Mercury retrograde Aquarius के साथ कुंभ राशि में बुध की चाल थमकर उल्टी दिशा में चल पड़ी है। मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध का यह वक्री होना, 26 फरवरी से 21 मार्च तक सभी 12 राशियों के लिए विचार, संचार, व्यापार और रिश्तों के स्तर पर कई तरह के बदलाव लेकर आएगा। इसके बाद बुध मार्गी होकर दोबारा सीधी चाल चलेगा और 10 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेगा। वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम शर्मा के अनुसार यह राशिफल चंद्र राशि के आधार पर देखा जाना चाहिए।
बुध वक्री क्या है और कुंभ में इसका क्या ज्योतिषीय महत्व है?
ज्योतिष में बुध (Mercury) को बुद्धि, तर्क, वाणी, संचार, व्यापार, लिखने–पढ़ने और विश्लेषण क्षमता का ग्रह माना जाता है। जब यह वक्री होता है, तो—
सोचने–समझने का तरीका बदल सकता है,
फैसलों में देरी,
कम्युनिकेशन गैप,
डॉक्यूमेंट या ईमेल में गलती,
पुराने कॉन्टैक्ट या अधूरे काम फिर से सामने आ जाते हैं।
इस समय बुध शनि की कुंभ राशि में वक्री है। कुंभ राशि—
नई सोच, टेक्नोलॉजी, नेटवर्क, सोशल सर्कल, आइडियाज और सामूहिक कार्यों की राशि मानी जाती है।
यहां वक्री Mercury लोगों को अपने पुराने प्लान, संबंधों, बिजनेस मॉडल और सोचने के अंदाज़ को दोबारा रिव्यू करने का मौका देता है।
यानी 26 फरवरी से 21 मार्च तक का समय ऐसा है जब—
जल्दबाज़ी में नए काम शुरू करने से बेहतर है कि
पुरानी गलतियों से सीख लेकर योजनाओं को सुधारें,
अधूरे काम पूरे करें,
और संचार में स्पष्टता पर ज़्यादा फोकस करें।
बुध कुंभ में कब तक वक्री रहेगा, आगे की टाइमलाइन क्या है?
26 फरवरी को बुध कुंभ राशि में वक्री हुआ।
21 मार्च तक बुध वक्री रहेगा, यानी इस दौरान Mercury retrograde Aquarius का पूरा असर दिखेगा।
21 मार्च के बाद बुध मार्गी होकर सीधी चाल चलेगा, जिससे धीरे-धीरे रुकावट और उलझनें कम होनी शुरू होंगी।
10 अप्रैल को बुध कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा, जहां इसका प्रभाव अधिक भावनात्मक, अंतर्मुखी और आध्यात्मिक दिशा में अनुभव होगा।
अब जानते हैं चंद्र राशि के आधार पर, वक्री बुध का आपकी राशि पर क्या असर रहने वाला है।
मेष राशि – पुराने दोस्तों से अनबन, अटका पैसा देर से मिलेगा
मेष राशि के जातकों के लिए वक्री बुध ग्यारहवें भाव (लाभ और मित्र भाव) में स्थित है।
26 फरवरी से 21 मार्च के बीच
पुराने दोस्तों, बिजनेस पार्टनर या नेटवर्क के लोगों से गलतफहमियां हो सकती हैं।
सोशल मीडिया या मैसेज पर कही गई बात गलत तरह से समझी जा सकती है, इसलिए शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करें।
अटका हुआ पैसा, कमीशन या प्रॉफिट मिलने में देरी हो सकती है, लेकिन पूरी तरह रुकने की संभावना कम है।
अप्रैल के पहले हफ्ते तक परिस्थितियां बेहतर होने के संकेत हैं—
जिन संबंधों में खटास आई है, वहां बातचीत से सुधार की गुंजाइश बनी रहेगी।
