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10 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स वालों को गहलोत सरकार देगी हर महीने 5 लाख

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Social Media Influencers: राजस्थान प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर अपने लोक कल्याणकारी कार्यों का प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स की मदद लेने के लिए तगड़ा ब्‍लू प्रिंट भी तैयार कर लिया है।

 

राजस्थान में इसी साल चुनाव होने वाले हैं, इसी बीच सियासी संग्राम की तैयारी भी जोर- शोर से शुरू हो गई है। एक तरफ विपक्ष में मौजूद बीजेपी 5 साल के वनवास के बाद सत्ता में वापसी के लिए जाजम तैयार करने में जुट गई है, तो वहीं कांग्रेस की गहलोत सरकार सत्‍ता पर अपनी जड़े मजबूत रखने के लिए हर तरह के दांव आजमा रही है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में कांग्रेस की गहलोत सरकार ने चुनाव से पहले अपनी लोक कल्याणकारी कार्यों को सोशल मीडिया पर प्रदेश की जनता पहुंचाने के लिए प्रचार के रूप में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स (Social Media Influencers) की मदद लेने का ब्‍लू प्रिंट तैयार कर लिया है।

26 जून को अधिसूचना जारी की

दरअसल 26 जून को एक अधिसूचना जारी कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अलावा, अब सरकार के लोक कल्‍याणकारी काम का विज्ञापन करने के लिए सोशल मीडिया में मौजूद प्रभावशाली लोगों यानी इन्‍फ्लुएंसर्स (Social Media Influencers) को काम पर रखा जाएगा।

फेसबुक , ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के इन्‍फ्लुएंसर्स का विज्ञापन के लिए इस्‍तेमाल

अधिसूचना पर गौर करें तो प्रभावशाली लोगों (Social Media Influencers) को उनके फॉलोअर्स की संख्या और उनकी ओर से पोस्ट की गई कंटेंट सामग्री सहित विभिन्न मापदंडों के आधार पर प्रति माह अधिकतम 5 लाख तक का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक तेजी से पहुंचाने के लिए कांग्रेस राज्य में व राज्‍य से बाहर से संचालित होने वाले फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया साइटों पर विज्ञापन पोस्‍ट कराएगी वहीं इन्‍फ्लुएंसर्स की ओर से अपने वीडियो में कांग्रेस के कार्यों का जिक्र करने वालों को नियमानुसार भुगतान करेगी।

अधिसूचना बताया गया है कि उपयोग और जरूरत के अनुसार, एड अकाउंट ओनर्स , ऑपरेट करने वाले या सोशल मीडिया के इन्‍फ्लुएंसर्स  (Social Media Influencers)को डिस्‍ट्रीब्‍यूट किए जाएंगे। गहलोत सरकार ने फॉलोअर्स की संख्या और उनकी पोस्टिंग की फ्रीक्वेंसी को बेस मानकर चार तरह के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स की नोटीफाई किया है।

 

10 लाख फॉलोअर्स वाले ए कैटेगिरी में

कम से कम 10 लाख फॉलोअर्स  वाले प्रभावशाली लोग (Social Media Influencers) ‘ए’ श्रेणी में आएंगे, 5 लाख फॉलोअर्स वाले लोग ‘बी’ ग्रुप में और 1 लाख फॉलोअर्स वाले लोग ‘सी’ श्रेणी में आएंगे। वहीं, कम से कम 10,000 फॉलोअर्स वाले लोगों को ‘डी’ कैटेगरी में रखा जाएगा।

 

इन्फ्लुएंसर्स के कंटेंट से तय होंगे मापदंड

ऑफिशियल नोटिफिकेशन में फॉलोअर्स की क्‍वांटिटी के अलावा एक स्‍टैंडर्ड को भी शामिल किया गया है। इसके मुताबिक, पिछले छह महीनों में हर महीने इन्फ्लुएंसर्स (Social Media Influencers) की ओर से शेयर किए गए वीडियो और अन्य पोस्ट की संख्या पर भी नजर रखी जाएगी। श्रेणी ‘ए’ के लिए स्‍टैंडर्ड प्रति माह 150 पोस्ट या 100 वीडियो निर्धारित किया गया है। जबकि श्रेणी ‘बी’ के लिए यह मीनिमम 60 वीडियो या 100 पोस्ट प्रति माह रखी गई है।

 

Social Media Influencers

कैटेगिर के अनुसार होगा इन्‍फ्लुलुएंसर्स को भुगतान

सरकार के मुताबिक, ‘ए’ श्रेणी के यूजर्स को प्रति माह 5 लाख रुपए तक का भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। जबकि बी, सी और डी श्रेणी के यूजर्स को राज्य योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए क्रमश: 2 लाख रुपये, 50,000 रुपये और 10,000 रुपये तक की इनकम का मौका मिलेगा। सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, राजस्थानी की कला, संस्कृति और विकास से जुड़ा कंटेंट सामग्री साझा करने वाले अकाउंट होल्‍डर्स या यूजर्स  (Social Media Influencers) को प्रायोरिटी दी जाएगी।

 

फॉलोअर्स या सब्‍सक्राइबर्स की चार कैटेगिरी तय

  • मिनिमम 10 लाख पर मैक्सिमम पांच लाख का विज्ञापन हर माह
  • 5 लाख पर दो लाख रुपए का विज्ञापन
  • 1 लाख पर 50 हजार का विज्ञापन
  • 10 हजार पर 10 हजार का विज्ञापन

फेसबुक और इंस्‍टाग्राम रील बनाने के कितने पैसे?

  • श्रेणी ए- एक रील या पोस्‍ट के 10000
  • श्रेणी बी- एक रील या पोस्‍ट के 5000
  • श्रेणी सी- एक रील या पोस्‍ट के 3000
  • श्रेणी डी- एक रील या पोस्‍ट के 1000
    (रील मिनिमम 10 सेकंड और पोस्‍ट तीन फोटो या तीन वीडियो के साथ)

ट्विटर पर कितने पैसे मिलेंगे?

  • श्रेणी ए- 10 हजार रुपए
  • श्रेणी बी – 5 हजार रुपए
  • श्रेणी सी – 3 हजार रुपए
  • श्रेणी डी – 1 हजार रुपए
    (अधिसूचना के अनुसार ऊपर दी गई राशि एक ट्वीट या वीडियो के लिए है )

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सांवरिया सेठ सिंह

थम्सअप भारत न्यूज पोर्टल शासन, सामाजिक, विकासात्मक और जनता की मूलभूत समस्याओं और उनकी चिंताओं के मुद्दों पर चौबीसों घंटे निष्पक्ष और विस्तृत समाचार कवरेज प्रदान करता है।

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