Prayagraj Magh Mela Fire: दूसरे दिन फिर लगी आग, 10 से ज्यादा टेंट जले, कल्पवासियों में मची अफरातफरी Read it later

Prayagraj Magh Mela Fire की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रयागराज माघ मेले में लगातार दूसरे दिन भीषण आग लग गई। तेज हवा के चलते आग ने कई शिविरों को चपेट में ले लिया, जिससे 10 से ज्यादा टेंट जल गए और कल्पवासियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

माघ मेले में दूसरे दिन फिर भड़की आग

प्रयागराज माघ मेले में बुधवार शाम को एक बार फिर आग लगने से हड़कंप मच गया। यह आग ब्रह्माश्रम शिविर में अचानक भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि दो बड़े शिविर उसकी चपेट में आ गए।

तेज हवा के कारण आग की लपटें दूर-दूर तक फैलती चली गईं। कुछ ही मिनटों में 10 से अधिक टेंट जलकर खाक हो गए। शिविर में रह रहे कल्पवासियों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।

सेक्टर-4 के लोअर मार्ग पर हुआ हादसा

यह अग्निकांड ब्रह्माश्रम शिविर, सेक्टर-4 के लोअर मार्ग पर हुआ। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि उससे उठता धुआं करीब 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को तत्काल सील कर दिया, ताकि आग आसपास के शिविरों तक न फैल सके।

दमकल और एम्बुलेंस की बड़ी तैनाती

आग लगते ही सबसे पहले मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और संतों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद—

  • 10 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

  • 10 एम्बुलेंस तैनात की गईं

  • 30 दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला

दमकल टीमों ने लगातार पानी की बौछार डालकर आग पर काबू पाया। इस दौरान कल्पवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।

कल्पवासियों का सामान जलकर राख

आग की चपेट में आए टेंटों में रह रहे कल्पवासियों का सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। कपड़े, बिस्तर, राशन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं राख में बदल गईं।

हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अग्निशमन अधिकारी का बयान: दीये से लगी आग

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया—

शिविर में रखे दीये की वजह से आग भड़की थी। फूस और कपड़े से बने टेंटों में आग लगते ही यह तेजी से आसपास फैल गई। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

मंगलवार को भी लगी थी भीषण आग

इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार शाम को भी माघ मेले में आग लग चुकी थी। यह आग नारायण शुक्ला धाम शिविर, सेक्टर-5 में लगी थी।

उस घटना में—

  • 15 टेंट पूरी तरह जल गए

  • 20 दुकानें आग की चपेट में आ गईं

  • एक कल्पवासी झुलस गया था

दमकल की 5 गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। उस समय आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई थी।

नारायण धाम शिविर पूरी तरह तबाह

नारायण धाम शिविर में कुल 15 टेंट लगे हुए थे, जिनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी ठहरे हुए थे।

आग लगते ही शिविर के अंदर धुआं भर गया। लोगों में अफरातफरी मच गई और सभी बाहर की ओर भागने लगे। पुलिस ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी।

10 मिनट में पहुंची दमकल, लेकिन शिविर जल चुका था

सूचना मिलते ही 10 मिनट के अंदर एक-एक करके दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।

हालांकि तब तक—

  • मुख्य शिविर पूरी तरह जल चुका था

  • सभी टेंट खाक हो चुके थे

  • आसपास की करीब 20 दुकानें भी जल गई थीं

सभी कल्पवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सीएम योगी के करीबी संत मौके पर पहुंचे

घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी के करीबी संत सतुआ बाबा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की।

टेंट लगाने वाली कंपनी का विवरण

जिन शिविरों में आग लगी, वहां टेंट लगाने का काम लल्लू एंड संस और लल्लू ब्रदर्स ने किया था। दोनों कंपनियां एक ही परिवार से जुड़ी बताई जा रही हैं।

तेज हवा बनी आग फैलने की बड़ी वजह

दमकल अधिकारियों के मुताबिक उस समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को तेजी से फैलने में बड़ी भूमिका निभाई। फूस और कपड़े से बने टेंट हवा के साथ तुरंत आग पकड़ लेते हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए।

लगातार अग्निकांड से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

लगातार दो दिनों में आग की घटनाओं ने माघ मेले की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कल्पवासी और संत संगठनों ने मांग की है कि—

  • दीये और खुले अग्नि स्रोतों पर सख्ती हो

  • टेंटों के बीच सुरक्षित दूरी तय की जाए

  • फायर ऑडिट को और मजबूत किया जाए

प्रशासन अलर्ट, निगरानी बढ़ाई गई

प्रशासन ने बताया कि अब मेला क्षेत्र में—

  • अतिरिक्त फायर टीमों की तैनाती

  • शिविरों में नियमित जांच

  • खुले दीये और अलाव पर निगरानी

बढ़ा दी गई है, ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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