क्या अनिवार्य होगी वोटर ID-आधार लिंकिंग, कैसे फर्जी वोटर्स पर लगेगी रोक? जानिए वो सब जो आपके लिए जानना जरूरी है Read it later

Voter ID Aadhaar Linking: Election Commission of India (ECI) ने Voter ID-Aadhaar Linking को हरी झंडी दे दी है। 18 मार्च 2025 को Election Commission, Ministry of Home Affairs, Law Ministry, IT Ministry और UIDAI के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी।

ECI के अनुसार, यह कदम आगामी चुनावों में पारदर्शिता लाने और फर्जी वोटर्स को हटाने के लिए उठाया गया है।

📌 Election Commission ने कहा कि Voter ID-Aadhaar Link करने से डुप्लीकेट वोटर्स की पहचान की जा सकेगी।
📌 इस प्रक्रिया के लिए UIDAI और ECI के टेक्निकल एक्सपर्ट्स मिलकर डेटा वेरिफिकेशन करेंगे।

Table of Contents

क्या विपक्ष के दबाव में झुका चुनाव आयोग?

🗳️ कांग्रेस और INDIA Alliance का दावा है कि यह फैसला Rahul Gandhi और विपक्ष के दबाव में लिया गया है।

📢 राहुल गांधी ने कहा,

“Congress और INDIA Block लगातार मतदाता सूचियों में अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे थे। इसमें डुप्लीकेट वोटर ID, नए वोटर्स का अचानक जुड़ना और फर्जी वोटिंग शामिल हैं।”

📊 विपक्ष का दावा:
✔️ पिछले 5 साल में सिर्फ 32 लाख नए वोटर्स जुड़े, लेकिन पिछले 5 महीनों में 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए।
✔️ Maharashtra में मतदाताओं की संख्या राज्य के कुल वयस्क नागरिकों से भी अधिक हो गई।

📌 ECI ने हालांकि स्पष्ट किया कि यह फैसला पहले से विचाराधीन था और सिर्फ विपक्ष के दबाव में नहीं लिया गया।

कैसे होगी वोटर ID-आधार लिंकिंग?

📌 2021 में Representation of the People Act, 1951 में संशोधन के बाद Voter ID-Aadhaar Linking की अनुमति दी गई थी।
📌 ECI पहले ही मतदाताओं से आधार डेटा इकट्ठा कर चुका है, लेकिन अभी तक डेटाबेस को लिंक नहीं किया गया था।
📌 अब इस प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा।

📝 ECI के अनुसार:
✔️ मतदाताओं को Self Declaration या Online Process के जरिए आधार से लिंक करना होगा।
✔️ ECI Booth Level Officers (BLOs) मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करेंगे।
✔️ Voter List Cleansing Process के तहत Duplicate और Fake Voters को हटाया जाएगा।

क्या वोटर ID को आधार से लिंक करना अनिवार्य होगा?

नहीं!
Supreme Court के 2015 के आदेश के अनुसार, आधार को किसी भी सरकारी योजना के लिए अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता

📢 ECI के अनुसार:
✔️ Voter ID Linking पूरी तरह स्वैच्छिक होगी।
✔️ कोई व्यक्ति यदि Aadhaar नहीं देना चाहता, तो उसे वैकल्पिक डॉक्यूमेंट देना होगा।

Voter ID-Aadhaar Linking: प्रक्रिया क्या है और अनिवार्यता को लेकर क्या हैं नियम?

Voter ID को Aadhaar से लिंक करने के लिए नए मतदाताओं को Form 6, जबकि पहले से रजिस्टर्ड वोटर्स को Form 6B भरना होगा।

🔹 Form 6 और 6B के दो विकल्प:
1️⃣ मतदाता अपना Aadhaar Number प्रदान कर सकते हैं
2️⃣ यदि आधार उपलब्ध नहीं है, तो वे वैकल्पिक डॉक्यूमेंट दे सकते हैं जैसे – PAN Card, Driving License, Passport या Bank Passbook

क्या Aadhaar Linking सभी वोटर्स के लिए जरूरी है?

नहीं।
Election Commission ने September 2023 में Supreme Court में स्पष्ट किया था कि आधार लिंकिंग अनिवार्य नहीं है

📊 अब तक 66.23 करोड़ मतदाताओं ने स्वेच्छा से अपना Aadhaar Number साझा किया है
📌 सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि Aadhaar नहीं देने वालों के नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाए जाएंगे।

हालांकि, Indian Express Report के अनुसार, अगर कोई वोटर Form 6B में आधार नहीं देता, तो उसे इसका Valid Reason बताना होगा।

📄 यह नया नियम जल्द ही Law Ministry के Gazette Notification के माध्यम से लागू हो सकता है, और Bihar Assembly Elections से पहले इसे लागू किए जाने की संभावना है।

