US Visa Ban: 41 देशों की लिस्ट तैयार, जानें रेड, ऑरेंज और यलो लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल Read it later

US Visa Ban 41 Countries: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump 41 देशों के नागरिकों के लिए US Visa Ban लगाने पर विचार कर रहे हैं। यह जानकारी News Agency Reuters की एक रिपोर्ट में सामने आई है। इस संभावित लिस्ट में भारत के पड़ोसी देश Bhutan, Pakistan, Afghanistan और Myanmar भी शामिल हैं।

अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि यह लिस्ट अभी Finalized नहीं हुई है क्योंकि इसे US Secretary of State Marco Rubio से मंजूरी मिलनी बाकी है।

Table of Contents

तीन कैटेगरी में बांटी गई वीजा बैन लिस्ट (US Visa Ban)

US Immigration Policy के तहत इन 41 देशों पर एक समान प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन ने इन्हें तीन कैटेगरी में विभाजित किया है:

1️⃣ Red List: इन देशों के नागरिकों की अमेरिका में पूर्ण एंट्री बैन कर दी जाएगी।
2️⃣ Orange List: इन देशों के नागरिकों को आंशिक रूप से वीजा प्रतिबंध झेलना होगा। वीजा के लिए उन्हें अनिवार्य रूप से Personal Interview देना होगा।
3️⃣ Yellow List: इन देशों को अमेरिका द्वारा बताए गए मुद्दों को ठीक करने के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। अगर वे इसमें असफल रहते हैं, तो उन्हें Orange या Red List में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

अमेरिका में पाकिस्तानी मूल के 6 लाख नागरिक बसे

अमेरिका में पाकिस्तानी मूल के लोगों की कुल संख्या 6 लाख के करीब है। विभिन्न शहरों में उनकी आबादी इस प्रकार है:

  • न्यूयॉर्क – 98,000
  • ह्यूस्टन – 38,000
  • वॉशिंगटन – 38,000
  • शिकागो – 37,000
  • डलास – 25,000

📊 स्रोत: प्यू रिसर्च सेंटर

नीचे दिए गए 41 देशों पर US वीजा बैन का खतरा

🔴 पूरी तरह से वीजा बैन वाले देश

इन देशों के नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा:

  • अफगानिस्तान
  • ईरान
  • उत्तर कोरिया
  • सूडान
  • वेनेजुएला
  • क्यूबा
  • लीबिया
  • सोमालिया
  • सीरिया
  • यमन
🟠 आंशिक वीजा बैन (टूरिस्ट, स्टूडेंट और कुछ अन्य वीजा प्रभावित होंगे)
  • इरिट्रिया
  • लाओस
  • दक्षिण सूडान
  • हैती
  • म्यांमार
🟡 अमेरिका की तरफ से बताए गए मुद्दों पर कार्रवाई नहीं करने पर आंशिक वीजा बैन (US Visa Ban) का खतरा
  • अंगोला
  • बेलारूस
  • भूटान
  • केप वर्डे
  • कैमरून
  • कांगो
  • इक्वेटोरियल गिनी
  • लाइबेरिया
  • मॉरिटानिया
  • कांगो गणराज्य
  • सेंट लूसिया
  • सिएरा लियोन
  • तुर्कमेनिस्तान
  • एंटीगुआ और बारबुडा
  • बेनिन
  • बुर्किना फासो
  • कंबोडिया
  • चाड
  • डोमिनिका
  • गाम्बिया
  • मलावी
  • पाकिस्तान
  • सेंट किट्स और नेविस
  • साओ टोम और प्रिंसिपे
  • ईस्ट तिमोर
  • वानुअतु

📌 नोट: यदि ये देश अमेरिका की मांगों के अनुसार कार्रवाई नहीं करते हैं, तो इन्हें रेड या ऑरेंज लिस्ट में डाल दिया जाएगा।

Red List में शामिल होने का मतलब क्या है?

