CCMB Research: हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है, जो चिकित्सा जगत में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। रिसर्च में यह सामने आया है कि मरने की स्थिति में पहुंच चुकी कोशिकाएं खुद को पुनः सक्रिय कर सकती हैं और tissue repair तथा organ regeneration की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं।
यह अध्ययन डॉ. संतोष चौहान के नेतृत्व में हुआ और इसे EMBO Journal में प्रकाशित किया गया है। इतना ही नहीं, इसके लिए भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए भी आवेदन किया गया है।
प्रोग्राम्ड सेल रिवाइवल की प्रक्रिया
शोधकर्ताओं ने इस क्षमता को “Programmed Cell Revival” नाम दिया है। इसमें कोशिकाएं अपनी मृत्यु की ओर बढ़ने के बाद भी विकास की स्थिति में वापस जा सकती हैं और पुनः कार्य करने लगती हैं।
इस प्रक्रिया को कई मॉडल्स पर सफलतापूर्वक परखा गया—
चूहों की त्वचा पर घाव भरने में
मेंढक के टैडपोल में पूंछ की पुनः वृद्धि में
कीड़ों में तंत्रिका मरम्मत में
और फल मक्खियों में ब्लड स्टेम कोशिकाओं के निर्माण में
यह नतीजे साबित करते हैं कि कोशिकाएं खुद को दोबारा जीवित कर सकती हैं और नई ऊर्जा के साथ कार्य कर सकती हैं।
रिजेनरेटिव मेडिसिन में वरदान
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज Regenerative Medicine के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है। अब तक यह धारणा थी कि कोशिकाओं की मृत्यु होने पर उन्हें वापस जीवित नहीं किया जा सकता। लेकिन इस रिसर्च ने इसे गलत साबित किया है।
इस खोज से भविष्य में कई गंभीर बीमारियों जैसे चोट के बाद अंगों की मरम्मत, organ transplantation, और degenerative diseases के इलाज में नई राह मिल सकती है।
कैंसर रिसर्च में चुनौतियां
हालांकि, शोधकर्ताओं ने चेतावनी भी दी है। कई cancer treatments उन कोशिकाओं पर आधारित होती हैं, जिन्हें मृत समझ लिया जाता है। लेकिन यदि यही कोशिकाएं दोबारा जीवित होकर stem-cell like properties हासिल कर लें, तो कैंसर और भी आक्रामक हो सकता है। इससे tumor growth तेज हो सकती है और मौजूदा दवाओं की प्रभावशीलता कम हो सकती है।
इसलिए, इस खोज का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी होगा ताकि यह कैंसर उपचार को कमजोर न करे।
वैज्ञानिक सोच को देगा नया नजरिया
विशेषज्ञों का कहना है कि CCMB की यह खोज जीवन, मृत्यु और इलाज के मायनों को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है। यह न सिर्फ पुनर्योजी चिकित्सा में उम्मीद जगाती है, बल्कि medical science को एक नई दिशा देने का काम करेगी।
CCMB Research ने साबित किया है कि कोशिकाओं की मृत्यु अंतिम नहीं है। उनकी पुनर्जीवन क्षमता चिकित्सा क्षेत्र में tissue repair और organ regeneration की अपार संभावनाएं खोल सकती है। हालांकि, cancer research के संदर्भ में इस पर और गहन अध्ययन की जरूरत होगी। अगर इस प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से उपयोग में लाया गया, तो यह भविष्य की healthcare innovations का आधार बन सकती है।
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