हाल ही मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट बताया गया है कि भारत में लगभग चार करोड़ लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। अक्सर अचानक पैसे की जरूरत में निवेशक अपनी फंड यूनिट्स बेच देते हैं। लेकिन इस स्थिति में loan against mutual fund लेना बेहतर विकल्प है क्योंकि आपका investment बना रहता है और तुरंत cash प्राप्त होता है।
लोन vs रिडेम्प्शन — कौन है बेहतर?
Redemption (बिक्री): उदाहरण के तौर पर 1 लाख का निवेश 1.5 लाख हो गया तो बेचकर जिसे निकाल लिया जाए। इसमें capital gains tax भी लगता है और long-term growth से हाथ धोना पड़ता है।
Loan Against Mutual Fund (LAMF): अगर आपके पास 2 लाख के units हैं, तो बैंक या NBFC से लगभग 60–70% तक यानी 1.2–1.4 लाख तक का लोन मिल सकता है।
म्यूचुअल फंड पर लोन लेने की प्रक्रिया
Eligibility चेक करें: यह सुनिश्चित करें कि आपकी फंड स्कीम बैंक/NBFC गिरवी के तौर पर स्वीकार करती है।
Apply करें: ऑफलाइन ब्रांच विजिट या ऑनलाइन बैंक/एनबीएफसी पोर्टल पर आवेदन करें।
Lien लगना: लोन स्वीकृति के बाद आपके यूनिट्स पर lien लगाया जाएगा।
लोन की राशि प्राप्त करें: एक बार lien लगने पर पैसे आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएंगे।
Lien हटवाएं: लोन चुकाने के बाद आप आवेदन करके पुर्नवसूली कर सकते हैं और लोनरहित यूनिट्स वापस प्राप्त कर सकते हैं।
क्यों है Loan Against Mutual Fund खरीदने से बेहतर?
Long-term Growth: फंड को बेचे बिना यूं ही कंपाउंडिंग और growth जारी रहती है।
Tax-saving: Redemption पर capital gains tax लगता है, लेकिन लोन पर टैक्स नहीं।
Interest कम हो सकता है: MF से मिलने वाला long-term return अक्सर बैंक ऋण की ब्याज दर से बेहतर होता है।
Investment सुरक्षित: बाजार गिरावट में भी आपका मूल निवेश बना रहता है।
म्यूचुअल फंड बेचने से हो सकते हैं ये बड़े नुकसान
- बाजार में गिरावट का समय हो तो नुकसान तय
अगर आप मंदी के समय म्यूचुअल फंड यूनिट्स बेचते हैं, तो बहुत संभावना है कि आपको लॉस उठाना पड़ेगा। - लॉन्ग टर्म रिटर्न पर पड़ सकता है असर
यूनिट्स का आंशिक रिडेम्पशन भी आपके लंबे समय के रिटर्न को कम कर सकता है। - लाभ पर टैक्स का झटका भी हो सकता है
अगर आपने प्रॉफिट में फंड बेचा है, तो आपको कैपिटल गेन टैक्स चुकाना पड़ सकता है। - आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग गड़बड़ा सकती है
प्लांड इन्वेस्टमेंट को बीच में तोड़ने से आपकी वित्तीय रणनीति पूरी तरह बिगड़ सकती है।
म्यूचुअल फंड पर लोन लेने के बड़े फायदे
- ब्याज दर आमतौर पर सस्ती होती है
म्यूचुअल फंड यूनिट्स पर मिलने वाला लोन अक्सर कम ब्याज दर पर मिलता है, जिससे फाइनेंशियल प्रेशर कम होता है। - निवेश बना रहता है, मार्केट रिवकरी का फायदा भी मिलता है
लोन लेने पर आपको अपने फंड बेचने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे बाजार के सुधार का लाभ बना रहता है। - लोन जल्दी अप्रूव हो जाता है
यह सिक्योर लोन होता है, इसलिए बैंक या NBFC जल्दी अप्रूव कर देते हैं। - शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए बेस्ट ऑप्शन
अगर कुछ महीनों के लिए ही पैसे की जरूरत है, तो ये बेहतर और स्मार्ट विकल्प हो सकता है।
निवेश बना रहता है, लक्ष्य नहीं टूटते
जब आप अपनी म्यूचुअल फंड यूनिट्स को गिरवी रखकर loan against mutual fund लेते हैं, तो आपकी लॉन्ग टर्म वेल्थ प्लानिंग प्रभावित नहीं होती। यूनिट्स बेचे बिना आप अपनी इमरजेंसी जरूरतों के लिए जरूरी फंड जुटा सकते हैं।
बाजार सुधार का लाभ मिलता है
अगर बाजार गिरावट में है और आप फंड बेचते हैं, तो घाटा तय हो सकता है। लेकिन लोन लेकर इंतजार करने पर आप भविष्य में market recovery का लाभ उठा सकते हैं और बेहतर रिटर्न पा सकते हैं।
टैक्स से मिलती है राहत
Mutual fund यूनिट्स बेचने पर लॉन्ग टर्म या शॉर्ट टर्म capital gains tax देना पड़ सकता है। लेकिन अगर आप इन पर लोन लेते हैं, तो किसी भी तरह का टैक्स देय नहीं होता—जो इसे एक tax-efficient विकल्प बनाता है।
लोन अप्रूवल प्रक्रिया होती है बेहद फास्ट
म्यूचुअल फंड्स के अगेंस्ट लोन लेना digital loan process के जरिए होता है। कई मामलों में आपको 24 घंटे के भीतर ही रकम मिल जाती है—जो इसे तुरंत फाइनेंस के लिए आदर्श बनाता है।
ब्याज दर होती है काफी किफायती
Loan against mutual fund की ब्याज दर, पर्सनल लोन की तुलना में कम होती है। इससे आपकी EMI कम बनती है और बजट पर कम दबाव पड़ता है।
सवाल: किस फंड पर कितना लोन मिल सकता है?
जवाब:
बैंक और NBFC संस्थाएं दोनों ही debt mutual fund और equity mutual fund पर लोन देती हैं।
Debt Funds: इन्हें कम रिस्क वाला माना जाता है, इसलिए इन पर loan-to-value (LTV) रेशियो लगभग 70%–80% तक हो सकता है।
Equity Funds: अधिक अस्थिरता के कारण इन पर LTV रेशियो थोड़ा कम यानी 50%–60% तक सीमित रहता है।
सवाल: लोन लेने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
जवाब:
पैन कार्ड
आधार कार्ड
KYC डॉक्यूमेंट्स
Mutual Fund investment statement
ये दस्तावेज आपकी पहचान और इन्वेस्टमेंट की वैधता साबित करते हैं और loan processing के लिए जरूरी होते हैं।
Image credit: freepik
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