Voter ID-Aadhaar Linking: जानिए क्या होंगे इसके चार बड़े फायदे

Voter ID को Aadhaar से लिंक करने पर मतदाताओं को कई लाभ मिल सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

Simplified Registration:
Aadhaar के माध्यम से Voter ID Registration या Update करना आसान होगा। बिना ज्यादा दस्तावेज़ी प्रक्रिया के पता बदलना या नया ID बनवाना संभव हो सकेगा।

Faster Verification at Poll Booths:
Identity Verification मतदान केंद्रों पर आसान और तेज हो जाएगा, जिससे लंबी कतारों में समय नहीं लगेगा।

Protection from Fake Voting:
Aadhaar से लिंकिंग से Duplicate और Bogus Voters की पहचान आसान होगी, जिससे फर्जी वोटिंग की आशंका कम हो जाएगी।

Centralized Information:
अगर Voter List में कोई गलती हो जैसे नाम, पता या जन्मतिथि, तो Aadhaar लिंकिंग से डिटेल्स को एक ही जगह सुधारना आसान होगा।

अगर आधार से वोटर ID लिंक नहीं किया तो क्या होगा?

कोई सीधा नुकसान नहीं।
Voter ID-Aadhaar Linking Mandatory नहीं है।

🗳️ Voting Right एक मौलिक अधिकार है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।
📢 पॉलिटिकल एनालिस्ट Vijay Trivedi के मुताबिक,

“Aadhaar नहीं देने पर किसी भी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से न तो हटाया जाएगा और न ही उसे शामिल करने से रोका जाएगा।”

Voter ID-Aadhaar Linking से कैसे घटेगी फर्जी वोटिंग?

Election Analyst Amitabh Tiwari का मानना है कि Voter ID को Aadhaar से लिंक करने से Fake Voting पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एक बार जब Aadhaar Number से Voter ID लिंक हो जाएगा, तो किसी व्यक्ति के पास Multiple Voter IDs नहीं रह पाएंगे।

📌 उदाहरण के तौर पर:
अगर आप किसी गांव में रहते हैं और आपके पास वहीं का Voter ID और Aadhaar Address है, तो आप वहीं वोट डाल सकते हैं। लेकिन जब आप शहर में शिफ्ट होते हैं और Aadhaar में Address Update करते हैं, तो नया Voter ID बन जाता है, जबकि पुराना ID सक्रिय रह सकता है।

➡️ इससे व्यक्ति के पास दो Voter IDs हो जाते हैं – एक गांव का और एक शहर का।

Amitabh Tiwari के अनुसार, Voter ID Aadhaar Link Process के बाद इस तरह की Duplicate Entry खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी। नया Voter ID बनते ही पुराना Auto-Cancel हो जाएगा।

क्या 2015 की तरह फिर रुक सकती है आधार-वोटर ID लिंकिंग?

✅ चुनाव आयोग ने 2015 में National Electoral Roll Purification and Authentication Programme (NERPAP) शुरू किया था, जिसमें 30 करोड़ Voter IDs को Aadhaar से लिंक किया गया था।

❌ लेकिन Supreme Court Bench (Justices J. Chelameswar, S.A. Bobde, and C. Nagappan) ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

📌 प्रमुख वजहें:
1️⃣ Right to Privacy Violation: Court ने कहा कि Aadhaar Data के साथ Voter Information जोड़ना Privacy Rights का उल्लंघन हो सकता है।

2️⃣ Data Errors: Andhra Pradesh और Telangana में 55 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जिससे वोटिंग अधिकार प्रभावित हुए।

3️⃣ Voluntary Use Clause: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Aadhaar का उपयोग स्वैच्छिक होना चाहिए, अनिवार्य नहीं।

🔍 2018 में Supreme Court की Constitutional Bench ने Aadhaar Act को कुछ शर्तों के साथ वैध माना और इसे Welfare Schemes जैसे PDS, LPG Subsidy तक सीमित करने की अनुमति दी।

➡️ इसलिए, भविष्य में भी Voter ID-Aadhaar Linking को लेकर संवैधानिक और वैधानिक चुनौतियां बनी रह सकती हैं।

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Voter ID-Aadhaar Linking के लिए सरकार ने फिर बढ़ाया कदम

Voter ID को Aadhaar से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, सरकार ने दिसंबर 2021 में Representation of the People Act और Registration of Electors Rules, 1960 में संशोधन किया। इन बदलावों का मकसद Voter ID-Aadhaar Linking को वैधानिक आधार देना था।

📌 Congress नेता Randeep Singh Surjewala ने 2022 में इन संशोधनों को Supreme Court में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी

📢 September 2023 में Election Commission ने कोर्ट को बताया कि Aadhaar देना अनिवार्य नहीं है और Form 6B में बदलाव की योजना पर काम चल रहा है।

👉 सरकार अब Form 6B Update के जरिए Voter ID और Aadhaar Linking को इस तरह लागू करना चाहती है कि कोर्ट में इसकी वैधता को चुनौती न दी जा सके।

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