नई डील से पहले पुरानी शर्तों और कागज़ात को रिव्यू ज़रूर करें।
वृषभ राशि – करियर में छोटी–छोटी गलतियों से बचें, मार्च के बाद प्रमोशन योग
वृषभ राशि वालों के लिए वक्री बुध दशम भाव (कर्म और करियर) में है।
ऑफिस या बिजनेस में
ईमेल, प्रेजेंटेशन, रिपोर्ट या कॉन्ट्रैक्ट्स में टाइपिंग, डेट या डेटा की गलती होने की संभावना बढ़ जाती है।
किसी भी तरह की आधिकारिक या लिखित कम्युनिकेशन भेजने से पहले उसे दो–तीन बार चेक करना बेहतर रहेगा।
बॉस या सीनियर आपके काम की बारीकी से जांच कर सकते हैं, इसलिए लापरवाही से बचें।
21 मार्च के बाद का समय—
करियर में पदोन्नति, सराहना या नई जिम्मेदारी लेकर आ सकता है।
जिन प्रोजेक्ट्स में देरी हो रही थी, वे तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।
अभी के लिए मंत्र यही है—
“Slow is smooth, smooth is fast.” यानि काम सोच-समझकर करें, नतीजे खुद सुधरेंगे।
मिथुन राशि – यात्रा प्लान बदल सकते हैं, आध्यात्मिकता की ओर झुकाव
मिथुन राशि के स्वामी खुद बुध हैं, और अब वक्री बुध आपके नवम भाव (भाग्य, धर्म और यात्रा) में है।
विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा, सेमिनार या तीर्थ–यात्रा से जुड़े प्लान अचानक पोस्टपोन या री–शेड्यूल हो सकते हैं।
वीज़ा, डॉक्यूमेंट या टिकट से जुड़ी छोटी गलती भी योजना को बदल सकती है, इसलिए कागज़ात ध्यान से जांचें।
परिवार की दृष्टि से—
पिता या गुरु समान किसी बड़े से विचारों का टकराव संभव है।
यह समय सीखने, क्षमा करने और संवाद से दूरी घटाने की तरफ प्रेरित करता है।
10 अप्रैल तक आपका झुकाव—
मेडिटेशन, धार्मिक पुस्तकों, आध्यात्मिक चर्चा या दर्शन की ओर बढ़ सकता है।
आपके लिए यह समय इंटरनल ग्रोथ और दृष्टिकोण बदलने का है।
कर्क राशि – स्वास्थ्य और पैतृक संपत्ति पर फोकस
कर्क राशि के लिए वक्री बुध आठवें भाव में है, जो अचानक घटनाओं, रिसर्च, गुप्त बातों और पैतृक मामलों से जुड़ा है।
त्वचा, एलर्जी, नर्वस सिस्टम या हल्की–फुल्की इंफेक्शन की दिक्कतें उभर सकती हैं,
मौसम और खानपान दोनों का ध्यान रखना जरूरी है।
वाहन चलाते समय
स्पीड, मोबाइल और ओवर–कॉन्फिडेंस, तीनों से दूरी बनाकर रखें,
वरना छोटी–मोटी चोट या परेशानी के योग हैं।
21 मार्च के बाद—
पैतृक संपत्ति, विरासत या पुरानी फैमिली प्रॉपर्टी से जुड़े उलझे हुए कागज़ात सुलझने के संकेत हैं।
किसी कानूनी सलाहकार से बात कर पुराने केस आगे बढ़ाने के लिए समय बेहतर रहेगा।
यह समय आपको संभलकर चलने और अंदर से मजबूत होने की सीख देगा।
सिंह राशि – पार्टनरशिप में कम्युनिकेशन गैप से बचें
सिंह राशि के लिए वक्री बुध सप्तम भाव (दांपत्य और साझेदारी) में गोचर कर रहा है।
पति–पत्नी या लव पार्टनर के बीच
छोटी–छोटी बातों पर गलतफहमी और बहस हो सकती है।
बोले कुछ और जाए, समझा कुछ और जाए – ऐसी स्थिति सामने आ सकती है।
बिजनेस पार्टनर के साथ पैसा, प्रॉफिट शेयर या जिम्मेदारी को लेकर कन्फ्यूजन से बचना होगा।
