Republic Day Parade 2026: कर्तव्य पथ पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पराक्रम, परंपरा और आत्मनिर्भर भारत की शक्ति का विराट प्रदर्शन Read it later

Republic Day Parade के साथ देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर भारत की झलक देखने को मिली। ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन, झांकियां, फ्लाई-पास्ट और वीरता सम्मान इस समारोह के मुख्य आकर्षण रहे।

Table of Contents

कर्तव्य पथ पर ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस परेड

देश की राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की परेड पूरे शौर्य और गरिमा के साथ आयोजित की गई। राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके साथ ही परेड का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन और पैराट्रूपर्स का साहसिक प्रदर्शन

परेड के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन’ आकर्षण का केंद्र रहा। आकाश से उतरे पैराट्रूपर्स ने सटीक लैंडिंग कर सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही सूर्यास्त्र और MI-17 हेलिकॉप्टर्स ने कर्तव्य पथ पर पुष्पवर्षा की।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र

वीरता सम्मान समारोह में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान असाधारण साहस, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया गया।

मुख्य अतिथि और अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति

Republic Day Parade 2026

इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन रहे। उनकी उपस्थिति ने भारत-यूरोप संबंधों की मजबूती को दर्शाया।

कर्तव्य पथ पर परेड में यूरोपीय संघ का दस्ता भी शामिल हुआ

कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ (EU) का सैन्य दस्ता भी शामिल हुआ। यूरोपीय संघ की ओर से सैन्य प्रतिनिधित्व EU Military Staff के डायरेक्टर जनरल कर्नल फ्रेडरिक साइमोन स्प्रुइट ने किया। वे परेड के दौरान एक जिप्सी वाहन में सवार नजर आए।

‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित परेड

मुख्य परेड की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई। लगभग 90 मिनट तक चले इस समारोह में देश की सांस्कृतिक, सैन्य और तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।

30 झांकियों में दिखा आत्मनिर्भर भारत का संदेश

परेड के दौरान कुल 30 झांकियां निकाली गईं। ये झांकियां ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित रहीं, जिनमें राज्यों और केंद्र सरकार की उपलब्धियां दिखाई गईं।

परेड में राज्यों और मंत्रालयों की 30 झांकियां, 2,500 कलाकारों की भागीदारी

गणतंत्र दिवस परेड में देशभर के राज्यों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की कुल 30 से अधिक झांकियां शामिल रहीं। इन झांकियों में करीब 2,500 कलाकारों ने हिस्सा लिया। नागपुर स्थित ‘श्रीकृष्ण नृत्यालयम’ के 50 से अधिक कलाकारों ने मोहिनीअट्टम नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का ध्यान खींचा।

MY भारत NSS मार्चिंग ग्रुप का नेतृत्व जयपुर की चारू सिंह ने किया

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख डायरेक्टोरेट के SD बॉयज कंटिंजेंट का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर तौहीद अल्ताफ ने किया। उन्होंने 148 बॉयज कैडेट के दल को कमांड किया। इसके बाद 200 वॉलेंटियर्स वाले MY Bharat NSS Marching Group का नेतृत्व जयपुर (राजस्थान) की चारू सिंह ने संभाला।

‘वंदे मातरम्’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित रहीं झांकियां

परेड में एक-एक कर 30 झांकियां निकाली गईं। इनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की, जबकि 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की थीं। सभी झांकियां ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ की व्यापक थीम पर आधारित रहीं।

148 गर्ल्स कैडेट वाले NCC दल का नेतृत्व मानसी विश्वकर्मा ने किया

उत्तराखंड डायरेक्टोरेट की सीनियर विंग गर्ल्स NCC टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने किया। उनके नेतृत्व में 148 गर्ल्स कैडेट्स ने कर्तव्य पथ पर अनुशासित और समन्वित मार्च किया।

महिला भारतीय तटरक्षक दल का नेतृत्व

महिला भारतीय तटरक्षक दल का नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट निशी शर्मा ने किया। उनके साथ असिस्टेंट कमांडेंट अपूर्वा गौतम होरे, लक्षिता और हार्दिक शामिल रहीं। यह दल महिला सशक्तिकरण और सैन्य नेतृत्व का प्रतीक बना।

तीनों सेनाओं की वेटरन्स झांकी

‘संग्राम से राष्ट्रनिर्माण तक’ थीम पर आधारित तीनों सेनाओं की वेटरन्स झांकी ने युद्ध से लेकर आधुनिक राष्ट्रनिर्माण तक की यात्रा को दर्शाया। इसमें 3D गोलाकार दीवार, वॉर मशीनें और अमर जवान ज्योति का प्रतीक शामिल रहा।

सिंदूर फॉर्मेशन में राफेल, मिग-29 और सुखोई

भारतीय वायु सेना के मार्चिंग दस्ते के साथ तालमेल में ‘स्पीयरहेड’ फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग-29, 2 Su-30 और 1 जगुआर ने फ्लाई-पास्ट किया। यह फॉर्मेशन ऑपरेशन सिंदूर का प्रतीक रहा।

INS विक्रांत और नौसेना की ताकत

परेड की झांकी में 5वीं शताब्दी के सिले हुए जहाज INSV कौंडिन्य, मराठा नौसेना के जहाज, विमानवाहक पोत INS विक्रांत, INS हिमगिरी, INS उदयगिरी, कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी और GSAT-7R सैटेलाइट प्रदर्शित किए गए।

सिख लाइट इन्फैंट्री और संयुक्त सैन्य बैंड

कर्तव्य पथ पर मार्च करने वाले दलों में सिख लाइट इन्फैंट्री, राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, आर्टिलरी रेजिमेंट और संयुक्त सैन्य बैंड शामिल रहे।

एनिमल कंटिंजेंट और हिम योद्धा

परेड में बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू, चील और भारतीय नस्ल के सैन्य कुत्ते शामिल हुए। ये सभी बुलेट-प्रूफ जैकेट, GPS और एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम से लैस थे। ग्लेशियर ऑल-टेरेन व्हीकल भी प्रदर्शित किया गया।

गणतंत्र दिवस परेड का राष्ट्रीय संदेश

पूरे समारोह में एक स्पष्ट संदेश उभरा—भारत सैन्य रूप से सक्षम, तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र है।

ये भी पढ़ें :

Mission Gaganyaan:अंतरिक्ष यात्रा पर भारत के बढ़े कदम, क्रू एस्केप सिस्टम का सफल परीक्षण

Like and Follow us on :

Telegram | Facebook | Instagram | Twitter | Pinterest | Linkedin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *