महिला खिलाड़ियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में भाग लेने के लिए SRY gene test कराना अनिवार्य होगा। बुधवार को World Athletics Council ने यह नया नियम लागू किया। जिन एथलीट्स का यह टेस्ट नहीं हुआ होगा, उन्हें World Ranking Competitions में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी।
नियम का उद्देश्य: खेलों में निष्पक्षता
वर्ल्ड एथलेटिक्स के अनुसार यह कानून उन मामलों को रोकने के लिए है, जहां पुरुष जेंडर बदलकर महिला प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। यह नियम 1 सितंबर 2025 से लागू होगा और 13 सितंबर से शुरू होने वाली World Athletics Championship (Tokyo) में इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा।
लाइफटाइम टेस्ट, गाल या ब्लड सैंपल से होगी जांच
SRY gene test जीवन में केवल एक बार ही कराया जाएगा। इस टेस्ट के लिए या तो गाल से swab sample लिया जाएगा या खून का सैंपल। इससे एथलीट का biological gender कन्फर्म किया जाएगा।
The World Athletics Council has approved new regulations concerning eligibility conditions to compete in the female category for world ranking competitions.
The new regulations come into effect on 1 September 2025 and will be applied to the World Athletics Championships Tokyo 25… pic.twitter.com/BO8Lz4kfwS
— World Athletics (@WorldAthletics) July 30, 2025
Sebastian Coe का बयान
World Athletics President Sebastian Coe ने कहा:
“महिला खेलों की गरिमा और निष्पक्षता की रक्षा करना हमारा लक्ष्य है। हर महिला खिलाड़ी को यह विश्वास होना चाहिए कि प्रतियोगिता में कोई जैविक असमानता नहीं है। हम स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि महिला कैटेगरी में खेलने के लिए बायोलॉजिकल तौर पर महिला होना आवश्यक है। जेंडर आइडेंटिटी बायोलॉजिकल जेंडर से ऊपर नहीं हो सकती।”
पेरिस ओलंपिक में हुआ था जेंडर विवाद
यह नया नियम उस विवाद के बाद आया है जो पिछले साल Paris Olympics के दौरान सामने आया था। बॉक्सिंग में अल्जीरिया की मुक्केबाज Imane Khalif पर पुरुष होने का आरोप लगा था। उनकी प्रतिद्वंद्वी ने मुकाबले से यह कहते हुए हटने का निर्णय लिया कि उन्हें “पुरुष के साथ लड़ने को मजबूर किया गया”। इसकी पूरी खबर यहां पढ़ें…
📌 नए नियम का असर
Female athletes eligibility को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी।
खेलों में fair competition सुनिश्चित होगा।
विवादों और विरोधाभासी दावों में कमी आएगी।
एथलीट्स का करियर प्रभावित हो सकता है यदि वे समय पर यह टेस्ट न कराएं।
महिला खिलाड़ियों के लिए यह नियम अंतरराष्ट्रीय खेलों की दिशा बदलने वाला साबित हो सकता है। यह न केवल खिलाड़ियों की जैविक पहचान सुनिश्चित करेगा बल्कि भविष्य में होने वाले जेंडर विवादों को भी खत्म कर सकता है।
SRY जीन टेस्ट क्या है?
SRY जीन टेस्ट को Sex Determining Region Y Gene Test भी कहा जाता है। यह एक genetic test है, जो शरीर में मौजूद Y chromosome पर SRY जीन की पहचान करता है।
कैसे पता चलता है जेंडर?
इस टेस्ट से यह निर्धारित किया जाता है कि किसी व्यक्ति के शरीर में Y chromosome मौजूद है या नहीं। यह टेस्ट cheek swab या blood sample के जरिए किया जाता है।
टेस्ट के परिणाम का मतलब
अगर टेस्ट में Y chromosome नहीं पाया जाता, तो एथलीट महिला (Women’s category) में भाग ले सकती है।
अगर टेस्ट में Y chromosome पाया जाता, तो एथलीट महिलाओं की कैटेगरी में हिस्सा नहीं ले सकती।
नोट:
SRY टेस्ट में पॉजिटिव आने वाली एथलीट्स केवल non-world ranking competitions या किसी अन्य निर्धारित कैटेगरी में ही भाग ले पाएंगी।
SRY जीन टेस्ट जीवन में कितनी बार कराना होगा?
SRY gene test केवल एक बार कराना अनिवार्य होगा। अगर टेस्ट में Y chromosome नहीं पाया जाता है, तो एथलीट को महिला कैटेगरी में सभी World Ranking Competitions में भाग लेने की अनुमति मिल जाएगी।
टेस्ट रिपोर्ट आने में कितना समय लगेगा?
SRY टेस्ट के लिए सैंपल देने के बाद नतीजे आने में लगभग 1 से 2 हफ्ते का समय लग सकता है।
SRY टेस्ट कौन कराएगा?
हर देश का National Federation अपने एथलीट्स के लिए यह टेस्ट कराएगा। भारत के लिए यह जिम्मेदारी Indian Athletics Association की होगी। World Athletics प्रत्येक टेस्ट के लिए 100 USD तक की वित्तीय मदद देगा।
SRY टेस्ट की सटीकता कितनी है?
यह टेस्ट scientifically reliable और अत्यधिक सटीक है, खासकर तब जब इसे मान्य प्रयोगशालाओं में सही तकनीक से किया जाए।
क्या टेस्ट के दौरान एथलीट प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं?
नहीं। महिला कैटेगरी में खेलने की पात्रता के लिए यह टेस्ट 1 सितंबर 2025 से पहले पूरा करना अनिवार्य होगा।
टेस्ट रिजल्ट की गोपनीयता कैसे रखी जाएगी?
टेस्ट के परिणाम केवल एथलीट को ही मिलेंगे। World Athletics Medical Manager इसे केवल एथलीट की अनुमति से encrypted platform पर देख पाएंगे।
अगर एथलीट टेस्ट के परिणाम से असहमत हो तो?
एथलीट को दोबारा टेस्ट कराने का अधिकार होगा। साथ ही, वह Court of Arbitration for Sport में अपील भी कर सकता है।
क्या यह टेस्ट मानवाधिकारों के अनुरूप है?
World Athletics का कहना है कि यह टेस्ट व्यापक चर्चा और human rights standards को ध्यान में रखकर लागू किया गया है, ताकि महिला खेलों में fairness and inclusion सुनिश्चित की जा सके।
SRY टेस्ट पॉजिटिव आने का क्या मतलब है?
अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो इसका अर्थ है कि एथलीट के पास XY chromosome, transgender status या DSD (Differences of Sex Development) की स्थिति हो सकती है। इस स्थिति में और जांच की जाएगी। केवल CAIS (Complete Androgen Insensitivity Syndrome) में महिला कैटेगरी में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
अगर महिला एथलीट SRY टेस्ट न कराए तो क्या होगा?
जो महिला एथलीट यह टेस्ट नहीं कराएगी, उसे World Ranking Competitions में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी। हालांकि वह non-ranking events या अन्य कैटेगरी में खेल सकती है।
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