21 मार्च के बाद—
रिश्तों के लिए काफी अच्छा समय शुरू होगा,
जो बात अभी कड़वी लग रही है, वह बाद में क्लियर हो सकती है।
अभी के लिए सलाह यही है—
“सुनिए ज़्यादा, बोलिए कम और लिखित समझौते साफ रखिए।”
कन्या राशि – सेहत, विवाद और कोर्ट–कचहरी पर असर
कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं और अभी वक्री बुध आपके छठे भाव (रोग, ऋण और विरोधी) में है।
रूटीन बिगड़ने से
थकान, पाचन संबंधी समस्या, नींद की कमी या माइग्रेन जैसी दिक्कत महसूस हो सकती है।
ऑफिस या परिवार में चल रहे पुराने विवाद फिर से सिर उठा सकते हैं,
कोशिश करें कि बात को अनावश्यक रूप से न बढ़ाएं।
10 अप्रैल तक—
कोर्ट–कचहरी के मामलों में धीरे–धीरे राहत के संकेत हैं।
पुराने केस, नोटिस या लीगल फॉर्मैलिटी को शांत दिमाग से हैंडल करें, जल्दबाज़ी में कोई भी साइन न करें।
यह समय आपको डिसिप्लिन, डाइट और ड्यूटी पर फोकस करने के लिए प्रेरित करेगा।
तुला राशि – प्रेम और निवेश में सावधानी, क्रिएटिविटी में गहराई
तुला राशि के जातकों के लिए बुध अब पंचम भाव में वक्री है।
प्रेम संबंधों में
ईगो या गलतफहमी की वजह से दूरी या तनाव आ सकता है।
मैसेज या चैट पर गुस्से में कुछ भी लिखने से बचें, बाद में पछताना पड़ सकता है।
शेयर बाज़ार, स्पेक्युलेटिव इन्वेस्टमेंट या हाई–रिस्क फाइनेंशल फैसलों में 26 फरवरी से 21 मार्च के बीच
अतिरिक्त सावधानी बरतें।
इसके बाद का समय निवेश के लिए थोड़ा बेहतर माना जा सकता है, लेकिन—
रिस्क प्रोफाइल समझकर ही कदम बढ़ाएं।
बच्चों या स्टूडेंट्स के लिए यह समय
फोकस्ड स्टडी और कॉन्सेप्ट क्लियर करने के लिए अच्छा है।
क्रिएटिव कामों में पुराने आइडिया को पॉलिश करने का यह बेहतरीन समय है।
वृश्चिक राशि – घर के माहौल में तनाव, धैर्य से लें घरेलू फैसले
वृश्चिक राशि के लिए वक्री बुध आपके चतुर्थ भाव (घर, माता और प्रॉपर्टी) में है।
घर के भीतर छोटी–मोटी बातों पर
क्लेश या तकरार हो सकती है,
अलग–अलग जनरेशन के लोग एक–दूसरे को समझने में मुश्किल महसूस कर सकते हैं।
माता की सेहत या मूड पर ध्यान देना जरूरी है।
घर, जमीन, मकान, वाहन आदि से जुड़े फैसलों में—
अभी सिर्फ प्लानिंग करें,
यदि संभव हो तो 21 मार्च के बाद ही बड़ा निर्णय या रजिस्ट्री जैसी प्रक्रिया करें।
शांत रहकर संवाद करेंगे तो माहौल जल्दी सामान्य होगा। यह समय आपको परिवार के भीतर संवाद और संवेदनशीलता की अहमियत याद दिलाएगा।
धनु राशि – कम्युनिकेशन, गैजेट्स और छोटी यात्राओं में खर्च
धनु राशि के लिए वक्री बुध तृतीय भाव में स्थित है।
मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट, ऐप्स या किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर
अतिरिक्त खर्च हो सकता है,
अचानक रिपेयर या अपग्रेड की जरूरत पड़ सकती है।
भाई–बहनों, कजिन्स या पड़ोसियों के साथ
संवाद में थोड़ी कड़वाहट या दूरी महसूस हो सकती है,
पहल करके बात साफ कर लें, समस्या नहीं बचेगी।
