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Earthquakes Prediction: भूकंप का पहले ही पता चल जाएगा, लेकिन ये चुनौती भी

Earthquakes Prediction:हर साल दुनिया के किसी न किसी हिस्से में बड़े भूकंप के आने से जान-माल का काफी नुकसान होता है। लेकिन अब हाल ही में प्रकाशित शोध में यह दावा किया गया कि आने वाले बड़े भूकंप की भविष्यवाणी महीनों पहले ही पता चल जाएग इस पर वैज्ञानिक खोज कर रहे हैं। भूकंप विज्ञानियों ने एक अभूतपूर्व अध्ययन की रिपोर्ट दी है जिसमें दिखाया गया है कि घटना से कई महीने पहले शुरुआती वॉर्निंग और संकेतों की पहचान करके बड़ें भूकंपों का प्रिडिक्‍शन किया जा सकेगाा। दरअसल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित शोध में यह बात सामने आई है। यह शोध इस साल ही फरवरी में तुर्की और सीरिया में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप को ध्‍यान में रखकर किया गया। इन बड़े भूकंपों से करीब आठ महीने पहले आए भूकंपीय संकेतों का अध्ययन कर यह दावा किया जा रहा है कि भूकंप का पता पहले ही लगाया जा सकता है।

क्‍या तुर्की के भूकंप को रोका जा सकता था? (Earthquakes Prediction)

तुर्की और सीरिया में आए भूकंप में 50,700 से ज्यादा लोगों की जानें गई थी।. घायलों की संख्या तो इससे दोगुनी ही थी। वहीं भूकंप के कारण 3 लाख 45,000 अपार्टमेंट और लगभग 40 लाख इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। अध्ययन में पाया गया कि तुर्की-सीरिया भूकंप पूर्वी अनातोलियन फ़ॉल्ट ज़ोन में उत्पन्न हुआ, जो मुख्य फ़ॉल्ट तक फैलने से पहले एक सैकंड्री फ़ॉल्ट से उत्पन्न हुआ था। अध्ययन ने भूकंप से लगभग आठ महीने पहले भूकंप के केंद्र के 40 मील के भीतर बढ़े हुए भूकंपीय संकेतों और बड़ी ऊर्जा रिलीज की पहचान की है। विशेष रूप से, ये संकेत एक सैकंड्री फॉल्‍ट पर प्रकट होते हैं, जिसे अक्सर भूकंपीय आकलन में अनदेखा कर दिया जाता है। माना जा रहा है कि शोध पहले हो गया होता तो शायद तुर्किए के भूकंप को रोका जा सकता था।

भूकंप का आकार निर्धारित करना चुनौतीपूर्ण और कठिन

इस शोध के प्रमुख लेखक, पेट्रीसिया मार्टिनेज-गार्जोन, फाॅल्‍ट एक्टिविटी में चेंज महसूस करने की क्षमता को स्वीकार करते हैं। (Earthquakes Prediction) हालांकि, उनका ये भी कहना है कि भूकंप के सटीक आकार का पता लगाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। हालाकि, भूकंप की भविष्यवाणी करने की तकनीकें अहम हैं। भूकंप की विभिन्न घटनाओं में न्यूक्लियेशन प्रक्रियाओं में भिन्नता का सामना करना पड़ता है, जिससे तत्काल चेतावनी वर्तमान में पहुंच योग्य नहीं है।

टेक्नोलॉजी में थोड़े से डवलपमेंट से ही बड़ी उपलब्धि मिल सकती है

मार्टिनेज़-गार्जोन ने यह निर्धारित करने के लिए और अधिक शोध को जरूरी बताया है, उन्‍होंने कहा कि यह संकेत विश्वसनीय रूप से आने वाले भूकंप का संकेत दे सकते हैं। समझ को आगे बढ़ाने और संभावित रूप से भूकंप के प्रिडिक्‍शन में योगदान देने के लिए क्षेत्र जांच को लैब्‍स के साथ जोड़ना अहम होगा। (Earthquakes Prediction) बड़े भूकंपों से होने वाले भारी विनाश को देखते हुए, प्रिडिक्‍शन टेक्‍नीक्स में कोई भी प्रगति बड़ी आपदा को रोकने का बड़ा कदम हो सकता है।

 

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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