सावन की डोकरी की खत्म होती जिंदगी, बारिश के मौसम में ही निकलता है ये कीड़ा

सावन की डोकरी

सावन स्पेशल.  आपने भी इस कीड़े को बचपन में देखा होगा, (red velvet mite in monsoon) इसे अलग-अलग क्षेत्रों में कई नामों से जाना जाता है, जैसे सावन की डोकरी या लाल बिलोटी और रानी का कीड़ा इत्यादि।  हम इसे बचपन से लाल बिलोटी के नाम से जानते हैं, हालांकि अब यह दिखाई नहीं देता है, लेकिन पहले जब हम छोटे थे तो बारिश के दौरान ये बड़ी मात्रा में दिखाई देते थे।

यह बहुत ही मखमली, सुर्ख लाल और छोटा होता है, जब इसे हाथ से छूने या उठाने पर यह अपने पंजे सिकोड़ लेता है लेकिन फिर कुछ सेकंड के बाद पंजे खोल देत है और बहुत धीरे-धीरे चलता है।  जब हम छोटे थे और इसे हाथ में लेते थे ताे ये अपने पंजे को बंद कर लेता था…  जिसके बाद हम कुछ ऐसा कहते थे, लाल बिलौटी पवन खोल, तेरा वैगन आएगा…।
और ये जीव कई बार वह वास्तव में अपने पंजे एक साथ खोलना शुरू कर देता था… हमारे इशारे पर नहीं… बल्कि हकीकत तो ये थी कि जब हम उसे थोड़ी देर के लिए नहीं छूते थे, तो ये खुद को सुरक्षित महसूस करता  और चलने लगता। ये हकीकत बाद में थोड़े बड़े हुए तब हमें समझ में आई….।  बहरहाल इसे आगमन की बात करें तो जैसे ही मानसून की बारिश शुरू होती है, तो इन रेड वैलवेट का आगमन भी हाेने लगता है‚ ये बेहद नरम मखमली लाल होते हैं। 
ये बरसाती कीड़ा वैसे तो नदियों के आसपास की मिट्टी में पाया जाता है‚ लेकिन जहां बारिश अधिक होती है और मानसून में जहां मिट्टी बेहद उपजाउ हो जाती है ये खासकर वहीं नजर आते हैं‚ लेकिन आज के दौर में इसका मिल पाना अब पुराने दौर की बात हो चली है। क्योंकि ये आज दुर्लभ ही दिखाई देते हैं।
दरअसल जमीन के अंदर ऐसे कई छोटे जीव दिखाई होते हैं, जिनमें से ये एक जीव होता है।  इस जीव को आमतौर पर बीरबहूटी भी कहा जाता है तो वहीं इसे रेन कीट या रेन बग भी कहा जाता है। तकनीकी रूप से कीट या कीट कहे जाने के लिए छह पैर होना आवश्यक है, इसके आठ पैर होते हैं, इसलिए इसे मकोड़ा या घुन कहा जाता है।

इस कीड़े का अंग्रेजी नाम Red Velvet Mite है

इसका अंग्रेजी नाम रेड वेलवेट माइट है, मध्य भारत में इसे रानी कीड़ा कहा जाता है, या यूं कहें कि ये गांव में निवास करने वाले बच्चों का पसंदीदा प्राणी है, वे इसे इकट्ठा करते हैं और इनसे खूब जमा करते हैं और फिर इसके साथ खेलते हैं। इसे छूने पर, यह आत्मरक्षा में पैरों को सिकोड़ता है, कई जगहों पर ऐसे खेल खेले जाते हैं जैसे उदाहरण के तौर पर बच्चों में से एक बच्चा एक सर्कल में पैर रखता है और फिर उनके बीच एक प्रतियोगिता होती है, जो पहले पैर के साथ बाहर निकलता है उसे विजेता माना जाता है और उस विजेता को ये कीड़ा इनाम स्वरूप दिया जाता है। बहरहाल ये तो बचपन का खेल है। लेकिन आज के ये खूबसूरत जीव विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गया है।

ये भी पढ़िए – ये क्यूट Rain Bugs क्यों हो रहे विलुप्त!

सूखे के वर्ष में कम निकलते हैं

ओवरसीज, में यह ट्रंबिडियम के नाम से बेचा जाता है, जानकारी के अनुसार कई बार तो इसकी कीमत दस गुना अधिक लगाई जाती  है, इसकी भारत से दुनिया को आपूर्ति की जाती है, जिस वर्ष सूखा पड़ता है, ये कम मिलते हैं, ग्रामीण इसे इकट्ठा करते हैं और इसे पास के व्यापारियों को बेचते हैं।  फिर इन्हें दवा कंपनियों को भेजा जाता है। वहीं भारत की बात  करें तो इसे बनारस भेजा जाता है, जहां से इसका तेल राज्य में बेचा जाता है।

ये भी पढ़ें – सिर्फ नाक-मुंह नहीं पीछे गूदा द्वार से भी इंसान सांस ले सकेंगे, जानिए पूरा मामला


विभिन्न क्षेत्रों में कई नाम से जानी जाती है सावन की डोकरी

हमारे प्राचीन ग्रंथों में इसका सम्मानजनक स्थान है, विशेषकर यूनानी चिकित्सा में, इसे गर्म माना जाता है, इसके तेल को पक्षाघात में मालिश के लिए इस्तेमाल किया जाता है, एक आंतरिक औषधि के रूप में, यह ताकत की दवा के रूप में भी अधिक लोकप्रिय है। वहीं देश के पारंपरिक चिकित्सक  40 से अधिक प्रकार की बीमारियों में इसका उपयोग करते हैं, जिसमें मधुमेह भी शामिल है, आपने बचपन में इस रानी कीड़ा को देखा होगा, इसे विभिन्न क्षेत्रों में कई नामों से जाना जाता है।

यूपी: कई ज़िलों में बाढ़ के हालात, बहराइच में नेपाल से छोड़े गए पानी से क़रीब 60 गांव बाढ़ की चपेट में

ये भी पढ़ें –  HIT – The First Case: राजकुमार राव की जबरदस्त एक्टिंग के साथ इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म के कई सीन सिर घुमा देंगे

ये भी पढ़ें –  आपकी ये बुरी आदतें याैन जीवन को उम्र से पहले ही कर देंगी खत्म, संभल जाएं

ये भी पढ़ें –  वीर्य में क्या पोषक तत्व होते हैं? निगल लिया जाए तो क्या होगा? जानिए उन सवालों के जवाब जिनसे आप शर्माते हैं?

ये भी पढ़ें – Eknath Shinde: महाराष्ट्र सरकार हिलाने वाले उद्धव ठाकरे के खासमखास एकनाथ शिंदे कौन हैं और क्यों नाराज हैं?

ये भी पढ़ें –  Maharashtra Political Crisis: क्या महाराष्ट्र में उद्धव सरकार जाएगी? शिंदे भाजपा से गठबंधन पर अड़े‚ शिंदे के साथ सभी MLA  को एयरलिफ्ट कर गुवहाटी ले जाने की तैयारी

ये भी पढ़ें –  यदि भारत में हर एक माह में स्टार्टअप कंपनी यूनिकॉर्न बन रही तो नौकरियां क्यों जा रहीं?

Was This Article Helpful?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *