Voter List Update News: चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 28 अक्टूबर से 103 दिन का Special Intensive Revision (SIR) शुरू होगा, जिसमें वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट किया जाएगा। नए वोटर्स को जोड़ा जाएगा, गलत नाम हटाए जाएंगे और रिकॉर्ड में सुधार होगा।
बिहार मॉडल की सफलता के बाद 12 राज्यों में लागू होगी SIR प्रक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि जब बिहार में सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया लागू की गई, तो कोई भी अपील नहीं आई। इसका मतलब है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और संतुलित तरीके से पूरी हुई। इसी अनुभव को आधार बनाकर अब देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
उनका कहना था कि “बिहार में 0 अपील यह साबित करता है कि जब सबकी भागीदारी होती है, तो प्रक्रिया निष्पक्ष होती है। अब उसी तर्ज पर अगला फेज शुरू होगा।”
कौन‑कौन से राज्यों में होगा SIR
इन 12 राज्यों‑UTs में यह प्रक्रिया चलेगी:
अंडमान निकोबार
छत्तीसगढ़
गोवा
गुजरात
केरल
लक्षद्वीप
मध्य प्रदेश
पुडुचेरी
राजस्थान
तमिलनाडु
उत्तर प्रदेश
पश्चिम बंगाल
चुनाव आयोग ने बताया कि रात से इन राज्यों में वोटर लिस्ट को फ्रीज कर दिया जाएगा।
SIR लागू राज्यों में कब होंगे विधानसभा चुनाव?
2026 में चुनाव होने वाले राज्य
पश्चिम बंगाल
केरल
तमिलनाडु
पुडुचेरी
2027 में चुनाव होने वाले राज्य
गोवा
गुजरात
उत्तर प्रदेश
2028 में चुनाव होने वाले राज्य
छत्तीसगढ़
मध्य प्रदेश
राजस्थान
नोट:
अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप में विधानसभा नहीं है, इसलिए वहां चुनाव नहीं होंगे।
SIR क्या है और क्यों जरूरी है
Special Intensive Revision (SIR) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वोटर लिस्ट को घर‑घर जाकर फिर से तैयार किया जाता है — नए 18 साल के युवाओं को जोड़ा जाता है, मृतकों और स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं, डुप्लिकेट प्रविष्टियों को ठीक किया जाता है।
इसमें voter eligibility, duplicate entries और migrant voters से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाती है।
SIR की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से 7 फरवरी तक चलेगी
प्रिंटिंग और BLO प्रशिक्षण
शुरुआत: 28 अक्टूबर 2025
समाप्ति: 3 नवंबर 2025
घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन
शुरुआत: 4 नवंबर 2025
समाप्ति: 4 दिसंबर 2025
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी
9 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
शुरुआत: 9 दिसंबर 2025
समाप्ति: 8 जनवरी 2026
दावों की सुनवाई और निपटान
9 दिसंबर 2025 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी।
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन
7 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी।
प्रक्रिया और डॉक्यूमेंट्स
इस 103‑दिन की प्रक्रिया के दौरान योगदान होंगे: करीब 51 करोड़ मतदाता, 5.33 लाख BLOs और 7 लाख BLA एजेंट्स।
वोटर्स को फॉर्म भरने होंगे और पहचान‑दावा वाले दस्तावेज पेश करने होंगे — जैसे आधार, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र।
SIR प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेजों की पूरी लिस्ट
Special Intensive Revision (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या अपडेट कराने के लिए मतदाताओं को अपनी पहचान और पते का प्रमाण देना होगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए कुछ दस्तावेजों को valid documents के रूप में मान्यता दी है। इन दस्तावेजों के आधार पर ही आपका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा या अपडेट किया जाएगा।
पहचान के लिए मान्य दस्तावेज
पेंशनर पहचान पत्र – सरकारी या निजी क्षेत्र से सेवानिवृत्त व्यक्तियों के लिए।
किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी आईडी कार्ड – सरकारी कर्मचारियों को जारी पहचान पत्र मान्य होगा।
जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) – जन्म तिथि की पुष्टि के लिए।
पासपोर्ट (Passport) – पहचान और नागरिकता का प्रमाण।
10वीं की मार्कशीट – इसमें दर्ज जन्मतिथि को वैध माना जाएगा।
पते और नागरिकता के लिए जरूरी दस्तावेज
स्थायी निवास प्रमाणपत्र (Domicile Certificate) – राज्य में निवास का प्रमाण।
वन अधिकार प्रमाणपत्र (Forest Rights Certificate) – जनजातीय क्षेत्र के नागरिकों के लिए।
जाति प्रमाणपत्र (Caste Certificate) – सामाजिक श्रेणी की पहचान के लिए।
राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम – जिन राज्यों में लागू है, वहां इसका उल्लेख जरूरी है।
परिवार रजिस्टर (Family Register) – परिवार की स्थिति और सदस्यता का प्रमाण।
जमीन या मकान आवंटन पत्र (Land or House Allotment Document) – पते की पुष्टि के लिए उपयोगी।
आधार कार्ड (Aadhaar Card) – पहचान और पता, दोनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज।
इन दस्तावेजों के साथ Form-6 भरकर BLO या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करना होगा। सभी कागजात की फोटो कॉपी के साथ मूल दस्तावेज दिखाना भी जरूरी है ताकि सत्यापन हो सके।
असम में क्यों नहीं होगा SIR इस फेज में
यह फेज असम (Assam) में शामिल नहीं है। चुनाव आयोग ने बताया कि असम में नागरिकता‑संंबंधित नियम अलग हैं, इसलिए वहाँ SIR अलग नियमों से चलेगा।
आम मतदाता को इस से क्या लाभ होंगे
नए वोटर्स का नाम जुड़ेंगे और गलत नाम हटेंगे, जिससे लोकतंत्र में transparency बढ़ेगी।
बेहतर सत्यापन से duplicate entries और fake voters कम होंगे।
चुनावों में सही व निष्पक्ष परिणाम सुनिश्चित होंगे।
पहले 2003 के बाद इतनी व्यापक समीक्षा नहीं हुई थी, इसलिए यह एक बड़ा बदलाव है।
F&Q
SIR क्या है?
SIR का मतलब है Special Intensive Revision, जिसमें वोटर लिस्ट का घर‑घर जाकर पुनरीक्षण किया जाता है।कब शुरू होगा?
28 अक्टूबर 2025 से शुरू होगा और 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।कितने राज्यों में होगा?
इस फेज में 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा।कौन‑कौन राज्य शामिल हैं?
उदाहरण के लिए गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि।मतदाता को क्या करना होगा?
फॉर्म भरना होगा, दस्तावेज जमा करने होंगे और अपने नाम‑विवरण की पुष्टि करनी होगी।कैसे गलत नाम सुधरेंगे?
मृतक, स्थानांतरित व डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे और नए नाम जोड़े जाएंगे।कौन इसका संचालन करेगा?
BLOs (Booth Level Officers) और BLA एजेंट्स द्वारा।क्या असम में शामिल है यह फेज?
नहीं, असम में इस फेज में शामिल नहीं है क्योंकि वहाँ नागरिकता‑नियम भिन्न हैं।इसका क्या लाभ?
वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता बढ़ेगी, लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी।क्या यह पहली बार हो रहा है?
पिछली व्यापक SIR 2003 में हुई थी; अब 2025‑26 में फिर हो रहा है।
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