किशोर बियानी की रिटेल सफर खत्म?: बिग बाजार, ब्रांड फैक्ट्री और FBB सहित फ्यूचर के रिटेल कारोबार को खरीदेंगे मुकेश अंबानी, 27 हजार करोड़ रुपए में होगी डील

इस सौदे से मुकेश अंबानी रिटेल सेक्टर में किंग बनकर उभरेंगे क्योंकि उनकी रिटेल कंपनी पहले से ही इस सेक्टर में है
इस सौदे से मुकेश अंबानी रिटेल सेक्टर में किंग बनकर उभरेंगे क्योंकि उनकी रिटेल कंपनी पहले से ही इस सेक्टर में है
                        
बिजनेस न्यूज.  देश में रिटेल की नींव रखने वाले किशोर बियानी की अब रिटेल की यात्रा समाप्त होने की ओर है। खबर है कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप के रिटेल बिजनेस को 24 से 27 हजार करोड़ रुपए में खरीदने के करीब पहुंच चुकी है। इस माह के अंत तक यह सौदा होने की उम्मीद है। इस सौदे से मुकेश अंबानी रिटेल सेक्टर में एकतरफा किंग बनकर उभरेंगे। क्योंकि उनकी रिटेल कंपनी पहले से ही इस सेक्टर में है।

इन कंपनियों का हो सकता है विलय

खबर के मुताबिक, फ्यूचर के रिटेल बिजनेस के बिकने से पहले फ्यूचर रिटेल लिमिटेड, फ्यूचर कंज्यूमर, फ्यूचर लाइफ स्टाइल फैशन, फ्यूचर सप्लाई चेन और फ्यूचर मार्केट नेटवर्क का फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड में विलय हो जाएगा। फ्यूचर ग्रुप पर मुकेश अंबानी का मालिकाना हक हो जाएगा।

बिग बाजार, ब्रांड फैक्ट्री पर अंबानी का मालिकाना हक

डील के हिस्से के रूप में फ्यूचर ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों जैसे कि बिग बाजार, फूडहॉल, नीलगिरी, एफबीबी, सेंट्रल, हेरिटेज फूड्स और ब्रांड फैक्ट्री से फैशन और ग्रॉसरी रिटेल फॉर्मेट, परिधान ब्रांड ली कूपर और ऑल-बैरिंग आरआईएल का हिस्सा हो जाएंगी।

कैश की कमी से जूझ रहा है फ्यूचर ग्रुप

बिग बाजार का सबसे सस्ता, सबसे अच्छा टैगलाइन ने उसे नई पहचान दिलाई। इससे उनके फ्यूचर ग्रुप का टर्नओवर 9,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया और 2017 में भारत के 100 अमीरों की लिस्ट में बियानी भी शामिल हुए। हालांकि वक्त के साथ सबकुछ बदलता चला गया और 2019 की समाप्त तिमाही में फ्यूचर रिटेल के प्रॉफिट में 15 फीसदी की गिरावट आई थी, वहीं रेवेन्यू में 3 फीसदी की कमी देखी गई थी। कोरोना संकट से बियानी के कारोबार को और ज्यादा नुकसान हुआ।

बता दें कि लगातार कर्ज में इजाफा के कारण रेटिंग एजेंसी ICRA ने मार्च में बियानी की कंपनी को निगेटिव रेटिंग दी थी। इस समय फ्यूचर ग्रुप इस वक्त कैश की कमी से जूझ रहा है। पिछले सप्ताह 50 करोड़ डॉलर की फॉरन करेंसी बॉन्ड में 100 करोड़ का डिफॉल्ट किया था।

बियानी की होल्डिंग कंपनी लोन का पेमेंट करने में डिफॉल्ट हो गई थी

इस सौदे पर बातचीत इस साल की शुरुआत में शुरू हुई थी। क्योंकि बियानी की होल्डिंग कंपनी लोन का पेमेंट करने में डिफॉल्ट कर गई थी। इससे पहले भारत के रिटेल सेक्टर के पोस्टर ब्वॉय के नाम से मशहूर बियानी ने कई अन्य संभावित निवेशकों के साथ भी चर्चाएं की हैं। 

अमेरिका स्थित रिटेल कंपनी अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने भी फ्यूचर ग्रुप में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन आरआईएल के साथ एक डील ने बियानी के कर्ज के मुद्दों का पूरी तरह से समाधान कर दिया है।

1980 के दशक का है बियानी का यह कारोबार

फ्यूचर रिटेल ग्रुप 1980 के दशक के आखिरी वर्षों से ही रिटेल बिजनेस में सक्रिय है। उस दौरान ही ग्रुप ने संगठित रिटेल बिजनेस खड़ा किया।1991 में ही इसके प्रमुख किशोर बियानी ने अपनी कंपनी का नाम पेंटालून फैशन लिमिटेड कर दिया। 2001 में कंपनी ने पूरे देश में बिग बाजार स्टोर खोले।

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