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Argoland:हिंद महासागर में मिला 15 करोड़ साल पहले गायब महाद्वीप,18 हजार फीट की गहराई में दबा था 4828 किमी का अवशेष

Argoland: लंदन के भूगर्भ शास्त्रियों रिसर्च के दौरान हिंद महासागर में एक महाद्वीप के अवशेष मिले हैं। दावा किया गया है कि एग्रोलैंड (Agroland) नाम का यह महाद्वीप कभी ऑस्ट्रेलिया का हिस्सा था। करीब 15 करोड़ साल पहले यह गायब हो गया था। महाद्वीप का करीब 4828 किलोमीटर हिस्सा हिंद महासागर में 18 हजार फीट की गहराई में दबा हुआ था।

नीदरलैंड्स की यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के भूगर्भ शास्त्रियों की बड़ी खोज हिंद महासागर में मिला 15 करोड़ साल पहले गायब (Argoland) महाद्वीप

द डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक नीदरलैंड्स की यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के भूगर्भ शास्त्रियों का शोध गोंडवाना रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें बताया गया कि टेक्टॉनिक प्लेट्स की शिफ्टिंग के दौरान महाद्वीप ऑस्ट्रेलिया से अलग होकर दक्षिण-पूर्वी एशिया की तरफ खिसका होगा। शोध के लेखकों में शामिल एल्डर्ट एडवोकाट (Eldert Advokaat ) ने बताया कि महासागरों में ऐसे कई रहस्य छिपे हुए हैं, जिनके बारे में कल्पना काफी मुश्किल है। शोधकर्ताओं की टीम हिंद महासागर में करोड़ों साल पहले गायब हुए महाद्वीप (Argoland) के विशाल हिस्से के सबूत पाकर हैरान है।

 

Argoland

इसी के टुकड़ों से बने इंडोनेशिया-म्यांमार

शोधकर्ताओं ने कम्प्यूटर रिकंस्ट्रक्शन से एक तस्वीर तैयार की है। इसमें बताया गया कि एग्रोलैंड महाद्वीप (Argoland Continent) कैसे टुकड़ों में बंटा होगा। उनके मुताबिक इन टुकड़ों से ही इंडोनेशिया-म्यांमार जैसे देश बने होंगे। दक्षिण-पूर्वी एशिया की भौगोलिक संरचना अफ्रीका और अमरीका से काफी अलग है। वहां महाद्वीप आसानी से दो हिस्सों में बंट जाते हैं। दक्षिण-पूर्वी एशिया में आम तौर पर ऐसा कम होता है।

टेक्टॉनिक प्लेट्स के मिलन के बाद सबडक्‍शन जोन में जानें का अनुमान

शोधकर्ताओं का कहना है कि करोड़ों साल पहले जब टेक्टॉनिक प्लेट्स एक-दूसरे से मिली होंगी, इस प्रक्रिया में धरती का यह हिस्सा निम्नस्खलन (सबडक्शन) जोन में चला गया होगा। मिलन की सीमा पर एक प्लेट के दूसरी प्लेट के नीचे खिसककर दबने की प्रक्रिया को निम्नस्खलन (subduction) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में धरती का कोई हिस्सा महासागर में डूब सकता है या किसी और इलाके में द्वीप बन सकता है।

 

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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