अनंत चतुर्दशी की पूजा विधि और मान्यता:ये पर्व 9 सितंबर को, इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा से दूर होती है परेशानियां

Worship Method And Belief Of Anant Chaturdashi
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Worship Method And Belief Of Anant Chaturdashi: अनंत चतुर्दशी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के दिन मनाई जाती है। यह दिन गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ-साथ भगवान विष्णु को समर्पित है। अग्नि पुराण की मान्यता के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा करने का विधान है। इस पूजा में भगवान विष्णु के संगम में अनंत सूत्र की भी पूजन की परंपरा है। आइए आपको बतातें कि इस दिन किस तरह पूजन का कार्य करना चाहिए। 

वाराणसी के ज्योषाचार्य पुरुषोत्तम मिश्र के अनुसार पूजन व व्रत संकल्प की विधि

  • इस दिन स्नानादि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लेवें।
  • यदि श्रद्धा हो तो मण्डप रूप में स्थान या पद आदि देकर भगवान के शेष स्वरूप की मूर्ति को सात हुडों के साथ स्थापित करें। उसके सामने 14 गांठों का एक अनंत दोरक समर्पित करें और नए आम के पल्लव और सुगंध, फूल, धूप, दीपक और नैवेद्य से पूजन कार्य करें।

  • पूजा में पंचामृत, पंजीरी, केला और मोदक आदि का प्रसाद चढ़ाकर इस मंत्र से भगवान को प्रणाम करें।
  • पूजा में रखे इस धागे को पुरुष दाहिने हाथ में और महिलाओं को बाएं हाथ में बांधना चाहिए।  पूजा के दौरान जब अनंत धागा बांधा जाए तो किसी ब्राह्मण को नैवेद्य से बना पकवान खिलाएं इसके बाद परिवार के  सदस्य स्वयं प्रसाद ग्रहण करें। 
  • पूजा में व्रत की कथा अवश्य रूप से सुनें। याद रखिए कि नियमों का पालन करते हुए इस पूजन का पुण्य फल जातकाें का प्राप्त होता है। 

मंत्र:

नमस्कार देव देवेश नमस्कार धरणीधर।

नमस्कार सर्वनागेंद्र नमस्ते पुरुषोत्तम।

इस मंत्र का जाप करते हुए तुलसी, कमल और वैजयंती के पुष्प अर्पित कर भगवान विष्णु को प्रणाम करें। फिर गरुड़ घंटी बजाएं‚ मान्यता है कि इससे पूजा का पूर्ण फल मिलता है। वहीं सभी तरह के पापों और दोषों का नाश हो जाता है।

Worship Method And Belief Of Anant Chaturdashi
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पूजन कार्य के बाद विसर्जन के इस मंत्र का उच्चारण करें 

मिनातीरिकत परिस्फुटानी यानी करमणी माया कृतानी।

सरवणी चैतानी मम क्षमस्व प्रयाः तुष्ट: पुनर्गमा।

अर्थ: हे प्रभु, मेरे पास जो कुछ भी था, मैंने तुम्हें याद किया, मेरी पूजा में किसी भी गलती के लिए मुझे माफ कर दो। तुम मेरी पूजा से प्रसन्न होकर लौट आओ।

मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत रखने, भगवान विष्णु की पूजा करने और अनंत धागे बांधने से कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। शास्त्रों के अनुसार अनंत चतुर्दशी का व्रत करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

Disclaimer: खबर में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। थम्सअप भारत किसी भी तरह की मान्यता की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी धार्मिक कर्मकांड को करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

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