Entertainment

Neha Bhasin ने कहा- 10 साल की उम्र में मुझसे छेड़छाड़ की गई, कई बार यौन शोषण किया गया

 

neha bhasin

 

Neha Bhasin: ‘सुल्तान’ में ‘जग घूमया’, ‘टाइगर ज़िंदा है’ में ‘दिल दियां गल्लां’ और ‘भारत’ में ‘चासनी’ जैसे गीतों की गायिका नेहा भसीन अब तक कई बार यौन उत्पीड़न कर चुकी हैं। वह एक साक्षात्कार में अपने निजी जीवन के बारे में बात कर रही थी। उनके अनुसार, जब वह 10 साल की थी, तो हरिद्वार में एक अजनबी ने उससे छेड़छाड़ की।

 

10 साल की उम्र में हुआ हादसा

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में 37 वर्षीय नेहा ने कहा- मैं उस समय 10 साल की थी। मेरी मां देश के धार्मिक स्थलों में से एक हरिद्वार में मुझसे कुछ दूरी पर खड़ी थीं। अचानक एक आदमी आया और उसने मेरे पीछे गलत उंगली डाल दी। मैं हैरान था और भाग गया।

 

‘एक हॉल में भी गंदी हरकत’

नेहा बताती हैं- कुछ सालों के बाद एक आदमी ने एक हॉल में मेरी छाती पर गलत हाथ रख दिया। मुझे ये घटनाएँ स्पष्ट रूप से याद हैं। मुझे लगा कि यह मेरी गलती है। अब लोग सोशल मीडिया पर आते हैं और दूसरों को मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक और धार्मिक रूप से परेशान करना शुरू कर देते हैं। मैं इसे फेसलेस टेररिज्म मानता हूं।

 

‘सोशल मीडिया पर मिली बलात्कार की धमकी’

नेहा ने साइबर बुलिंग को याद करते हुए कहा कि उसे कभी के-पॉप बैंड के बलात्कार और जानलेवा प्रशंसकों द्वारा धमकी दी गई थी। वे कहती हैं – यह सब तब शुरू हुआ जब मैंने दूसरे गायक के दृष्टिकोण का समर्थन किया।

 

मैंने के-पॉप बैंड पर कोई टिप्पणी नहीं की। सिर्फ इतना कहा कि मैं इस पर्टिकुलर बैंड की प्रशंसक नहीं हूं। इसके बाद मुझे ट्रोल किया गया। मुझे रेप करने और जान से मारने की धमकी दी गई। मैंनें यह सब देखा है। मैं अब चुप नहीं रह सकती। मैं पुलिस में भी शिकायत करती हूं।

 

घटनाओं ने गीत बनाने के लिए प्रेरित किया

नेहा का मानना ​​है कि इस तरह की घटनाओं ने उन्हें कहंदे रहंदे’ गीत बनाने के लिए प्रेरित किया, जो साइबर बदमाशी के खिलाफ है। ट्रैक का उद्देश्य महिलाओं के प्रति दासता, शर्म, लिंगवाद, साइबर बदमाशी, और समाज की रूढ़िवादिता को उजागर करना है। नेहा कहती है- किसी को गलत बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। आपको गलत कामों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

 

Like and Follow us on :
 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button