Maharashtra Political crisis: एकनाथ शिंदे का यू-टर्न, कहा- सरकार के लिए किसी दल से बात नहीं, उधर महाराष्ट्र में उद्धव समर्थकों का हंगामा

Maharashtra Political crisis:
फोटोः सोशल मीडिया।

 

 Maharashtra Political crisis:महाराष्ट्र का गेम ऑफ थ्रोन्स अभी भी जारी है। कल से शिंदे (Eknath Shinde) दावा कर रहे हैं कि उन्होंने पार्टी के दो तिहाई विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया है। गुरुवार की रात उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल को पत्र लिखकर शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में अपनी नियुक्ति पर जोर दिया। शिंदे के पास अब शिवसेना के 37 सहित 47 विधायकों का समर्थन है, जबकि सीएम उद्धव ठाकरे के पास केवल 13-17 विधायकों का समर्थन है। इस बीच आज शुक्रवार को शिंदे ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि उनका किसी राष्ट्रीय दल से कोई संपर्क नहीं है।

एक बड़ी शक्ति से मेरा मतलब बाला साहेब ठाकरे  और नेता आनंद दिघे की शक्ति से था

महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक नोटंकी में एक पावरफुल नेशनल पार्टी की ओर से अपने विधायकों के समूह का समर्थन करने का दावा करने के एक दिन बाद, शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि कोई भी राष्ट्रीय दल उनके संपर्क में नहीं है। शिंदे ने कहा कि एक बड़ी शक्ति हमारा समर्थन कर रही है, तो मेरा मतलब बालासाहेब ठाकरे और दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दिघे की शक्ति थी।

Maharashtra Political crisis:
एकनाथ शिंदे। फोटोः ट्वीटर

शिंदे ने विधायकों से कही थी ये बात

शिंदे के सहयोगियों की ओर से गुरुवार शाम जारी एक वीडियो में वह बागी विधायकों को संबोधित करते हुए यही कहते हुए दिखे। इस वीडियो में शिंदे एक ‘नेशनल पार्टी’ का दावा कर रहे हैं। वीडियो में उन्होंने विधायकों से कहा कि ‘चाहे कुछ भी हो जाए, हम जीतेंगे। जैसा कि आपने कहा कि यह एक राष्ट्रीय पार्टी है, एक महाशक्ति है। 

#MaharashtraPolitics#MaharashtraCrisis

A total of 42 Maharashtra MLAs are present with Eknath Shinde at Radisson Blu Hotel in Guwahati, Assam. This includes 34 MLAs from Shiv Sena and 8 Independent MLAs: #ANI News#MaharashtraPoliticalTurmoil@mieknathshinde pic.twitter.com/sNWZj0Er8e

— R L Sarma (@rlsarmabpt) June 23, 2022

इस वीडियो में शिंदे ने आगे कहा, ‘उन्होंने मुझसे कहा है कि हमारे द्वारा लिया गया फैसला ऐतिहासिक है। आपके पास हमारी सारी ताकत है। यदि आपको कुछ चाहिए तो हम आपको निराश नहीं करेंगे। जब भी हमें किसी मदद की जरूरत होगी, उसे प्रमुखता से लिया जाएगा।

#WATCH | Assam: Shiv Sena’s Eknath Shinde returns to Radisson Blu Hotel in Guwahati after around 2.5 hours. He had reportedly visited Kamakhya Temple to offer prayers. pic.twitter.com/9yKMRNI3MT

— ANI (@ANI) June 24, 2022

इस वीडियो के सामने आने के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि इसके पीछे बीजेपी के अलावा और कौन सी इकाई हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा था कि बहुमत का फैसला प्लॉट टेस्ट के दौरान होगा।

शिवसेना मजबूत होने का दावा कर रही है। अब तक शिवसेना की ओर से डिप्टी स्पीकर को पत्र भेजकर 16 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग उठाई गई है। वहीं शिंदे खुद को विधायक दल का नेता बता रहे हैं।

