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कहीं कर्नाटक में भी गहलोत-पायलट जैसे गुट की शुरुआत तो नहीं…

Karnataka CM Decision: कांग्रेस ने कर्नाटक में सीएम पद के लिए नाम का चुनाव वैसे तो कर लिया है। अब यह तय माना जा रहा है कि कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ही होंगे। बस औपचारिक घोषणा की देरी है। देर रात तक उनके नाम का ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच 50-50 के फार्मूले पर सहमति नहीं बन सकी है। कांग्रेस हाईकमान अब दोनों नेताओं के बीच समझौता कराने के लिए फ‍िर से वही माथापच्‍ची कर रहा है जो राजस्‍थान में साल 2018 में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सत्‍ता के बंटवारे के लिए की थी।

राजस्‍थान में साल 2018 में सचिन पायलट और आशोक गहलोत के बीच सत्‍ता की शुरुआत में राहुल गांधी ने दोनों के बीच समझौता कराते वक्‍त ‘युनाइटेड कलर्स ऑफ राजस्‍थान’ लिख कर ट्वीट किया था। अब बीते पांच साल में कांग्रेस नेतओं ने राजस्‍थान को क्‍या-क्‍या रंग दिखाए यह तो निश्‍चत तौर पर राजस्‍थान की जनता ही जानती है।

 

Karnataka CM Decision
यह तस्‍वीर14 दिसंबर 2018 की है जब राजस्‍थान की सत्‍ता में आते ही गहलोत और पायलट अपनी दाावेदारी प्रस्‍तुत करने दिल्‍ली में डेरा डाले हुए थे। ठीक इसी तरह डीके शिव कुमार और सिद्धारमैया अभी दिल्‍ली में हैं। साल 2018 में राहुल गांधी ने यह तस्‍वीर ट्वीट कर लिखा था ‘युनाइटेड कलर्स ऑफ राजस्‍थान’।

 

बहरहाल यही स्थित‍ि अब कर्नाटक की बनी हुई है। (Karnataka CM Decision) डीके शिवकुमार को आप राजस्‍थान का सचिन पायलट और सि‍द्धारमैया कह सकते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि राजस्‍थान में पायलट और गहलोत दोनों शुरू से कांग्रेस के ही प्रोडक्‍ट हैंं,तो वहीं सि‍द्धारमैया देवेगौड़ा की पार्टी से निकल कर आए हैं। दूसरी तरफ डीके शिवकुमार का वर्तमान में यह कहना कि मैं धोखा नहीं दूंंगा… ब्‍लैकमेल नहीं करूंगा वगैरह..वगैरह, यह सब सतही बयान हो सकते हैं क्‍योंकि इतिहास गवाह है कि सत्‍ता या पावर की चाह परिवारिक रिश्‍तों तक में फूट डाल देती है तो सि‍द्धारमैया और डीके शिवकुमार क्‍या चीज हैंं।

 

पार्टी मेरी मां है’

डीके शिवकुमार ने कहा, ”मेरी पार्टी मेरी मां है. मैंने इस पार्टी को बनाया है। मेरे आलाकमान, मेरे विधायक, मेरी पार्टी 135 विधायकों के साथ वहां है।” उन्होंने कहा, ”मुझे सब नेताओं से मिलना है. मैं पहले कांग्रेस अध्यक्ष से मिलूंगा और फिर बाकी सभी सीनियर नेताओं से मुलाकात होगी।”

 

Karnataka Congress chief DK Shivakumar

 

खड़गे समझौता करा कर दोनों को सोनिया गांधी से मिलवाएंगे

मंगलवार शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने (Karnataka CM Decision) सिद्धारमैया को मिलने के लिए बुलाया था। इससे पहले डीके शिवकुमार उनसे मुलाकात कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद खड़गे पूरी जानकारी सोनिया गांधी को देंगे। सोनिया गांधी फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं। शिमला से लौटने के बाद दोनों दिग्गजों को सोनिया गांधी से मिलवाना था लेकिन ऐन वक्त पर तय हुआ कि बेंगलुरु में विधायकों के सामने सभी फैसले लिए जाएंगे। अब स्पीकर खड़गे खुद बेंगलुरु जाएंगे। इसके बाद नए सीएम के नाम की घोषणा की जाएगी।

