E-Challan Scam: वॉट्सऐप पर ई-चालान मैसेज के नाम से स्कैम Read it later

E-Challan Scam: जानकारी के अनुसार अब तक करीब पांच हजार यूजर्स इससे प्रभावित हुए हैं। इनमें 271 के अकाउंट से गिफ्ट कार्ड धोखाधड़ी से खरीदे जा चुके हैं।

ई-चालान स्‍कैम क्या है? (What is e-challan scam)

ई-चालान स्‍कैम एक साइबर अटैक है जो उन लोगों को निशाना बनाता है जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया गया ट्रैफ़िक उल्लंघन टिकट (ई-चालान) दिया गया है या उन्हें लगता है कि शायद यातायात विभाग की ओर से उन्हें मिला है। स्‍कैमर्स पीड़ितों को पर्सनल डिटेल बताने या पैसे भेजने के लिए धोखा देने के लिए विभिन्न तरह के हथकंडे अपनाते हैं।

माउरिसबॉट से बचें (E-Challan Scam)

अज्ञात स्रोतों से एपीके फाइल डाउनलोड न करें। संदेहास्पद लिंक पर क्लिक न करें। अनजान नंबरों से आए संदेशों पर भरोसा न करें। इन्हें ब्लॉक करें व किसी भी तरह से जवाब न दें।

वियतनाम के हैकर्स इन दिनों भारतीय वॉट्सऐप यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। वे यूजर्स को परिवहन विभाग के नाम से ई-चालान भेजकर कहते हैं कि ट्रैफिक नियमों को तोडऩे की वजह से उनका चालान बकाया है। साथ में, जो लिंक दिया जाता है वह खतरनाक ऐप्लिकेशन के रूप में खुलता है, जिससे यूजर्स का फोन हैक हो सकता है। इसका खुलासा साइबर सुरक्षा एजेंसी क्लाउडएसईके ने किया है।

डेटा चोरी और धोखाधड़ी

एक बार इंस्टॉल होने के बाद मैलवेयर कॉन्टेक्ट लिस्ट, कॉल लॉग, मैसेज व बैंकिंग जानकारी तक पहुंच प्राप्त कर लेता है। ओटीपी पर भी नजर रखता है और वेबसाइट से गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकता है।

स्‍कैम आमतौर पर कैसे किया जाता है? (How is a scam usually carried out?)
  • फ़िशिंग मैसेज : आपको एक टेक्स्ट मैसेज या ईमेल भेजा जाता है जो किसी वैलिड ट्रैफ़िक अथॉरिटी से आता है। मैसेज में दावा किया जाता है कि आपने ट्रैफ़िक उल्लंघन का पेमेंट नहीं किया है और इसमें भारी जुर्माना शामिल है।
  • फेक लिंक: मैसेज में एक लिंक होता जिस पर क्लिक करके आपको ई-चालान डिटेल देखने या भुगतान करने के लिए कहा जाता है।
  • स्‍पूफ्ड यानी नकली वेबसाइट: लिंक पर क्लिक करने से आप एक फेक वेबसाइट पर रीडायरेक्‍ट हो सकते हैं जो कुछ हद तक ऑथराइज्ड ट्रैफ़िक अथॉरिटी वेबसाइट से बहुत मिलती-जुलती लगती है। यह वेबसाइट आपकी पर्सनल डिटेल जैसे क्रेडिट कार्ड डिटेल्‍स, लॉगिन क्रेडेंशियल या आधार डिटेल चुराने के लिए बनाई जाती है।
  • फेक मोबाइल ऐप: कुछ मामलों में, स्‍कैम में ई-चालान देखने या भुगतान करने का दावा करने वाले स्‍कैमर्स एक फेक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए भी मैसेज देते हैं। इस तरह के ऐप आपका डेटा चुरा सकते हैं या आपके मोबाइल या टैब डिवाइस पर मैलवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं।
ई-चालान स्‍कैम से कैसे बचें (How to avoid e-challan scam)
  • ई-चालान होने का दावा करने वाले ईमेल या टेक्स्ट से मिलने वाले लिंक पर कभी क्लिक न करें या किसी भी तरह का अटैचमेंट डाउनलोड न करें, खासकर जब अगर वे आपको धमकी भरे लगें।
  • यदि आप किसी मैसेज की वैधता के बारे में सुनिश्‍चि‍त नहीं हैं, तो किसी भी लंबित उल्लंघन के बारे में जानने के लिए सीधे अपने नजदीकी ट्रैफ़िक अथॉरिटी से उनकी आधिकारिक वेबसाइट या फ़ोन नंबर के ज़रिए संपर्क करने का प्रयास करें।
  • अनवैरीफाइड वेबसाइट्स या मोबाइल ऐप पर कभी भी अपनी फाइनेंशियल डिटेल्‍स, लॉगिन क्रेडेंशियल या अपने आधार कार्ड जानकारी शेयर न करें।
  • वैलिड ई-चालान वेबसाइट्स आमतौर पर “.gov.in” डोमेन एक्सटेंशन लाास्‍ट में होता है। अलग-अलग एक्सटेंशन या ऐसा URL जिसपर आपको शक हो रहा हो तो ऐसी वाली वेबसाइटों से अलर्ट रहें और साइबर क्राइम के टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत करें।
  • यदि आपके पास वास्‍तव में असली ई-चालान है, तो अपने स्थानीय ट्रैफ़िक अथॉरिटी की आधिकारिक वेबसाइट या ऑथराइज्‍ड पेमेंट गेटवे के ज़रिए ही पेमेंट करें।

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