👉 Red List Countries के नागरिकों के लिए Complete US Visa Ban होगा, यानी वे किसी भी वीजा श्रेणी में अमेरिका में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

👉 Orange List Countries के नागरिकों को वीजा मिलने में कड़ी शर्तों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें Mandatory Personal Interview जैसी प्रक्रिया शामिल होगी।

👉 Yellow List Countries को 60 Days Notice मिलेगा कि वे अमेरिका द्वारा बताए गए मुद्दों को ठीक करें। अगर वे विफल रहते हैं, तो उन्हें Higher Restriction List में डाल दिया जाएगा।

ट्रंप कैबिनेट को 21 मार्च तक देनी होगी वीजा बैन देशों की लिस्ट

Donald Trump Administration ने अपनी Immigration Policy को सख्त बनाते हुए 21 मार्च तक उन देशों की सूची सौंपने का निर्देश दिया है, जहां के नागरिकों के लिए US Visa Ban लगाया जा सकता है।

Trump Executive Order के अनुसार, सभी Cabinet Members को उन देशों की पहचान करनी होगी, जिनसे आने वाले अप्रवासियों पर Partial या Complete Travel Ban लगाया जा सकता है।

Trump Immigration Policy का मकसद अमेरिका को उन अवैध प्रवासियों से बचाना है जो Terrorist Activities, National Security Threats और Hate Ideology Support के इरादे से अमेरिकी Immigration Laws का दुरुपयोग कर सकते हैं।

पहले कार्यकाल में ट्रंप ने 7 मुस्लिम देशों पर लगाया था वीजा बैन

Donald Trump Travel Ban के तहत अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने Syria, Sudan, Somalia, Iran, Iraq, Libya और Yemen जैसे 7 Muslim Countries पर वीजा प्रतिबंध लगाया था। इस फैसले को US Supreme Court ने बरकरार रखा, लेकिन इससे कई Islamic Nations में नाराजगी देखी गई।

Human Rights Organizations ने इसे Harsh Decision करार दिया, जबकि कई देशों ने इसे भेदभावपूर्ण नीति बताया।

बाद में Joe Biden Administration ने राष्ट्रपति बनने के बाद इस Trump Executive Order को Revoke कर दिया और इसे “Nation’s Political Conscience पर एक दाग” बताया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान – ग्रीन कार्ड होल्डर्स को हमेशा के लिए रहने का हक नहीं
US Visa Ban 41 Countries
यूएस के उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस (AP)

US Vice President JD Vance ने कहा था कि Green Card Holders को हमेशा के लिए अमेरिका में रहने का अधिकार नहीं मिलता। उन्होंने स्पष्ट किया था कि Permanent Residency का मतलब Lifetime Stay in the US नहीं है और सरकार के पास उन्हें Deport करने का अधिकार है। यह बयान उन्होंने एक TV Interview में दिया था।

Green Card, जिसे कानूनी रूप से Permanent Resident Card कहा जाता है, अमेरिकी कानून के तहत धारक को Legal Stay and Work Authorization देता है, लेकिन यह Immigration Laws Violation की स्थिति में रद्द भी किया जा सकता है।

USA Facts के अनुसार, 2013 से 2022 के बीच 716,000 Indian Citizens को US Green Card मिला था।

ग्रीन कार्ड के इंतजार में 12 लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासी

US Green Card Waiting List में भारतीयों की संख्या 12 लाख से अधिक है, जिससे वे Mexican Immigrants के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं। 2022 में 1.27 लाख Indian Citizens को Permanent Residency Card मिला था।

New York Post Report के मुताबिक, JD Vance के Statement के बाद Green Card Holders में यह चिंता बढ़ सकती है कि वे अचानक Deportation का सामना कर सकते हैं। कई सालों से अमेरिका में बसे और Legal Immigration Process का पालन करने वाले प्रवासियों के बीच यह डर है कि Political Decisions उनके US Permanent Residency Status को प्रभावित कर सकते हैं।

ग्रीन कार्ड के प्रमुख फायदे क्‍या हैं?

✔️ अमेरिका में स्थायी निवास – ग्रीन कार्ड होल्डर अनिश्चितकाल तक अमेरिका में रह सकते हैं।
✔️ आजीविका के अवसर – वे किसी भी कंपनी या व्यक्ति के लिए कानूनी रूप से कार्य कर सकते हैं।
✔️ नागरिकता के लिए पात्रता – ग्रीन कार्ड होल्डर 3-5 वर्षों के भीतर US Citizenship के लिए आवेदन कर सकते हैं।
✔️ सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर – वे Social Security और Medicare Benefits का लाभ उठा सकते हैं।
✔️ अमेरिका में प्रवेश की स्वतंत्रता – अमेरिका में Entry और Re-Entry की अनुमति (लंबे समय तक गायब न रहें)।
✔️ परिवार के लिए वीजा आवेदन – करीबी रिश्तेदारों के लिए Green Card Sponsorship कर सकते हैं।
✔️ राज्य सरकार की सुविधाएं – शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सहायता के लिए पात्र हो सकते हैं।

