WFI अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न का आरोप‚ पहलवान बोले- हमें परेशान किया जा रहा Read it later

भारतीय पहलवान विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने बुधवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसके बाद खेल मंत्रालय ने कुश्ती महासंघ से 72 घंटे में जवाब मांगा है। मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा है कि यदि जवाब नहीं दिया तो कुश्ती संघ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने लखनऊ में महिला कुश्ती शिविर को भी अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया है।

 

खिलाड़ियों ने क्या आरोप लगाए, जानिए पूरा मामला

विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने बताया कि राष्ट्रीय शिविरों में महिला पहलवानों को कोच व महासंघ के  अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने यौन उत्पीड़न करते हैं। राष्ट्रीय शिविरों में तैनात कुछ कोच वर्षों से महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं। कई महिला पहलवानों ने भी इसकी शिकायत की थी।

बजरंग पुनिया ने बताया कि हमारा विरोध WFI और पहलवानों के हितों को ध्यान में रखे बिना काम करने के तरीके के खिलाफ है। इसका राजनीति से कोई लेना-देना  ही नहीं है। अध्यक्ष को इस्तीफा दे देना चाहिए। हम सीधे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से ही बात करेंगे।

WFI अध्यक्ष ने दी सफाई‚ कहा- आरोप सही हुए तो फांसी पर झूल जऊंगा

इधर, WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- विनेश फोगाट के आरोप बेबुनियाद हैं। उनके पास आरोपों का कोई सबूत ही नहीं है। यदि कोई पीड़ित है तो सबूत के साथ मेरे सामने आएं। यदि आरोप सही हुए तो मुझे फांसी पर लटका दिया जाए।

महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मलीवाल ने धरने पर बैठी खिलाड़ियों से मुलाकात की और खेल मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को नोटिस दिया है। WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मालीवाल ने कहा कि ये बड़े शर्म की बात है कि हमारे देश के लिए मेडल लाने वाली शेरनियां सड़क पर धरने पर बैठी  हुई हैं।

विनेश का आरोप- मुझे जान से मारने की धमकी दी

विनेश ने कहा- टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने मुझे ‘खोटा सिक्का’ कहा था…। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया…। मैं हर दिन अपनी जिंदगी खत्म करने के बारे में सोचती थी…। अगर किसी पहलवान को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी WFI अध्यक्ष की ही होगी…।

विनेश यहीं नहीं रुकीं …. विनेश ने कहा कि कोच महिलाओं को परेशान कर रहे हैं। हमारी स्थिति यह है कि बिना अनुमति के पानी भी पिया जाए तो फेडरेशन नाराज हो जाता है। हमें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। अगर हमें कुछ होता है तो उसके लिए अध्यक्ष ही जिम्मेदार होंगे। हम अपना कॅरियर दांव पर लगाकर यहां धरने पर बैठे हैं।

हमारे निजी जीवन को प्रभावित किया जा रहा

WFI भी हमार पर्सनल लाइफ में दखल देते हैं और हमें परेशान करते हैं। वे हमारा शोषण कर रहे हैं। जब हम ओलंपिक में गए थे तो हमारे पास कोई फिजियो या कोच नहीं था। दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने कहा- जब से हमने आवाज उठाई है तब से हमें धमकाया जा रहा है। विनेश ने कहा कि फेडरेशन खिलाड़ियों पर जबरदस्ती प्रतिबंध लगाता है ताकि खिलाड़ी खेल न सकें।

 

मैं 10 साल से बात करने की कोशिश कर रही

विनेश फोगाट ने इंडियन एक्सप्रेस से को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैं करीब 10 साल से फेडरेशन से बात करने और हमारे मुद्दों को समझाने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।

WFI के लोग जो खेल के बारे में कुछ नहीं जानते

ओलंपियन बजरंग पुनिया ने कहा- हम चाहते हैं कि महासंघ में बदलाव हो। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) पहलवानों को परेशान कर रहा है। जो लोग डब्ल्यूएफआई का हिस्सा हैं, वे इस खेल के बारे में कुछ नहीं जानते। पहलवानों ने लंबे समय तक चुपचाप झेला है, लेकिन अब हमने तय कर लिया है कि हम राष्ट्रपति के एकतरफा फैसलों को अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।