छोटी–छोटी यात्राएं थकान दे सकती हैं, लेकिन—
21 मार्च के बाद आपके प्रयासों का स्पष्ट परिणाम दिखने लगेगा।
मार्केटिंग, सेल्स, मीडिया या कंटेंट से जुड़े लोग इस फेज में अच्छे आइडिया री–वर्क करके आगे बढ़ सकते हैं।
मकर राशि – वाणी पर संयम रखें, परिवार और निवेश दोनों में संतुलन जरूरी
मकर राशि के लिए वक्री बुध द्वितीय भाव (वाणी और धन) में है।
इस दौरान आपकी बात
दूसरों को ज़्यादा कठोर या रूखी लग सकती है,
इसलिए जितना हो सके, शब्दों को सोच–समझकर इस्तेमाल करें।
परिवार में सिर्फ सही होने की ज़िद रिश्तों में दूरी बढ़ा सकती है।
फाइनेंशल रूप से—
21 मार्च के बाद निवेश, सेविंग और प्लानिंग के लिए समय अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा।
10 अप्रैल तक परिवार में कोई मांगलिक या शुभ कार्य होने के योग भी बनते हैं,
बस खर्च और बजट के बीच बैलेंस रखना होगा।
यह समय आपको सिखाएगा कि बोलना भी एक निवेश है – सही शब्द सही समय पर सबसे ज्यादा लाभ देते हैं।
कुंभ राशि – आत्मनिरीक्षण बढ़ेगा, बड़े फैसले टालना बेहतर
कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध अभी आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में वक्री है।
आप अपने व्यवहार, रिश्तों और फैसलों पर
पहले से अधिक आत्म–चिंतन कर सकते हैं।
कभी–कभी मन कन्फ्यूज्ड या ओवरथिंकिंग से भरा महसूस हो सकता है,
इसलिए मेडिटेशन, वॉक या शांत समय खुद को ज़रूर दें।
व्यावसायिक रूप से—
बड़े कॉन्ट्रैक्ट, लॉन्ग–टर्म डील या नई पार्टनरशिप के निर्णय
21 मार्च के बाद लेना ज्यादा शुभ माना गया है।
अभी के लिए पुरानी योजनाओं की समीक्षा करें,
क्या काम कर रहा है और क्या नहीं – इस पर गहराई से सोच पाएंगे।
यह समय आपके व्यक्तित्व को नए स्तर पर समझने और री–सेट करने का मौका देता है।
मीन राशि – फिजूलखर्ची पर लगाम, 10 अप्रैल से राहत और गति
मीन राशि के लिए वक्री बुध बारहवें भाव में गोचर कर रहा है।
इस दौरान
बिना प्लान किए ऑनलाइन शॉपिंग,
ट्रैवल,
या भावनात्मक आवेग में की गई खरीदी से फिजूलखर्ची बढ़ सकती है।
विदेश, हॉस्पिटल, होटल, कोर्ट या रिट्रीट से जुड़े खर्च भी बढ़ सकते हैं।
मानसिक स्तर पर—
नींद में व्यवधान,
पुराने विचारों या यादों का बार–बार मन में आना,
और थोड़ा–बहुत अकेलापन महसूस होना संभव है।
10 अप्रैल को जब बुध आपकी ही राशि मीन में आएगा—
रुके हुए कामों में गति आएगी,
मन में स्पष्टता बढ़ेगी,
और कुछ फैसलों पर संतोष महसूस होगा।
यह समय आपको सिखाएगा कि कौन–सी चीज़ें छोड़नी हैं और किन्हें संभालकर रखना है।
डिस्क्लेमर – इस आर्टिकल में दी गई सूचनाएं हिंदू मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। थम्सअप भारत न्यूज किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है। आपको सलाह दी जाती है कि ज्यादा जानकारी के लिए निजी तौर पर अपने ज्योतिषाचार्य व वास्तु विशेषज्ञ की राय भी जरूर लें।
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