प्रयोग चल रहे हैं। (Chandrayaan 3 mission)

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की खोज: (Discovery of Moon’s South Pole)

लैंडर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को छुआ, जो अन्य क्षेत्रों से अलग है
इस क्षेत्र में तापमान -200 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में बर्फ के रूप में पानी हो सकता है।

शिव शक्ति पॉइंट की खोज करते रोवर का वीडियो सामने आया: (Video of Rover exploring Shiv Shakti Point)

https://twitter.com/chandrayaan_3/status/1695469821876429066

एक वीडियो में प्रज्ञान रोवर को चंद्रमा की सतह पर शिव शक्ति बिंदु की खोज करते हुए इसरो ने दिखाया।

चंद्रमा की सतह पर अशोक स्तंभ की छाप: (Ashoka Pillar’s impression on the surface of the Moon)

रोवर के पहियों ने चंद्रमा की सतह पर अशोक स्तंभ और इसरो लोगो के निशान छोड़े

चंद्रयान-3 ने लैंडिंग के दौरान चंद्रमा की तस्वीरें खींचीं:

इसरो ने चंद्रयान-3 की लैंडिंग के दौरान ली गई चार तस्वीरें साझा की हैं (Chandrayaan 3 mission)
इसरो ने विक्रम लैंडर के रैंप का वीडियो शेयर किया है, जिसमें रोवर उतरता दिख रहा है।

चंद्रयान-3 के मिशन कॉम्‍पोनेंट्स: (Mission Components of Chandrayaan-3)

चंद्रयान-3 में एक प्रोपल्शन मॉड्यूल, लैंडर और रोवर शामिल हैं
इन कॉम्‍पोनेंट्स पर कुल 7 पेलोड हैं

लैंडर पर पेलोड: (Payload on Lander)

लैंडर में रंभा, चैस्ट और एल्सा नामक तीन पेलोड हैं। पेलोड में से एक नासा का लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर है, जिसका उपयोग चंद्रमा से पृथ्वी की दूरी मापने के लिए किया जाता है

प्रज्ञान रोवर की लैंडिंग: (Landing of Pragyan Rover)

प्रज्ञान रोवर खास अंदाज में रैंप से नीचे उतरा

इसरो ने शेयर किया चंद्रयान-3 की लैंडिंग का वीडियो:

https://twitter.com/chandrayaan_3/status/1695376688111133110

इसरो ने लैंडिंग का वीडियो जारी किया, जो 2 मिनट 17 सेकंड तक चला

चंद्रयान-3 द्वारा साझा की गई चंद्रमा पर लैंडिंग बिंदु की छवि: (Image of the landing point on the Moon shared by Chandrayaan-3)

चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा और ऐसा करने वाला पहला भारतीय मिशन बन गया
सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए लैंडिंग से पहले दक्षिणी ध्रुव की तस्वीरें जारी की गईं

प्रोपल्‍शन मॉड्यूल और लैंडर का अलग होना: (Separation of Propulsion Module and Lander)

17 अगस्त को प्रोपल्शन मॉड्यूल को लैंडर और रोवर से अलग कर दिया गया था
यह दूसरी बार था जब चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की तस्वीरें भेजीं।

चंद्रयान-3 मिशन विवरण: (Chandrayaan-3 Mission Details)

चंद्रयान-3 मिशन 14 जुलाई 2023 को आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था।
अंतरिक्ष यान का लैंडर और प्रोपल्शन मॉड्यूल 17 अगस्त को अलग हो गए, जिसमें कैमरे ने चंद्रमा की तस्वीर खींची।

चंद्रमा की पहली छवि : (First image of the Moon)

चंद्रयान-3 ने प्रक्षेपण के ठीक 22 दिन बाद 5 अगस्त को चंद्रमा की अपनी पहली छवि भेजी। (Chandrayaan 3 mission)
छवि चंद्रमा की सतह पर गड्ढों को स्पष्ट रूप से दिखाती है।

इसरो घोषणाएँ: (ISRO Announcements)

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के कमांड सेंटर का दौरा किया और तीन घोषणाएं कीं।
  • भारत हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाएगा।
  • चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट को शिव-शक्ति पॉइंट कहा जाएगा।
  • चंद्रमा पर वह बिंदु जहां चंद्रयान-2 के प्रतीक स्थित हैं, उसे तिरंगा बिंदु कहा जाएगा।

 

येे भी पढ़ें –

Rover Pragyan:लैंडर से उतरते हुए रोवर प्रज्ञान की पहली फोटो

 

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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