भारत के सभी शीर्ष पहलवानों ने फैसला किया है कि वे तब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेंगे जब तक कि हमारी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं और डब्ल्यूएफआई द्वारा हमारे साथ बेहतर व्यवहार नहीं किया जाता है। हम प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय से मदद की अपील कर रहे हैं।

 

जब मेडल जीतते हैं तो पूरा देश खुश होता है‚ लेकन उसके बाद कोई नहीं पूछता

ये सभी खिलाड़ी नेशनल फेडरेशन के मनमाने रवैये से नाराज है और इसलिए विरोध कर रहे हैं। पहलवानों का कहना है कि महासंघ उन्हें सपोर्ट करने के बजाय नीचा दिखाने की कोशिश करने में जुटा है। खिलाड़ियों ने कहा कि देश के लिए मेडल जीतने के बावजूद हमें वो सम्मान नहीं मिल रहा है जिसके हम सभी हकदार हैं। पहलवानों का कहना है कि जब हम देश के लिए मेडल जीतते हैं तो भारतवासी तालियां बजाते हैं, लेकिन उसके बाद हमारे साथ क्या होता है यह कोई नहीं जानता।

पूरा मामला कहां से शुरू हुआ

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेडरेशन ने विशाखापत्तनम में सीनियर रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए नए रैफरियों को आमंत्रित किया गया था। नए रेफरी को नियमों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने गलत फैसले दे दिए। इससे खिलाड़ियों में काफी असंतोष बढ़ने लगा। वहीं इस दौरान झगड़े भी हुए।

जब बजरंग पुनिया के निजी कोच सुजीत मान ने एक मैच के फैसले पर सवाल उठाया तो महासंघ ने उन्हें निलंबित कर दिया। यही वजह है कि सोनीपत के सीनियर खेमे में सुजीत मान का नाम तक नहीं था। फेडरेशन की ऐसी ही मनमर्जी के कारण धरने का आयोजन किया जा रहा है।

अध्यक्ष को लिखे पत्र से विरोध के बारे में जानकारी मिली: WFI के सहायक सचिव

डब्ल्यूएफआई के खिलाफ पहलवानों के विरोध पर WFI के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा- मुझे नहीं पता कि प्लेयर्स का विरोध किस बारे में है। सभी पहलवानों ने WFI अध्यक्ष को पत्र लिखा, जिससे मुझे विरोध के बारे में जानकारी मिली।  मैं यहां उनकी समस्या पूछने आया हूं।

 

विरोध का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है: पहलवान बजरंग पुनिया

बजरंग पुनिया का कहना है कि हमारा विरोध फेडरेशन के खिलाफ है। हम उनके काम करने सिस्टम के खिलाफ हैं। इसमें कतई कोई राजनीति नहीं है। हमने यहां किसी नेता को निमंत्रण नहीं दिया है। यह सिर्फ पहलवानों का प्रदर्शन ही है। बता दें कि जंतर-मंतर पर करीब 12 पहलवान हाथों में तिरंगा लिए बैठे हैं। इस मामले को लेकर अब देशभर के खिलाड़ियों में नाराजगी बढ़ रही है।

विरोध खत्म होने तक कोई भी खिलाड़ी टूर्नामेंट नहीं खेलेगा

बजरंग पुनिया ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता भारत के सभी शीर्ष पहलवान कोई भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे। फेडरेशन हम पहलवानों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा है। सभी पहलवान पीएम ऑफिस और गृह मंत्री से हमारी मदद करने की गुहार लगा रहे हैं।

छक्का लगा। हालांकि चौथी गेंद खाली गई। पांचवीं गेंद पर सिंगल लिया, जहां दूसरे रन पर वह रन आउट हो गए। आखिरी गेंद पर सिर्फ एक रन आया।

इधर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने भी खिलाड़ियों का सपोर्ट कर जांच की मांग की है। राकेश टिकैत ने ट्वीट कर लिखा, “पूरे विश्व में देश का सिर गर्व से ऊंचा करने वाले पहलवानों को धरने पर बैठना पड़ रहा हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ के अधिकारियों पर लगे आरोप बहुत गंभीर है। भारत सरकार मामले का संज्ञान ले और गांव की मिट्टी से जुड़े खेल और खिलाड़ियों को न्याय दिलाने का काम करे।”

 

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