 

Karnataka CM Decision
दोनों मुख्यमंत्री उम्मीदवार सिद्धारमैया और डी के शिवकुमार ने मंगलवार को कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उनके आवास पर बैठक की। | ANI Photos

 

सुबह से चल रहा बैठकों का दौर, डीके भी पहुंचे

मुख्यमंत्री पद (Karnataka CM Decision) किसे बिठाना है इसे लेकर मैराथन खींचतान अब भी जारी है। कांग्रेस आलाकमान से लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की कई दौर की बैठक हो चुकी है। दूसरी ओर डीके शिवकुमार भी दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। कांग्रेस के अंदरखाने से खबर आ रही है कि हर स्‍तर पर सहमति बन चुकी है। अब सीएम के नाम की घोषणा की केवल औपचारिकता ही है। उधर, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी के साथ बंद कमरे में बैठक की है। पार्टी सोच समझकर सही तरीके से कदम आगे बढ़ा रही है ताकि दोनों नेताओं के बीच की खींचतान का (Karnataka CM Decision) असर आम चुनाव पर न पड़े। फिलहाल सोनिया गांधी के दिल्ली पहुंचने के बाद नाम का ऐलान करने की बात कही जा रही है।

 

अब जााानिएए सिद्धारमैया के कर्नाटक सीएम रेस में आगे रहने के पांच अहम कारण

1. कर्नाटक में इस वक्त दो बड़े नेता बीएस येदियुरप्पा और सिद्धारमैया हैं। येदियुरप्पा के सक्रिय राजनीति से बाहर होने के साथ ही सिद्धारमैया राज्य के सबसे कद्दावर नेता हैं।

2. लगभग सभी एग्जिट और ओपिनियन पोल ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री के लिए पहली पसंद के रूप में दिखाया है। ABP सी वोटर के एग्जिट पोल में 40.1% लोगों ने उन्हें सीएम की पहली पसंद बताया।

3. कांग्रेस की सोशल इंजीनियरिंग में भी वे फिट बैठते हैं। अहिंदा के जरिए सिद्धारमैया ने अल्पसंख्यकों, ओबीसी और दलितों को कांग्रेस से जोड़ा है।

4. 2013 में मुख्यमंत्री बनने के बाद पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। सिद्धारमैया पिछले 40 साल में 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले सीएम थे।

5. सिद्धारमैया के ऊपर करप्शन के कोई आरोप नहीं हैं।

 

Congress MP Syed Naseer Hussain

कांग्रेस ने कर्नाटक में जीत के तीन दशक के सभी रिकाॅर्ड तोड़े

कांग्रेस की यह जीत 30 साल में सीट और वोट शेयर दोनों के लिहाज से रिकॉर्ड बना डाला है। कांग्रेस पार्टी ने 136 सीटें जीती हैं। यह 2018 के मुकाबले 55 सीट ज्यादा है। साथ ही 42.88 फीसदी वोट शेयर मिला है। 1999 में कांग्रेस इस स्कोर के सबसे करीब आ गई थी जब उसने 132 सीटें जीतीं थी और 40.84 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया। 1989 में कांग्रेस ने 43.76 प्रतिशत के वोट शेयर के साथ 178 सीटें जीतीं। बीजेपी ने 36 फीसदी वोट शेयर के साथ 66 सीटें जीती हैं। एचडी कुमारस्वामी की जेडीएस ने 13.29 फीसदी वोट शेयर के साथ 19 सीटों पर काबिज है।

 

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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