कल हुई शिवसेना विधायकों की बैठक में पार्टी के 13 विधायक ही पहुंचे थे। जबकि महाराष्ट्र में उनके पास 55 विधायक हैं। ऐसे में अब ये साफ हो गया है कि बाकी 42 विधायक शिंदे गुट के हैं। इसमें से 38 विधायक शिंदे गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। यानी अब शिंदे गुट पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा।

उद्धव समर्थकों का शिंदे के खिलाफ कई जगह हंगामा

उधर महाराष्ट्र में सत्ता के लिए संघर्ष अब हिंसक रूप में तब्दील हो रहा है।  कुर्ला इलाके में शुक्रवार को शिवसेना विधायक मंगेश कुंडलकर के कार्यालय पर उद्धव समर्थकों ने हमला कर दिया। उन्होंने मेन गेट में तोड़फोड़ की। विधायक मंगेश कुंडलकर के पोस्टर और नेम प्लेट तोड़ दिए गए।

#WATCH Shiv Sena supporters throw black ink and eggs at a poster showing a picture of rebel MLA Eknath Shinde, also raise slogans against him, in Nashik pic.twitter.com/DUtKE2R2S5

— ANI (@ANI) June 24, 2022

अहमदनगर में भी बागी विधायकों के नेता एकनाथ शिंदे की तस्वीर पर कालिख पोती दी गई।  उद्धव समर्थकों ने शिंदे के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें देशद्रोही बताया।
 इसी तरह साकीनाका इलाके में बागी विधायक दिलीप लांडे के पोस्टर भी फाड़े गए। लांडे ने गुरुवार को ही गुवाहाटी पहुंचकर शिंदे को अपना समर्थन दिया था। बागी विधायकों के समर्थकों का आरोप है कि तोड़फोड़ करने वाले ये लोग उद्धव ठाकरे के लोग हैं। तोड़फोड़ की घटना के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

उद्धव बोले- मुख्यमंत्री का पद नहीं, केवल CM हाउस छोड़ा है

इधर, चौथे दिन महाराष्ट्र की सियासी जंग आर-पार की होती दिखाइ दे रही है। एफबी लाइव में नरम पड़े उद्धव शुक्रवार को तल्ख नजर आए। मातोश्री में एक बैठक के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ने कहा कि ये लोग ठाकरे का नाम लिए बिना नहीं रह सकते। कभी शिवसेना के लिए मरने की बात करते थे, अब पार्टी तोड़ने के हथकंडे अपना रहे हैं। मैंने सीएम हाउस छोड़ा है, मुख्यमंत्री का पद नहीं। वहीं गुवाहाटी से मुंबई के लिए रवाना हुए बागी नेता एकनाथ शिंदे शहर में 3 घंटे घूमने के बाद होटल लौट आए हैं।

शिवसेना का कैडर पर फोकस करने का दावा

महाराष्ट्र में शिवसेना के दो सहयोगी – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, या राकांपा, और कांग्रेस – ने कहा है कि वे ठाकरे के साथ हैं, वहीं शिवसेना नेताओं ने कहा है कि उनकी पार्टी पूरी तरह से कैडर पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि विधायक आते जाते रहेंगे, लेकिन कैडर ठाकरे के पास ही रहेगा।
शिवसेना सांसद और प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हम शिवसैनिक हैं और लड़ेंगे और जीतेंगे। वे (बागी विधायक) जो कर रहे हैं वह कानूनी और राजनीतिक रूप से संभव नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना के साथ ऐसा हो रहा है। यह पहले भी हुआ था लेकिन वो सब व्यर्थ रहा। वे इस बार भी यह सफल नहीं होंगे।

अब उद्धव की शिवसेना का ​बागी विधायकों को अयोग्य करार देने की तैयारी

सत्तारूढ़ गठबंधन को बचाने के आखिरी प्रयास में, शिवसेना ने बागी विधायकों की अयोग्यता के लिए दायर किया है। ठाकरे की अयोग्यता के लिए टीम अधिक बागी विधायकों को निशाना नहीं बनाएगी क्योंकि ऐसा करने से भाजपा को फायदा होगा। दरअसल, शिवसेना के अन्य बागी विधायकों पर वापस आने का दबाव होगा। कुछ लोगों के अयोग्य होने के बाद, अन्य विद्रोही निराश होकर वापस आ सकते हैं।

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