राजस्थान के प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट पद्मश्री डॉ. अशोक पनगड़िया का निधन, कोरोना के बाद फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित थे

पद्मश्री डॉ. अशोक पनगड़िया का निधन

देश-विदेश के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट और पद्मश्री डॉ. अशोक पनगड़िया का शुक्रवार दोपहर करीब 3:50 बजे निधन हो गया। पनगड़िया कोविड के बाद की बीमारी से जूझ रहे थे और लंबे समय से वेंटिलेटर पर थे।

उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर के ईएचसीसी अस्पताल से दोपहर करीब 2.30 बजे उनके आवास पर वेंटिलेटर सपोर्ट पर लाया गया, लेकिन करीब सवा घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिय। करीब 10 दिन पहले वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।

पनगड़िया के करीबी सूत्रों के मुताबिक कोरोना के कारण उनके फेफड़े खराब हो गए थे। 48 दिनों तक कोरोना से लड़ने के बाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए डॉ. पनगड़िया। इससे पहले पूरे देश में उनके सकुशल और करीबी लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे।

उनके इलाज के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगी हुई थी, जिसमें शीर्ष नेफ्रोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट, चिकित्सक शामिल थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद भी उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

25 अप्रैल को हुए थे आरयूएचएस भर्ती

करीबी सूत्रों के अनुसार 24 अप्रैल को डॉ. पनगढ़िया को कोविड के लक्षण महसूस होने लगे, फिर उन्होंने जेएलएन मार्ग स्थित एक निजी लैब में जाकर वहां एचआरसीटी करवाया। सिटी स्कैन रिपोर्ट में उनका स्कोर 17 था, जिसके बाद उन्हें 25 अप्रैल को जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि वहां उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जवाहर सर्कल जयपुर के पास स्थित ईएचसीसी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।

वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के बाद तबीयत बिगड़ी थी

पगड़िया के करीबी के मुताबिक उन्हें इस बीमारी से करीब 10-12 दिन पहले एसएमएस अस्पताल में जाकर कोविशील्ड की दूसरी डोज मिल गई थी। वैक्सीन मिलने के कुछ दिनों बाद उन्हें कोविड के लक्षण महसूस हुए और जब उन्होंने जांच कराई तो कोरोना की पुष्टि हुई।

बताया जा रहा है कि वह पिछले एक साल से घर से ज्यादा बाहर नहीं निकले थे। पिछले साल जुलाई 2020 में उनके बेटे की शादी के दौरान भी सिर्फ 15 लोग ही कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उदयपुर में प्रस्तावित विवाह समारोह जयपुर में एक छोटे से कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ। 

इसके अलावा डॉ. पनगड़िया ने भी पिछले एक साल से (कोविड शुरू होने के बाद से) मरीजों को देखना ही बंद कर दिया था, केवल मरीजों को ऑनलाइन काउंसलिंग दे रहे थे।

2014 में पद्मश्री और 2002 में डॉ. बीसी रॉय पुरस्कार मिला

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पनगड़िया ने 1992 में राजस्थान सरकार से मेरिट अवार्ड प्राप्त किया। वे एसएमएस में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख थे। 2006 से 2010 तक प्रिंसिपल रहे। 

2002 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने उन्हें डॉ. बी.सी. रॉय अवार्ड दिया। उन्हें 2014 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। जर्नल में उनके 90 से अधिक पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। 

यूनेस्को पुरस्कार भी मिला

उन्हें उनकी चिकित्सा और सामाजिक भागीदारी के लिए यूनेस्को पुरस्कार भी मिला है। उन्हें कई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिल चुके हैं।

डॉ.रघु शर्मा ने जताया शोक

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट पद्मश्री डॉ. अशोक पनगड़िया के निधन पर शोक व्यक्त किया है। रघु शर्मा ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. पनगड़िया के अतुलनीय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। वे न केवल एक महान चिकित्सक थे, बल्कि अभिनव भी थे। पनगड़िया एक शोधकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सा प्रशासक भी थे। उन्होंने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और आरयूएचएस के कुलपति के पद पर भी कार्य किया।

पदमश्री से सम्मानित और विख्यात न्यूरोलॉजिस्ट डॉ अशोक पनगड़िया जी का निधन न केवल चिकित्सा जगत बल्कि प्रदेश और देश के लिए भी अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं। (1/3) pic.twitter.com/PxiCBxyFyX

— Dr. Raghu Sharma (@RaghusharmaINC) June 11, 2021

सीएम गहलोत ने ट्वीट कर जताया दुख

पनगड़िया के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए सीएम गहलोत ने ट्वीट पर लिखा, “राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त न्यूरोलॉजिस्ट, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अशोक पनगढ़िया के निधन पर मेरी गहरी संवेदना। डॉ. पनगड़िया ने महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उल्लेखनीय कार्य किया। 

कोविड महामारी के समय में भी चिकित्सा क्षेत्र में सेवाएं दी और चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में राज्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. पनगड़िया का निधन चिकित्सा जगत और राज्य के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। 

ईश्वर से प्रार्थना है कि शोक संतप्त लोगों को शक्ति प्रदान करें डॉ. पगड़िया के परिवार के सदस्य और मित्र इस क्षति को सहन करने और दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए। 

मुझे और मेरे परिवार को व्यक्तिगत नुकसान हुआ है, उनके साथ मेरे पारिवारिक संबंध रहे हैं, उन्हें लंबे समय तक भूलना संभव नहीं होगा।

डॉ.अशोक पनगड़िया का निधन चिकित्सा जगत एवं प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है शोकाकुल परिजनों एवं डॉ. पनगड़िया के मित्रों को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।

— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 11, 2021

राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात, जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट, पद्मश्री से सम्मानित डॉ.अशोक पनगड़िया के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं। डॉ. पनगड़िया ने महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं दीं

— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 11, 2021

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