Winter Health Problems: सर्दियों की 10 बड़ी बीमारियाँ और उनसे बचने के सबसे आसान उपाय Read it later

Winter Health Problems सर्दियों के दौरान तेजी से बढ़ती उन बीमारियों को दर्शाता है, जो तापमान गिरने और नमी कम होने के साथ हमारे शरीर को अधिक संवेदनशील बना देती हैं। इस मौसम में सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, खांसी, स्किन ड्राईनेस और रेस्पिरेटरी समस्याएं आम हो जाती हैं। सही सावधानियों से इनसे बचाव संभव है।

सर्दियाँ आराम और स्वाद का मौसम, लेकिन सेहत के लिए चुनौती भी

सर्दियों का मौसम शरीर को आराम, गर्माहट और पौष्टिक खाने का अवसर देता है। लेकिन इसके साथ कई स्वास्थ्य समस्याएँ भी बढ़ जाती हैं। ठंडी हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे वायरस लंबे समय तक सक्रिय रहते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इस मौसम में जल्दी बीमार पड़ते हैं। साथ ही प्रदूषण और स्मॉग रेस्पिरेटरी बीमारियों को और गंभीर बना देते हैं।

इन चुनौतियों के बावजूद, अगर हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़े से बदलाव और सावधानी को शामिल कर लें, तो सर्दियों में होने वाली अधिकतर बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।

सर्दियों में बीमारियाँ क्यों बढ़ जाती हैं?

मुंबई के फिजिशियन डॉ. विनोद कुमार बताते हैं कि जैसे-जैसे तापमान गिरता है, शरीर की इम्यूनिटी कमजोर पड़ने लगती है। ठंडी हवा नाक और गले की नमी को कम कर देती है, जिससे वायरस आसानी से शरीर में प्रवेश कर लेते हैं।

सर्दियों में लोग घरों के भीतर अधिक समय बिताते हैं। इससे पर्सन-टु-पर्सन ट्रांसमिशन बढ़ जाता है। हवा में ड्राईनेस वायरस को लंबे समय तक हवा और सतहों पर टिकने का अवसर देती है और इससे संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं।

Winter Health Problems: सर्दियों में किन बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है?

नीचे जानिए सर्दियों की सबसे आम और गंभीर बीमारियाँ—

सर्दी-जुकाम

सर्द हवा नाक और गले की नमी को सोख लेती है, जिससे वायरस को फैलने का मौका मिलता है। कम इम्यूनिटी के कारण नाक बहना, छींक आना और सिर दर्द जैसे लक्षण बढ़ जाते हैं।

वायरल इंफेक्शन

लो टेम्परेचर में वायरस ज्यादा समय तक वातावरण में एक्टिव रहते हैं। बंद कमरे संक्रमण को तेजी से फैलाते हैं। यही कारण है कि परिवार में एक व्यक्ति को संक्रमण होने पर बाकी लोग भी जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।

इन्फ्लुएंजा (Flu)

फ्लू वायरस ठंडे और शुष्क वातावरण में बहुत तेजी से बढ़ता है। बुजुर्गों और बच्चों में यह बुखार, थकान, सिर दर्द और बदन दर्द का कारण बनता है।

बार-बार बुखार और खांसी

गले और ब्रॉन्कियल ट्यूब्स में सूखापन इन्फेक्शन बढ़ाता है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर शरीर वायरल और बैक्टीरियल हमलों का आसानी से शिकार हो जाता है।

ब्रोंकाइटिस

प्रदूषण और स्मॉग सर्दियों में सबसे बड़ा खतरा होते हैं। ठंडी हवा रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में सूजन पैदा करती है, जिससे लगातार खांसी, सांस फूलना और बलगम बनने जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं।

जोड़ों का दर्द और आर्थराइटिस

सर्दियों में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है जिससे जोड़ों की फ्लैक्सिबिलिटी कम होती है। आर्थराइटिस के मरीजों में दर्द, सूजन और अकड़न बढ़ जाती है।

स्किन प्रॉब्लम्स

ठंडी और शुष्क हवा के कारण स्किन की नमी तेजी से कम होती है। इससे—

  • स्किन ड्राई

  • रूखी

  • पपड़ीदार

  • खुजलीयुक्त

हो जाती है। स्किन बैरियर कमजोर होता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD)

सर्दियों में धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D और सेरोटोनिन का स्तर कम हो जाता है, जिससे अवसाद, चिड़चिड़ापन और थकान बढ़ सकती है।

निमोनिया

ठंड में फेफड़ों की कार्यक्षमता घट जाती है। बैक्टीरिया और वायरस फेफड़ों में तेजी से वृद्धि करते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और COPD मरीजों में यह जानलेवा हो सकता है।

हार्ट डिजीज का खतरा

ठंडी हवा में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी इसी कारण बढ़ता है।

सर्दियों में बीमारियों से कैसे बचें? एक्सपर्ट टिप्स

1. इम्यूनिटी मजबूत रखें

डॉ. टंडन बताते हैं कि सर्दियों में इम्यूनिटी कमज़ोर होती है। इसलिए—

  • ऑर्गेनिक सब्जियाँ

  • मौसमी फल

  • विटामिन C

  • हल्दी, अदरक

  • ड्राई फ्रूट्स

डाइट में शामिल करें।

2. रोजाना धूप लें

सुबह की हल्की धूप विटामिन D का सबसे अच्छा स्रोत है। 15–20 मिनट धूप में बैठने से—

  • मूड बेहतर होता है

  • हड्डियाँ मजबूत होती हैं

  • इम्यूनिटी बढ़ती है

3. पर्याप्त पानी पिएँ

ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन डिहाइड्रेशन जल्दी होता है।
गुनगुने पानी में—

  • तुलसी

  • अजवाइन

  • अदरक

मिलाकर पीने से शरीर गर्म रहता है और पाचन सुधरता है।

4. प्रदूषण और ठंडी हवा से बचें
  • घर में वेंटिलेशन रखें

  • बाहर जाते समय मास्क पहनें

  • वॉक करते समय स्मॉग वाले क्षेत्रों से बचें

5. भाप और काढ़ा फायदेमंद

गुनगुना पानी, भाप और काढ़ा—

  • बंद नाक खोलते हैं

  • संक्रमण कम करते हैं

  • गले की सूखापन दूर करते हैं

6. बच्चों और बुजुर्गों की अतिरिक्त देखभाल

क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए—

  • लेयर वाले कपड़े

  • सिर और कान ढककर रखें

  • नियमित दवाएँ

  • हल्की धूप

  • पौष्टिक खाना

ये सब जरूरी है।

 

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