Dhurandhar Movie Controversy 2025 रिलीज़ से पहले ही चर्चाओं और विवादों के केंद्र में है। रणवीर सिंह स्टारर फिल्म पर शहीद मेजर मोहित शर्मा के परिवार ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बिना अनुमति उनके जीवन, ऑपरेशंस और शहादत को दिखाया गया है।
रिलीज़ से पहले विवादों में ‘धुरंधर’: शहीद मेजर मोहित शर्मा के परिवार की कोर्ट में याचिका
रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म ‘धुरंधर’ अभी सिनेमाघरों में आई भी नहीं कि इससे पहले ही यह कानूनी विवादों से घिर गई है। अशोक चक्र और सेना पदक से सम्मानित शहीद मेजर मोहित शर्मा के माता-पिता ने फिल्म की रिलीज़ पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
बार & बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार का आरोप है कि फिल्म में भारतीय सेना या मेजर शर्मा के कानूनी उत्तराधिकारियों से बिना अनुमति उनके जीवन, सीक्रेट मिशन और शहादत के कई हिस्सों को सीधे रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Dhurandhar Movie फिल्म पर आरोप: “बिना अनुमति असल जिंदगी का चित्रण”
परिवार ने अपनी याचिका में कहा है कि धुरंधर को मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स द्वारा लंबे समय से मेजर मोहित शर्मा की कहानी से जोड़ा जा रहा है।
कई media discussions, online forums, और सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया गया है कि फिल्म “मेजर मोहित शर्मा की लाइफ इंस्पायर्ड कहानी” है।
लेकिन परिवार का कहना है—
फिल्ममेकर्स ने न तो किसी तरह की प्रेरणा स्वीकार की,
न ही कहानी के किसी भी चरण में परिवार से चर्चा की,
और न ही अनुमति ली, जो कि नैतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से आवश्यक है।
याचिका के अनुसार—
“शहीद कोई commercial commodity नहीं हैं कि कोई भी उनके जीवन पर मनमाने तरीके से फिल्म बना दे।”
परिवार का तर्क: मरणोपरांत ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का उल्लंघन

याचिका में कहा गया है कि बिना अनुमति शहीद की कहानी को उनकी वास्तविकता से हटकर दिखाना न केवल परिवार की गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उल्लंघन है।
मरणोपरांत व्यक्तित्व अधिकार (Posthumous Personality Rights)
निजता और सम्मान का अधिकार
का स्पष्ट उल्लंघन भी है।
यह भारत में उन मामलों में से एक है जहाँ शहीद के “digital and cinematic representation rights” को कानूनी रूप से सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
याचिका में शामिल पक्षकार
पिटीशन में निम्नलिखित संस्थाओं और व्यक्तियों को पार्टी बनाया गया है—
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC)
भारतीय सेना
फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर
फिल्म के प्रोड्यूसर
परिवार का कहना है कि फिल्म निर्माताओं ने सेना के नियमों और परिवार की भावनाओं दोनों को दरकिनार किया है।
मांगी गई राहतें: रिलीज़ पर रोक + निजी स्क्रीनिंग अनिवार्य
परिवार ने हाईकोर्ट से दो मुख्य राहतें मांगी हैं—
Dhurandhar फिल्म की रिलीज़ और किसी भी प्रकार के पब्लिक प्रीमियर पर रोक लगे।
फिल्म को पहले मेजर मोहित शर्मा के परिवार को private screening के रूप में दिखाया जाए।
परिवार का कहना है कि केवल प्राइवेट स्क्रीनिंग के बाद ही यह निष्कर्ष निकाला जा सकेगा कि फिल्म में असल जीवन के चित्रण का किस हद तक उपयोग किया गया है।
भविष्य के लिए भी नियम बनाने की मांग
परिवार ने कोर्ट से यह भी आग्रह किया है कि भविष्य में—
किसी भी शहीद,
सैनिक,
सैन्य अधिकारी
के जीवन पर आधारित फिल्म बनाने से पहले भारतीय सेना और शहीद के कानूनी वारिसों दोनों से अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए।
यह भारत में मिलिट्री बायोपिक के क्षेत्र में एक बड़ा कानूनी बदलाव ला सकता है।
5 दिसंबर को रिलीज़ होनी है धुरंधर
Dhurandhar 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है। फिल्म को ‘उरी’ फेम आदित्य धर ने लिखा और निर्देशित किया है। आदित्य धर की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ पहले ही अपनी यथार्थवादी प्रस्तुति के लिए चर्चित रही थी।
इस बार, उनकी नई फिल्म शुरुआत से ही national security narrative से जुड़ी नजर आ रही है।
फिल्म की स्टार कास्ट—रणवीर सिंह से लेकर अक्षय खन्ना तक
Dhurandhar फिल्म में प्रमुख भूमिकाएँ—
रणवीर सिंह
अर्जुन रामपाल
संजय दत्त
अक्षय खन्ना
आर. माधवन
ने निभाई हैं।
आर. माधवन इस फिल्म में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर ऑफ इंडिया अजीत डोवाल की भूमिका में नजर आएंगे। यह भी विवादों को और गहरा करता है क्योंकि फिल्म का स्वरूप वास्तविक घटनाओं से प्रेरित प्रतीत होता है।
रणवीर सिंह के साथ दिखेंगी 20 साल छोटी को-एक्ट्रेस
Dhurandhar में रणवीर सिंह के अपोजिट सारा अर्जुन दिखाई देंगी, जो उनसे लगभग 20 साल छोटी हैं। यह जोड़ी फिल्म रिलीज़ से पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही है।
क्या यह विवाद फिल्म की रिलीज़ रूकेगा?
अभी कोर्ट ने मामले पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है।
संभावना जताई जा रही है कि—
कोर्ट जल्द ही फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी करेगा
या फिर रिलीज़ पर अस्थायी रोक भी लगा सकता है
या केवल प्राइवेट स्क्रीनिंग का आदेश देकर रिलीज़ की अनुमति भी दे सकता है
यह मामला भावनात्मक, कानूनी और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा है, इसलिए अदालत यहाँ संतुलित रुख अपनाएगी।
क्यों यह मामला इतना संवेदनशील है?
भारत में शहीदों और सेना से जुड़ी सामग्री विशेष सम्मान और मर्यादा से देखी जाती है।
परिवार का कहना है—
किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
यह मामला भारतीय सिनेमाई इतिहास में शहीदों पर बनने वाली फिल्मों की दिशा को बदल सकता है।
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