Railway tatkal otp verification सिस्टम लागू होते ही भारतीय रेलवे टिकटिंग व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब काउंटर से तत्काल टिकट बुक करने के लिए पैसेंजर्स को अपना मोबाइल OTP से वेरिफाई करना होगा। रेलवे का दावा है कि इससे फर्जी बुकिंग रुकेगी और असली यात्रियों को ज्यादा पारदर्शिता मिलेगी।
तत्काल टिकट बुकिंग अब OTP वेरिफिकेशन से होगी कन्फर्म (Railway tatkal otp verification)
भारतीय रेलवे अगले कुछ दिनों में देश की सभी ट्रेनों पर नया मोबाइल OTP आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने जा रही है। अब तक काउंटर से तत्काल टिकट बुकिंग में किसी भी तरह की पहचान या मोबाइल वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती थी, जिससे फर्जी बुकिंग और एजेंटों द्वारा दुरुपयोग की शिकायतें बढ़ती जा रही थीं।
काउंटर से तत्काल टिकट बुकिंग की नई प्रक्रिया
1. काउंटर विज़िट करें
जिस दिन ट्रेन की यात्रा है, उससे एक दिन पहले AC तत्काल के लिए सुबह 10 बजे और नॉन-AC के लिए 11 बजे रेलवे स्टेशन के तत्काल काउंटर पर पहुंचें।
2. फॉर्म पूरी तरह भरें
तत्काल टिकट फॉर्म में यात्री का नाम, उम्र, ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख और सबसे ज़रूरी—अपना मोबाइल नंबर साफ़-साफ़ लिखें। यही नंबर OTP के लिए उपयोग होगा।
3. भुगतान की प्रक्रिया पूरी करें
फॉर्म क्लर्क को दें। वह कंप्यूटर पर डिटेल डालकर किराया बताएगा। भुगतान नकद, कार्ड या UPI—किसी भी माध्यम से किया जा सकता है।
4. मोबाइल पर OTP प्राप्त होगा
पेमेंट पूरा होते ही आपके मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का OTP आएगा। यह OTP क्लर्क को बताना आवश्यक है, तभी टिकट प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
5. सही OTP के बाद टिकट जारी होगा
जैसे ही OTP वेरिफाई होगा, आपका तत्काल टिकट तुरंत प्रिंट होकर मिल जाएगा। गलत OTP या फोन ऑफ होने पर टिकट जारी नहीं होगा।
नए सिस्टम में अब जो भी यात्री तत्काल टिकट लेना चाहेगा, उसके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। वही OTP डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म हो पाएगा। रेलवे के अनुसार इससे टिकटिंग सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और आम यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
रेलवे चार्ट अब 4 घंटे नहीं, 8 घंटे पहले बनेगा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चार्ट तैयार करने के समय को 4 घंटे से बढ़ाकर 8 घंटे करने की मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का सीधा फायदा वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को मिलेगा।
अब यात्रियों को पहले ही पता चल जाएगा कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई है या नहीं। इससे वे समय रहते यात्रा की वैकल्पिक योजना बना सकेंगे।
52 ट्रेनों में हुआ पायलट ट्रायल, सफल रहा
17 नवंबर 2025 को रेलवे ने 52 ट्रेनों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसमें काउंटर से तत्काल बुकिंग के समय यात्रियों को ओटीपी प्राप्त कर उसे वेरिफाई करना था।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार—
सिस्टम बिना किसी तकनीकी समस्या के चला
यात्रियों का रिस्पॉन्स पॉजिटिव रहा
फर्जी बुकिंग की घटनाओं में तुरंत कमी देखी गई
ट्रायल सफल होने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया गया है।
तत्काल टिकट में OTP क्यों जरूरी किया गया?
पिछले कुछ वर्षों में रेलवे को शिकायतें मिल रही थीं कि तत्काल टिकटों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है।
समस्याएं इस प्रकार थीं—
एजेंट और अवैध बुकर्स एक ही मोबाइल नंबर या फर्जी नंबर से कई टिकटें बुक करते थे
फर्जी आईडी का उपयोग होता था
असली यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता था
ब्लैक में टिकट बेचने की घटनाएं बढ़ रही थीं
रेलवे ने ऑनलाइन तत्काल बुकिंग में आधार वेरिफिकेशन और जनरल टिकटिंग में OTP लागू करके काफी सफलता पाई थी। अब यही प्रक्रिया काउंटर बुकिंग पर भी लागू होगी।
नया OTP सिस्टम कैसे काम करेगा?