US ग्रीन कार्ड और नागरिकता (Citizenship) में प्रमुख अंतर

अंतर ग्रीन कार्ड सिटिजनशिप
अमेरिका में स्थायी निवास ✅ हां ✅ हां
कानूनी रूप से काम करने का अधिकार ✅ हां ✅ हां
वोट डालने की अनुमति ❌ नहीं ✅ हां
अमेरिकी पासपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं ❌ नहीं ✅ हां
निर्वासन (Deportation) का खतरा ✅ हां ❌ नहीं

ग्रीन कार्ड धारकों को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने का अधिकार मिलता है, लेकिन उन्हें नागरिकता जैसी सभी सुविधाएं नहीं मिलतीं, जैसे Voting Rights और US Passport

2022 में US ग्रीन कार्ड पाने वाले टॉप 5 देशों के नागरिक

🔹 Mexico1.38 लाख
🔹 India1.27 लाख
🔹 China68 हजार
🔹 Dominican Republic40 हजार
🔹 Cuba36 हजार

📊 सूत्र: अमेरिकी इमिग्रेशन डेटा

ट्रंप ‘गोल्ड कार्ड सिटिजनशिप’ को दे रहे बढ़ावा, 5 मिलियन डॉलर में अमेरिकी नागरिकता का ऑफर

US President Donald Trump इन दिनों Trump Gold Card Visa Program को प्रमोट कर रहे हैं, जिससे विदेशी नागरिक 5 मिलियन डॉलर (लगभग 44 करोड़ रुपये) देकर US Citizenship हासिल कर सकते हैं। ट्रंप ने इसे “अमेरिकी नागरिकता का नया रास्ता” बताया है।

उन्होंने Trump Gold Card को EB-5 Visa Program का विकल्प बताते हुए कहा कि भविष्य में 10 लाख गोल्ड कार्ड बेचे जाएंगे। फिलहाल, EB-5 Visa के जरिए 1 मिलियन डॉलर (करीब 8.75 करोड़ रुपये) का निवेश कर नागरिकता पाई जा सकती है।

Trump Immigration Policy के तहत यह Investment-Based Citizenship योजना अमेरिका के लिए Revenue Generation का एक नया तरीका हो सकती है। ट्रंप ने दावा किया कि इससे National Debt Payment में तेजी आएगी और अमेरिका को High-Tax Paying Residents मिलेंगे।

ट्रंप बदलेंगे 35 साल पुरानी इमिग्रेशन व्यवस्था, EB-5 बना पहला विकल्प

US Permanent Residency के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है, जिसे पाने के लिए EB-1, EB-2, EB-3, EB-4 और EB-5 Visa Programs मौजूद हैं। लेकिन EB-5 Visa Program को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

EB-5 Visa, जिसे Investment-Based Green Card भी कहा जाता है, 1990 से लागू है। इसकी खासियत यह है कि आवेदक किसी US Employer से बंधा नहीं होता और अमेरिका में कहीं भी रहकर नौकरी या पढ़ाई कर सकता है। इसे पाने में 4 से 6 महीने का समय लगता है।

EB-5 Visa Process के तहत व्यक्ति को 1 Million Dollars (करीब 8.75 करोड़ रुपये) किसी ऐसे बिजनेस में लगाना होता है, जो कम से कम 10 Jobs पैदा करे। यह वीजा निवेशक, उसके Spouse और 21 साल से कम उम्र के बच्चों को US Permanent Residency देता है।

भारतीयों पर असर: ट्रंप वीजा प्रोग्राम से बढ़ सकती हैं चुनौतियां

रिपोर्ट्स के अनुसार, जो भारतीय US Citizenship के लिए EB-5 Visa Program पर निर्भर थे, उनके लिए Trump Visa Program काफी महंगा साबित हो सकता है। अगर EB-5 Program को खत्म किया जाता है, तो लंबे समय से Green Card Backlog में फंसे Skilled Indian Professionals को भारी नुकसान होगा।

Employment-Based Green Card Applicants के लिए पहले से ही Decades-Long Waiting Period है। अब Trump Gold Card की शुरुआत से US Immigration System उन भारतीयों के लिए और भी मुश्किल हो सकता है जो नागरिकता पाने के लिए High Investment नहीं कर सकते।

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