सुप्रीम कोर्ट ने Dog Attack Case की सुनवाई में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि देशभर में पकड़े जाने वाले आवारा कुत्तों की sterilization और vaccination करने के बाद उन्हें वापस उसी स्थान पर छोड़ा जाए, जहां से पकड़ा गया था।
रेबीज से संक्रमित और आक्रामक स्वभाव वाले कुत्तों को ही शेल्टर होम में रखा जाएगा।
Dog Attack Case: पब्लिक प्लेस पर नहीं मिलेगा खाना
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि अब public places पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके लिए Municipal Corporations को अलग से स्थान तय करने का आदेश दिया गया है।
साथ ही कोर्ट ने मामले में शामिल एक व्यक्ति को 25 हजार और एक NGO को 2 लाख रुपए जमा कराने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कुत्ता प्रेमियों (dog lovers) और NGOs को सुनवाई से पहले निर्धारित राशि जमा करनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि हर dog lover को 25,000 रुपये और प्रत्येक NGO को 2 लाख रुपये सात दिन के भीतर कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने होंगे।
राशि का होगा इस्तेमाल
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने कहा कि यह धनराशि संबंधित नगर निकायों के तहत stray dogs के लिए infrastructure और basic facilities विकसित करने में उपयोग होगी।
नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी dog lovers या NGOs यह राशि जमा नहीं करेंगे, उन्हें आगे की सुनवाई में मामले का पक्षकार बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
11 अगस्त के फैसले में बदलाव
सुप्रीम कोर्ट की Special Bench ने 11 अगस्त को दिए गए दो जजों की बैंच के आदेश को “बेहद कठोर” बताया।
इस आदेश में कहा गया था कि सभी आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों में NCR से हटाकर शेल्टर होम भेजा जाए।
कोर्ट ने कहा, ऐसा फैसला animal rights और public balance के खिलाफ है। उस आदेश से जुड़ी खबर यहां पढ़ें….
नेशनल पॉलिसी बनाने पर जोर
जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि इस मामले में national level policy बननी चाहिए।
इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाया गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट अक्टूबर में मामले की सुनवाई करेगा।
राजनीतिक दलों ने क्या कहा…
कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह पशु कल्याण और public safety के बीच संतुलन का कदम है।
शिवसेना (UBT) सांसद Priyanka Chaturvedi ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अमानवीय आदेश को सुधार दिया है।
भाजपा नेता Maneka Gandhi ने भी फैसले का समर्थन किया, हालांकि उन्होंने “खूंखार कुत्तों” की परिभाषा तय करने की मांग की।
क्यों अहम है यह फैसला?
Dog Attack Case में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला देशभर में लागू होगा।
इससे animal rights और public safety के बीच संतुलन कायम होगा।
नगर निगमों को dog sterilization और vaccination program पर ध्यान देना होगा।
पब्लिक प्लेस पर dog feeding ban से आम जनता को राहत मिलेगी।
🐕🦺 आवारा कुत्तों से जुड़े केस की टाइमलाइन
📅 28 जुलाई 2025
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में stray dogs attack और rabies deaths की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लिया।
📅 11 अगस्त 2025
कोर्ट ने आदेश दिया कि 8 हफ्तों में दिल्ली-NCR के residential areas से आवारा कुत्तों को हटाकर shelter homes में भेजा जाए।
📅 13 अगस्त 2025
फैसले का विरोध हुआ।
चीफ जस्टिस बीआर गवई ने मामले को पुनर्विचार के लिए 3 जजों की special bench को सौंपा।
📅 14 अगस्त 2025
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा।
📅 22 अगस्त 2025
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि पकड़े गए कुत्तों की sterilization और vaccination के बाद उन्हें वहीं छोड़ा जाए।
केवल rabies infected और aggressive dogs शेल्टर में रहेंगे।
🐶 दिल्ली में डॉग बाइट के केस (Dog Attack Case)
2024: दिल्ली में 68 हजार dog bite cases दर्ज हुए।
2025: अब तक 26 हजार मामलों की पुष्टि।
दिल्ली में करीब 10 लाख stray dogs, जिनमें से हर साल हजारों dog attack incidents।
देशभर में 2024 में 37 लाख dog bites और 54 मौतें हुईं।
सर्वे में 71% लोगों ने माना कि उनके क्षेत्र में कुत्तों के काटने की घटनाएं आम हैं।
📍 महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा डॉग बाइट केस (2024)
महाराष्ट्र – 4.8 लाख
तमिलनाडु – 4.8 लाख
गुजरात – 3.9 लाख
कर्नाटक – 3.6 लाख
बिहार – 2.6 लाख
केरल – 1.1 लाख
दिल्ली – 0.2 लाख
👉 सबसे ज्यादा dog bite cases Maharashtra और Tamil Nadu में दर्ज हुए।
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