फरारी में दो प्रेमिकाएं, फर्जी नाम और फल कारोबारी का भेष: कोल्हापुर के रेस्टोरेंट में ऐसे खुला गैंगस्टर पपला का राज
Papala उर्फ विक्रम गुर्जर की 27 जनवरी 2021 को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में लगातार खुलासे हुए। पता चला कि कोल्हापुर में प्रेमिका जिया से पहले वह एक और महिला के साथ रह रहा था।

Papala हरियाणा और राजस्थान पुलिस का मोस्ट वांटेड बदमाश था। वह कोल्हापुर में पहचान छिपाकर रह रहा था। जिया से मिलने के बाद उसने पहली महिला को छोड़ दिया था।
रेस्टोरेंट में आमने-सामने आईं दोनों महिलाएं
पुलिस सूत्रों के अनुसार जिया करीब एक महीने से पपला के साथ लिव-इन में रह रही थी। एक दिन पपला उसे लेकर कोल्हापुर के एक रेस्टोरेंट गया।
उसी समय वहां पहली महिला भी पहुंच गई। तीनों आमने-सामने हुए तो जिया को सच्चाई पता चली। इससे वह भड़क गई।
दोनों महिलाओं के बीच जमकर बहस हुई। सूत्रों के मुताबिक गुस्से में जिया ने पपला को भी नोंच डाला। पपला ने किसी तरह उसे समझाया और शादी का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों लौट आए।
नौकरानी ने करवाई थी पहली महिला से मुलाकात
पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान पपला बार-बार घर बदलता था। कोल्हापुर में उसके घर की घरेलू नौकरानी ने एक महिला से उसकी मुलाकात करवाई।
महिला अकेली रहती थी और उसका 4 साल का बेटा था। कुछ मुलाकातों के बाद दोनों लिव-इन में रहने लगे।
पुलिस का मानना है कि पपला सोची-समझी योजना के तहत महिलाओं के साथ रहता था। मकसद यह था कि किसी को उस पर शक न हो।
आयुर्वेद की पढ़ाई छोड़ जिम ट्रेनर बनी थी जिया
पपला के साथ पकड़ी गई जिया आयुर्वेद के दूसरे साल की छात्रा थी। उसने पढ़ाई अधूरी छोड़ दी। फिर कोल्हापुर के एक जिम में ट्रेनर की नौकरी करने लगी।
करीब दो महीने पहले जिम में ही उसकी पपला से मुलाकात हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन में रहने लगे।
26 जनवरी को इसलिए टल गई गिरफ्तारी
जिया को भरोसा था कि पपला उससे शादी करेगा। इसलिए 26 जनवरी को वह पपला को अपने पिता से मिलवाने ले गई थी।
उधर, राजस्थान पुलिस की स्पेशल-26 टीम उसी दिन पपला को पकड़ने के लिए तैयार थी। लेकिन तब तक दोनों घर से निकल चुके थे। पुलिस इंतजार करती रही। रात करीब 11 बजे दोनों लौटे। इस वजह से उस दिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
रात 3 बजे ऑपरेशन, लोगों ने पुलिस पर किया पथराव
रात 3 बजे पुलिस टीम ने पपला को पकड़ने का ऑपरेशन शुरू किया। शोर से आसपास के लोग जाग गए। उन्होंने पुलिस टीम को डकैत समझकर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
अलवर से पहुंची टीम राजस्थानी भाषा में बात कर रही थी। मराठी नहीं जानने से भी दिक्कत हुई। लोग उन्हें बाहर से आए बदमाश समझ बैठे।
आईजी घुमरिया के एक फोन से संभला मामला
जयपुर रेंज आईजी हवासिंह घुमरिया जयपुर से ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने तुरंत अपने बैचमेट आईजी (क्राइम) और कोल्हापुर एसपी को फोन किया। इसके बाद कोल्हापुर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया।
उदल सिंह बनकर 4 महीने से रह रहा था
आईजी घुमरिया ने बताया कि पपला जिस घर से पकड़ा गया, वहां चार महीने से रह रहा था। उसने उदल सिंह नाम से घर किराए पर लिया था। मकान मालिक को उसने खुद को फलों का कारोबारी बताया था। गिरफ्तारी के बाद उसकी असलियत सामने आई।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गैंगस्टर Papala का असली नाम क्या है?
पपला का असली नाम विक्रम गुर्जर है।
पपला को कब और कहां से गिरफ्तार किया गया?
राजस्थान पुलिस ने 27 जनवरी 2021 को उसे महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया था।
कोल्हापुर में पपला किस नाम से रह रहा था?
वह उदल सिंह के फर्जी नाम से खुद को फल कारोबारी बताकर रह रहा था।
