गुजरात के मोरबी में 140 साल पुराना केबल ब्रिज टूटा, 400 लोग नदी में गिरे, 91 की मौत Read it later

Cable Bridge Collapses In Gujarat's Morbi
Photo | Twitter

Cable Bridge Collapses In Gujarat’s Morbi : गुजरात के अहमदाबाद स्थित मोरबी में रविवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां केबल ब्रिज टूटने से करीब 400 लोग नदी में गिर गए। इनमें से कई की मौत होने की खबर है। अभी तक 91 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। 

सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची है। नदी में बहे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान कुछ लोगों को डूबने से बचाया गया है। कईयों की तलाश जारी है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गहरा दुख जताया है।

PM @narendramodi spoke to Gujarat CM @Bhupendrapbjp and other officials regarding the mishap in Morbi. He has sought urgent mobilisation of teams for rescue ops. He has asked that the situation be closely and continuously monitored, and extend all possible help to those affected.

— PMO India (@PMOIndia) October 30, 2022

कई पर्यटक भी हादसे के शिकार

हादसे के समय पुल पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। वहीं कई लोग यहां पर्यटक थे जो इस पुल का अनुभव लेने पहुंचे थे। पुल के नदी में गिरते ही चहुओर चीख-पुकार मच गई। हादसा रविवार शाम करीब सात बजे हुआ। खबर मिलते ही स्थानीय लोग पहुंचे और लोगों को नदी से निकालने का प्रयास करने लगे। 

वहीं पुलिस और प्रशासन भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा हुआ है। नदी में उतरकर लोगों को निकाला जा रहा है। पुल गिरने से नदी में कितने लोग गिरे हैं इसकी सूचना को नहीं दी गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह संख्या सैकड़ों में हो सकती है।

There is no doubt now that #MorbiBridgeCollapse is a sabotage by #UrbanNaxals as a planned strategy. They have been destroying schools, hospitals, roads, rail tracks & bridges. You must know @ArvindKejriwal’s @AamAadmiParty gives protection to #UrbanNaxals pic.twitter.com/UHKCnRs9LA

— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) October 31, 2022


हादसे के वक्त पुल पर 400-500 लोग मौजूद थे

मोरबी में माछू नदी पर बने इस पुल पर रविवार शाम 400 से 500 लोग मौजूद थे। भारीभरकम भीड़ के कारण केबल पुल टूट कर नदी में गिर गया। हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई है। गुजरात सरकार ने हादसे की जांच की जिम्मेदारी एसआईटी को सौंपी है। 

पुलिस-प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा हुआ है। मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई है। वहीं, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की घोषणा की गई है।

Saddened by the terribly tragic news coming from #Morbi in #Gujarat, a renovated cable bridge reopened 5 days ago came crashing down killing 60 people and leaving several hundred people injured. My condolences and prayers to the families who have lost their dear ones. pic.twitter.com/jRahvZVDki

— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) October 30, 2022

ये वीडियो #Morbi ब्रिज में दुर्घटना से पहले का बताया जा रहा है। जहां कुछ युवकों का झुंड केबल को पैरों से मारकर अपनी जगह से खींचते कैमरे में कैद हुआ है।

– घटना में 60 लोगों की मौत। मृतकों में 25 से ज्यादा बच्चे। रेस्क्यू के लिए वायुसेना के गरुड़ कमांडो रवाना pic.twitter.com/UQpKhzI6nu

— Shubhankar Mishra (@shubhankrmishra) October 30, 2022

मोरबी गुजरात में बड़ा हादसा। पुल टूटने से कई लोग पानी में गिरे।#GUJARAT #morbi #bridge pic.twitter.com/JP0r6GZ09N

— अजीत तिवारी (@ajittiwari24) October 30, 2022

6 माह से बंद था पुल, दिवाली पर ही खुला था

यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था और इसके जीर्णोद्धार का काम चल रहा है. जिसके चलते इसे बंद कर दिया गया। लेकिन कुछ दिन पहले 25 अक्टूबर को दिवाली के मौके पर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। लेकिन पांच दिन बाद यह बड़ा हादसा हो गया।

जीर्णोद्धार के बाद भी अब इतने बड़े हादसे के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। ओरेवा समूह पुल के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।

मृतकों को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता दी गई

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मोरबी पुल दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस हादसे में घायलों को पीएमएनआरएफ की ओर से पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।

140 साल पुराना था पुल

 मोरबी का यह इकलौता पुल 140 साल पुराना है। इस सस्पेंशन ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है। ये पुल गुजरात के मोरबी  में ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए हिस्टोरिकल मॉन्यूमेंट है। इस पुल का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल की ओर से किया गया था। उस दौरान इसकी कीमत करीब साढ़े तीन लाख आई थी। ये 1880 में बनकर तैयार हुआ था। इसके लिए सामान भी इंग्लैंड से आयात किया जाता था।

यह पुल राजकोट से 64 किमी दूर स्थित

मोरबी का यह पुल गुजरात के राजकोट से 64 किमी की दूरी पर स्थित है। यह देखकर पर्यटक को विक्टोरियन लंदन भी याद आ जाता है। इस पुल का निर्माण मोरबी को एक अलग पहचान देने के उद्देश्य से किया गया था, जिसे यूरोप में उपलब्ध सर्वोत्तम तकनीक का उपयोग करके बनाया गया था। इसे मोरबी के पूर्व शासक सर वाघजी ने बनवाया था। वहीं पुल पर हुए हादसे से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कई लोग पुल पर कूदते-दौड़ते नजर आ रहे हैं।

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