रेलवे के अनुसार पूरा सिस्टम बेहद सरल होगा—
1️⃣ यात्री काउंटर पर तत्काल टिकट बुक करने का अनुरोध करेगा।
2️⃣ IRCTC/PRC सिस्टम उसके मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजेगा।
3️⃣ यात्री को वह OTP काउंटर कर्मचारी को बताना होगा।
4️⃣ OTP वेरिफाई होते ही टिकट कन्फर्म हो जाएगा।OTP न देने या गलत OTP दर्ज होने पर टिकट बुक नहीं होगा।
यात्रियों को मिलने वाले बड़े फायदे
रेलवे का मानना है कि इस सिस्टम से यात्रियों को कई तरह से फायदा होगा—
✔ फर्जी बुकिंग रुकेगी
✔ असली यात्री टिकट आसानी से ले सकेंगे
✔ काउंटर प्रणाली और पारदर्शी बनेगी
✔ टिकट ब्लैकिंग पर लगाम लगेगी
✔ वेटिंग लिस्ट क्लियर होने की संभावना बढ़ेगी
✔ चार्ट 8 घंटे पहले बनने से योजना बनाने का समय बढ़ेगा
पुराने सिस्टम की मुख्य समस्याएँ
रेलवे के अनुसार तत्काल कोटा सबसे ज्यादा दुरुपयोग होने वाला सेगमेंट था।
पुराने सिस्टम की दिक्कतें:
OTP या पहचान की जरूरत नहीं
एजेंटों द्वारा 1 मिनट में दर्जनों टिकट बुक
मोबाइल नंबर फर्जी दर्ज कर बुकिंग
टिकट ब्लैक में बेचना आसान
असली यात्रियों के लिए टिकट मिलना मुश्किल
OTP आधारित प्रणाली इन सभी समस्याओं को काफी हद तक खत्म कर देगी।
कब तक पूरे देश में लागू होगा नया सिस्टम?
रेलवे ने कहा है कि कुछ दिनों में इसे फेज़-वाइज लागू किया जाएगा—
🔹 पहला फेज़: उच्च मांग वाली ट्रेनों में
🔹 दूसरा फेज़: सभी सुपरफास्ट और मेल एक्सप्रेस में
🔹 तीसरा फेज़: पूरे देश के सभी जोनों में पूर्ण रूप से रोलआउट
2025 के अंत तक यह पूरी तरह लागू हो जाएगा।
मोबाइल नंबर अपडेट न होने पर क्या होगा?
यदि किसी यात्री का मोबाइल नंबर बंद है या अपडेट नहीं है, तो उसका टिकट कन्फर्म नहीं होगा।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है—✔ अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें
✔ काउंटर टिकट पर सही नंबर दर्ज कराएं
✔ OTP प्राप्त करने के लिए फोन चालू रखें
10 सवाल-जवाब: यात्री क्या जानना चाहते हैं?
1. क्या OTP हर बार आवश्यक होगा?
हाँ, काउंटर से तत्काल टिकट लेते समय हर बार OTP जरूरी होगा।
2. क्या सामान्य टिकट बुकिंग में भी OTP लगेगा?
जनरल टिकटिंग के पहले दिन OTP पहले से लागू है। अब तत्काल में भी लगेगा।
3. बिना मोबाइल वाले लोग टिकट कैसे लेंगे?
वे परिवार के किसी सदस्य या साथ में यात्रा कर रहे व्यक्ति का नंबर उपयोग कर सकते हैं।
4. क्या बच्चों का टिकट भी OTP से ही होगा?
हाँ, क्योंकि टिकट मुख्य PNR पर OTP आधारित होगा।
5. क्या एजेंट टिकट बुक कर सकेंगे?
हाँ, पर उन्हें भी यात्री का वैध मोबाइल नंबर देना होगा।
6. OTP न आए तो क्या टिकट कैंसिल?
OTP आए बिना टिकट कन्फर्म नहीं होगा।
फिर से OTP भेजने का विकल्प मिलेगा।
7. चार्ट 8 घंटे पहले बनने से क्या बदलेगा?
वेटिंग वाले यात्रियों को पहले स्थिति पता चलेगी और यात्रा की योजना आसान होगी।
8. ऑनलाइन तत्काल में OTP की जरूरत है?
अभी ऑनलाइन तत्काल में आधार वेरिफिकेशन लागू है।
9. क्या फेस ऑथेंटिकेशन भी आएगा?
रेलवे IRCTC सिस्टम को डिजिटल बनाते हुए भविष्य में फेस और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जोड़ सकता है।
10. बदलाव कब पूरी तरह लागू होंगे?
2025 के अंत तक पूरा सिस्टम देशभर में लागू कर दिया जाएगा।
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